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जाट सभा का विवाद गहराया, आमने-सामने हुई नई व पुरानी कमेटी
Updated Fri, 13 Apr 2018 12:12 AM IST
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जाट सभा का विवाद गहराया, आमने-सामने हुई नई व पुरानी कमेटी
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट सभा का विवाद गहरा गया है। जहां गत चार अप्रैल को ही जाट धर्मशाला में हुई बैठक के दौरान बनाई गई नई कमेटी ने सदस्यता शुरू किए जाने का निर्णय लिया वहीं पुरानी कमेटी ने इस पर सवाल उठा दिए है। वीरवार को प्रधान राजकुमार ढुल की ओर से प्रेस को जारी ब्यान में बताया गया कि जाट सभा की सदस्यता खोले जाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है । यहां तक कि नई कमेटी के गठन से भी इंकार किया गया और बताया कि जाट धर्मशाला में 9 हजार वोट व 55 कॉलेजियम बने हुए है। नई कमेटी का गठन इन कॉलेजियम से किया जाएगा। वहीं धन्ना भगत शिक्षण संस्थान के प्रधान फतेह सिंह की ओर से प्रेस को भेजे ब्यान में कहा गया है कि संस्थान की सदस्यता नहीं खोली गई है। इसी मामले को लेकर वीरवार को संस्थान में एक बैैठक भी हुई। वहीं नई कमेटी के प्रधान अंग्रेज सिंह का कहना है कि सात जनवरी को ही पूर्व प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था जबकि उस दौरान समाज ने चौधरी छोटू राम जयंती तक इस कमेटी द्वारा कार्य किए जाने को कहा गया था। यहीं नहीं उसी दौरान हुई सभा में कहा गया था कि चौधरी छोटू राम जयंती के बाद कभी भी नई कमेटी सभा की बैठक कर बुलाई जा सकती है और चार अप्रैल को समाज के लोगों की बैठक हुई, जिसमें ही नई कमेटी का गठन किया गया। सदस्यता भी कभी बंद नहीं की जा सकती।
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट सभा का विवाद गहरा गया है। जहां गत चार अप्रैल को ही जाट धर्मशाला में हुई बैठक के दौरान बनाई गई नई कमेटी ने सदस्यता शुरू किए जाने का निर्णय लिया वहीं पुरानी कमेटी ने इस पर सवाल उठा दिए है। वीरवार को प्रधान राजकुमार ढुल की ओर से प्रेस को जारी ब्यान में बताया गया कि जाट सभा की सदस्यता खोले जाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है । यहां तक कि नई कमेटी के गठन से भी इंकार किया गया और बताया कि जाट धर्मशाला में 9 हजार वोट व 55 कॉलेजियम बने हुए है। नई कमेटी का गठन इन कॉलेजियम से किया जाएगा। वहीं धन्ना भगत शिक्षण संस्थान के प्रधान फतेह सिंह की ओर से प्रेस को भेजे ब्यान में कहा गया है कि संस्थान की सदस्यता नहीं खोली गई है। इसी मामले को लेकर वीरवार को संस्थान में एक बैैठक भी हुई। वहीं नई कमेटी के प्रधान अंग्रेज सिंह का कहना है कि सात जनवरी को ही पूर्व प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था जबकि उस दौरान समाज ने चौधरी छोटू राम जयंती तक इस कमेटी द्वारा कार्य किए जाने को कहा गया था। यहीं नहीं उसी दौरान हुई सभा में कहा गया था कि चौधरी छोटू राम जयंती के बाद कभी भी नई कमेटी सभा की बैठक कर बुलाई जा सकती है और चार अप्रैल को समाज के लोगों की बैठक हुई, जिसमें ही नई कमेटी का गठन किया गया। सदस्यता भी कभी बंद नहीं की जा सकती।