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साहब ! यहां से नाक कपड़ा रखकर गुजरना पड़ता है

Mon, 06 Nov 2017 12:19 AM IST
Updated Mon, 06 Nov 2017 12:19 AM IST
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साहब ! यहां से नाक कपड़ा रखकर गुजरना पड़ता है
साहब ! यहां से नाक पर कपड़ा रखकर गुजरना पड़ता है
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
थानेसर नगर परिषद के अवैध दूध की डेयरियों पर कार्रवाई न होने के कारण यहां हमेशा दुर्गंध आती रहती है। अब नौबत नाक पर कपड़ा रख कर चलने तक की आ चुकी है। लोग को सड़कों पर लगे गंदगी के अंबार से बच-बचकर निकलना पड़ता है। इतनी बद्तर स्थिति के बावजूद स्थानीय प्रशासन और सरकार कुरुक्षेत्र को विश्व के मानचित्र पर स्थान दिलाने का दावा करती है। अवैध रूप से रिहायशी क्षेत्रों में चल रहीं ऐसी अनगिनत दूध की डेयरी के संचालकों पर एक्शन लेना तो दूर नगर परिषद के पास इनका सही आंकड़ा तक नहीं है। मसीता हाऊस, खातापुर मुहल्ला, पत्थरों वाली गली, अंचला चौक, दर्राखेड़ा, महादेव मुहल्ला, चौताला मुहल्ला, चक्रवर्ती मुहल्ला, राजेंद्र नगर, रेलवे रोड, पटेल नगर, न्यू कॉलोनी, कैलाश नगर, आजाद नगर, कल्याण नगर, शांतिनगर आदि दर्जनों मुहल्लों और कॉलोनियाें में अवैध रूप से दूध की डेयरियां चल रही हैं। इनसे निकला गोबर को या तो नाले और नालियों में बहाया जा रहा है, या फिर आसपास के खाली क्षेत्र में फेंक जा रहा है।
वार्ड नंबर 31 महादेव मुहल्ला वासी सुरेंद्र शर्मा, जंगबहादुर और शिव कुमार गोयल ने बताया कि इस क्षेत्र के लोग पिछले ढाई साल में थानेसर नगर परिषद ऑफिस, डीसी ऑफिस और सीएम विंडो तक पर शिकायतें दे चुके हैं। इसके बावजूद उनकी गली में गोबर और गंदगी के ढेर लगे हैं। लोगों का यहां रहना तक दुश्वार हो गया है। लोगों को नाक पर कपड़ा रख कर इस सड़क से गुजरना पड़ता है। महादेव मुहल्ला वासियों ने अपील की कि उनकी न सही कम से कम नगर परिषद के उन सफाई कर्मचारियों की ही सोच लें, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद गोबर निकाल कर ढोना पड़ता है। अमर उजाला ने जब इन हालात का रियल्टी चेक करने के बाद नप के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर से संपर्क किया तो उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द डेयरी संचालकों के चालान काटे जाएंगे। यदि फिर भी नहीं मानें तो इनके खिलाफ कोर्ट में केस किया जाएगा।
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सीएसआई बोले इस नियम के तहत होती है कार्रवाई
चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर रूप रविंदर बिश्नोई के मुताबिक रिहायशी क्षेत्रों में दूध की डेयरियों का संचालन करने वालों को नियम तोड़ने के आरोप में नोटिस दिया जाता है। नोटिस के सात दिन बाद भी नियमों की अनदेखी करने वालों पर हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 157-158 के तहत जुर्माना लगाया जाता है। फिर भी स्थिति में सुधार नहीं होता तो लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नगर परिषद 133 सीआरपीसी तहत एसडीएम कोर्ट में केस करती है।
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अब तक सिर्फ चार के खिलाफ किया गया केस
नगर परिषद की लापरवाही इसी से पता चलती है कि पूरे थानेसर शहर के अनेक इलाकों में नाले और नालियां अवैध रूप से दूध की डेयरियां चलाने वालों की वजह से गोबर से अटे पड़े हैं। इसके बावजूद नगर परिषद ने सिर्फ चार लोगों के खिलाफ कोर्ट में केस किया है। इसकी पुष्टि नगर परिषद के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर रूप रविंदर बिश्नोई ने भी की है।

कितने के चालान काटे, पता ही नहीं
सीएसआई से जब पूछा गया कि अब तक लापरवाही बरतने वाले कितने डेयरी संचालकों के खिलाफ चालान काटे गए तो उन्होंने इसकी जानकारी होने से ही इनकार कर दिया। बोले कि, रिकॉर्ड इंस्पेक्टर की अलमारी में है। बता दें कि नगर परिषद की इस लचर व्यवस्था के कारण नागरिकों के साथ ही गोबर साफ करने वाले सफाई कर्मियों को भी परेशानी होती है।


मिलीभगत और प्रभाव की जुगलबंदी का नतीजा
दूध की अवैध डेयरियों परेशान रिहायशी क्षेत्रों के लोगों का आरोप है कि कई शिकायतों के बावजूद नगर परिषद के कार्रवाई न करने से लगता है कि अधिकारी डेयरी संचालकों से मिले हुए हैं।
इन सातों विषयों में थानेसर नप हुई फेल
शहर में कैटल फ्री में फेल
पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने में फेल
स्वच्छता अभियान में फेल
बीस साल में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में फेल
लाखों के ई-टॉयलेट लगवाए, मगर इन्हीं के आगे शौच करने वालों को नहीं रोक सकी
सड़कों पर हुए अतिक्रमण को हटाने में फेल
शहर में अवैध निर्माण रोकने में फेल
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