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सरपंच ई-प्रणाली का विरोध नहीं इसे लागू करने में दे सहयोग: धुम्मन
Updated Mon, 02 Apr 2018 12:06 AM IST
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ई-प्रणाली के विरोध मेें सरपंचों का धरना तीसरे दिन भी जारी
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। भाजपा लीगल सेल के प्रदेश संयोजक धुम्मन सिंह किरमच ने कहा कि प्रदेश में 6204 पंचायतों में से 3208 में ई प्रणाली लागू हो चुकी है। जो पंचायतें इस प्रणाली से नहीं जुड़ना चाहती हैं वे प्रस्ताव डालकर सरकार के पास भेज सकती हैं। वे रविवार को किसान विश्राम गृह में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरपंचों ने ई प्रणाली में जो खामियां सरकार के सामने रखी थीं उन्हें दूर कर दिया गया है। सरपंचों को नगद पैसे के प्रयोग में भी छूट दी गई है । काम के पूरा होने के बाद ही उसका ब्योरा ऑनलाइन करना होगा। निमार्णाधीन प्रक्रिया के दौरान कोई ऑनलाइन जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी। विपक्षी दल कुछ सरपंचों को साथ लेकर मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं। इस प्रणाली का विरोध करने की बजाय इसमें सुझाव देकर सरकार द्वारा इसे लागू करने में अपना योगदान देना चाहिए। इस मौके पर उनके साथ रामधारी शर्मा, रघुविंद्र मोरथली, शैंटी जखवाला, विकल चौबे, राकेश पुरोहित, मांगे राम कौशिक, सुखदेव, नरेंद्र तनेजा, हिमांशु सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उधर ई प्रणाली लागू व ग्राम सचिवों को सस्पेंड करने के विरोध में सरपंचों ने तीसरे दिन भी बीडीपीओ कार्यालय पर धरना दिया। संयुक्त रूप से सरपंचों ने कहा कि सरकार जबरन उन पर ई-प्रणाली थोप रही है। ई प्रणाली से पंचायतों को जोे से सरपंचों को भारी परेशानी होगी। जब तक सरकार ई-प्रणाली बंद नहीं करेगी और सस्पेंड ग्राम सचिवों को बहाल नहीं करती उनका धरना जारी रहेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस मौके पर सरपंच व ग्राम सचिव मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। भाजपा लीगल सेल के प्रदेश संयोजक धुम्मन सिंह किरमच ने कहा कि प्रदेश में 6204 पंचायतों में से 3208 में ई प्रणाली लागू हो चुकी है। जो पंचायतें इस प्रणाली से नहीं जुड़ना चाहती हैं वे प्रस्ताव डालकर सरकार के पास भेज सकती हैं। वे रविवार को किसान विश्राम गृह में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सरपंचों ने ई प्रणाली में जो खामियां सरकार के सामने रखी थीं उन्हें दूर कर दिया गया है। सरपंचों को नगद पैसे के प्रयोग में भी छूट दी गई है । काम के पूरा होने के बाद ही उसका ब्योरा ऑनलाइन करना होगा। निमार्णाधीन प्रक्रिया के दौरान कोई ऑनलाइन जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी। विपक्षी दल कुछ सरपंचों को साथ लेकर मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं। इस प्रणाली का विरोध करने की बजाय इसमें सुझाव देकर सरकार द्वारा इसे लागू करने में अपना योगदान देना चाहिए। इस मौके पर उनके साथ रामधारी शर्मा, रघुविंद्र मोरथली, शैंटी जखवाला, विकल चौबे, राकेश पुरोहित, मांगे राम कौशिक, सुखदेव, नरेंद्र तनेजा, हिमांशु सहित कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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उधर ई प्रणाली लागू व ग्राम सचिवों को सस्पेंड करने के विरोध में सरपंचों ने तीसरे दिन भी बीडीपीओ कार्यालय पर धरना दिया। संयुक्त रूप से सरपंचों ने कहा कि सरकार जबरन उन पर ई-प्रणाली थोप रही है। ई प्रणाली से पंचायतों को जोे से सरपंचों को भारी परेशानी होगी। जब तक सरकार ई-प्रणाली बंद नहीं करेगी और सस्पेंड ग्राम सचिवों को बहाल नहीं करती उनका धरना जारी रहेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस मौके पर सरपंच व ग्राम सचिव मौजूद रहे।
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