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कुरुक्षेत्र स्टेशन पर आधी अधूरी तैयारियों का जायजा लेकर चले गए रेल राज्यमंत्री
Updated Tue, 28 Nov 2017 12:46 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
गीता जयंती महोत्सव एवं अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए सोमवार को धर्मनगरी पहुंचे रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा आधी अधूरी तैयारियों का जायजा लेकर लौट गए। इस दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर में विभिन्न कार्यालयों का दौरा करते हुए अधिकारियों से बात भी की। लेकिन, इस सबका रेलवे प्रशासन पर कोई खास असर नजर नहीं आया।
राज्यमंत्री के आगमन को लेकर और पैसेंजर सेफ्टी के मद्देनजर स्टेशन पर सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई थी। लेकिन, संदिग्ध लोगों और आपत्तिजनक सामग्री को रेलवे परिसर में दाखिल होने से रोकने के लिए डोर मेटल डिटेक्टर मशीन का प्रबंध तक नहीं किया गया था। जानकारी हासिल की गई तो सामने आया कि मशीन कई दिनों से खराब है। इसे वीआईपी की सुरक्षा के लिए भी ठीक नहीं कराया गया।
राज्यमंत्री के रेलवे स्टेशन के परिसर में पहुंचने के बाद भी यात्रियों ने पटरी पार करना जारी रखा। अधिकांश सुरक्षा कर्मी राज्यमंत्री के आसपास रहे, उन्होंने भी पटरी पार कर रहे यात्रियों को रोकने की जहमत नहीं उठाई। लोकल और दिल्ली से आए आरपीएफ के अधिकतर सुरक्षा कर्मी स्टेशन के मुख्य मार्ग, एंट्री गेट और चौकी के निकट ड्यूटी पर रहे। जीआरपी के कर्मी प्लेटफार्म के निकट, थाना और मेन एंट्री गेट से होकर टिकट खिड़की के सामने बगैर मेटल डिटेक्टर मशीन के सुरक्षा प्रबंधों में जुटे रहे।
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सुरक्षा में नहीं बरत रहे कोताही : आरपीएफ प्रभारी
आरपीएफ चौकी प्रभारी नरेश कुमार ने कहा कि उनकी तरफ से करीब 15 कर्मियों को दिल्ली से बुलाया गया था। यहां का स्टाफ भी सुरक्षा में तैनात रहा। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मी तैनात थे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर स्टेशन परिसर में वह खुद भी दौरे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेटल डिटेक्टर मशीन उपलब्ध कराने का जिम्मा जीआरपी का है।
डोर मेटल डिटेक्टर है खराब : जीआरपी एसएचओ
जीआरपी थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि वीआईपी सुरक्षा के मद्देनजर विशेष तौर पर स्वैट दस्ता बुलाया गया था। इसके अलावा लोकल और लाइन से करीब 30 सुरक्षा कर्मी ड्यूटी पर रहे। उन्होंने कहा कि डोर मेटल डिटेक्टर मशीन की यहां जरूरत है, लेकिन यह खराब है। जल्द ही इसे ठीक कराया जाएगा।
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कुरुक्षेत्र।
गीता जयंती महोत्सव एवं अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए सोमवार को धर्मनगरी पहुंचे रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा आधी अधूरी तैयारियों का जायजा लेकर लौट गए। इस दौरान उन्होंने स्टेशन परिसर में विभिन्न कार्यालयों का दौरा करते हुए अधिकारियों से बात भी की। लेकिन, इस सबका रेलवे प्रशासन पर कोई खास असर नजर नहीं आया।
राज्यमंत्री के आगमन को लेकर और पैसेंजर सेफ्टी के मद्देनजर स्टेशन पर सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई थी। लेकिन, संदिग्ध लोगों और आपत्तिजनक सामग्री को रेलवे परिसर में दाखिल होने से रोकने के लिए डोर मेटल डिटेक्टर मशीन का प्रबंध तक नहीं किया गया था। जानकारी हासिल की गई तो सामने आया कि मशीन कई दिनों से खराब है। इसे वीआईपी की सुरक्षा के लिए भी ठीक नहीं कराया गया।
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राज्यमंत्री के रेलवे स्टेशन के परिसर में पहुंचने के बाद भी यात्रियों ने पटरी पार करना जारी रखा। अधिकांश सुरक्षा कर्मी राज्यमंत्री के आसपास रहे, उन्होंने भी पटरी पार कर रहे यात्रियों को रोकने की जहमत नहीं उठाई। लोकल और दिल्ली से आए आरपीएफ के अधिकतर सुरक्षा कर्मी स्टेशन के मुख्य मार्ग, एंट्री गेट और चौकी के निकट ड्यूटी पर रहे। जीआरपी के कर्मी प्लेटफार्म के निकट, थाना और मेन एंट्री गेट से होकर टिकट खिड़की के सामने बगैर मेटल डिटेक्टर मशीन के सुरक्षा प्रबंधों में जुटे रहे।
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सुरक्षा में नहीं बरत रहे कोताही : आरपीएफ प्रभारी
आरपीएफ चौकी प्रभारी नरेश कुमार ने कहा कि उनकी तरफ से करीब 15 कर्मियों को दिल्ली से बुलाया गया था। यहां का स्टाफ भी सुरक्षा में तैनात रहा। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मी तैनात थे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर स्टेशन परिसर में वह खुद भी दौरे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेटल डिटेक्टर मशीन उपलब्ध कराने का जिम्मा जीआरपी का है।
डोर मेटल डिटेक्टर है खराब : जीआरपी एसएचओ
जीआरपी थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि वीआईपी सुरक्षा के मद्देनजर विशेष तौर पर स्वैट दस्ता बुलाया गया था। इसके अलावा लोकल और लाइन से करीब 30 सुरक्षा कर्मी ड्यूटी पर रहे। उन्होंने कहा कि डोर मेटल डिटेक्टर मशीन की यहां जरूरत है, लेकिन यह खराब है। जल्द ही इसे ठीक कराया जाएगा।