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एनआईटी में ऊर्जा शक्ति और पर्यावरण विषय पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ
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कुरुक्षेत्र। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के महानिदेशक पीके मेहता ने कहाकि रक्षा प्रणालियों का विकास पर्यावरण की सुरक्षा में कोई बाधा उत्पन्न न करें। इस पर काम किया जा रहा है। उन्होंने सभी योजनाओं और प्रभावी हितधारकों के बीच प्रभावी इंटरफेस स्थापित करने के तरीकों के बारे में सुझाव देने वाली योजनाओं और समाधानों पर बल दिया। साथ ही वर्तमान समय में ऊर्जा, शक्ति एवं पर्यावरण के संबंध में हो रहे नए अनुसंधानों के बारे में बताया।
वह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में ‘ऊर्जा शक्ति और पर्यावरण’ विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला के शुभारंभ के दौरान बोल रहे थे। इस तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आईआईटी (कानपुर) , यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड-कॉलेज पार्क, यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस-शिकागो, एनालिटिक एंड कंप्यूटेशनल रिसर्च इंक यूएसए के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
लोकसंपर्क अधिकारी डॉ. पीसी तिवारी ने बताया कि भारत सरकार के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन(डीआरडीओ) के डायरेक्टर जनरल पीके मेहता मुख्य अतिथि एवं नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव जीके गुप्ता विशिष्टि अतिथि रहे। मैरीलेंड विश्वविद्यालय कॉलेज पार्क के प्रो. अश्वनी गुप्ता, एसीआर के अध्यक्ष डॉ. अक्षय रूचल आदि मुख्य रूप रहे।
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विशिष्ट अतिथि जीके गुप्ता ने दुनिया भर में सौर-ऊर्जा के विकास और दोहन पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की और उन्होंने भारत सरकार द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा और मंत्रालय के तह्त किए जा रहे प्रयासों को सांझा किया। उन्होंने भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए नीतियों और कार्यक्रमों के विकास में चल रहे बदलावों के बारे में जानकारी दी। एसएएसई चंडीगढ़ के निदेशक नरेश गुप्ता ने तापमान बढ़ने की खतरनाक स्थिति के बारे में जानकारी दी, जोकि मानव आस्तित्व को नष्ट करने की क्षमता रखती है। इसके अलावा न्यायसंगत विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
संस्थान के निदेशक डॉ. सतीश कुमार ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक छात्र एवं अध्यापक विनियम कार्यक्रम चलाए जाने की बात पर जोर दिया। साथ ही विभिन्न संस्थानों से प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप जैसी चीजों पर संयुक्त रूप से आगे आने का आग्रह किया। कार्यशाला के संयोजक प्रो. पंकज चांदना ने तीन दिनों तक चलने वाली कार्यशाला के बारे में बताते हुए ऊर्जा शक्ति और पर्यावरण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रो. सतहंस ने विभिन्न देशों से आए अतिथियों का आभार जताया। इस अवसर पर प्राध्यापकों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
वह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में ‘ऊर्जा शक्ति और पर्यावरण’ विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला के शुभारंभ के दौरान बोल रहे थे। इस तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आईआईटी (कानपुर) , यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड-कॉलेज पार्क, यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस-शिकागो, एनालिटिक एंड कंप्यूटेशनल रिसर्च इंक यूएसए के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
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लोकसंपर्क अधिकारी डॉ. पीसी तिवारी ने बताया कि भारत सरकार के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन(डीआरडीओ) के डायरेक्टर जनरल पीके मेहता मुख्य अतिथि एवं नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव जीके गुप्ता विशिष्टि अतिथि रहे। मैरीलेंड विश्वविद्यालय कॉलेज पार्क के प्रो. अश्वनी गुप्ता, एसीआर के अध्यक्ष डॉ. अक्षय रूचल आदि मुख्य रूप रहे।
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विशिष्ट अतिथि जीके गुप्ता ने दुनिया भर में सौर-ऊर्जा के विकास और दोहन पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की और उन्होंने भारत सरकार द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा और मंत्रालय के तह्त किए जा रहे प्रयासों को सांझा किया। उन्होंने भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए नीतियों और कार्यक्रमों के विकास में चल रहे बदलावों के बारे में जानकारी दी। एसएएसई चंडीगढ़ के निदेशक नरेश गुप्ता ने तापमान बढ़ने की खतरनाक स्थिति के बारे में जानकारी दी, जोकि मानव आस्तित्व को नष्ट करने की क्षमता रखती है। इसके अलावा न्यायसंगत विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
संस्थान के निदेशक डॉ. सतीश कुमार ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक छात्र एवं अध्यापक विनियम कार्यक्रम चलाए जाने की बात पर जोर दिया। साथ ही विभिन्न संस्थानों से प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप जैसी चीजों पर संयुक्त रूप से आगे आने का आग्रह किया। कार्यशाला के संयोजक प्रो. पंकज चांदना ने तीन दिनों तक चलने वाली कार्यशाला के बारे में बताते हुए ऊर्जा शक्ति और पर्यावरण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रो. सतहंस ने विभिन्न देशों से आए अतिथियों का आभार जताया। इस अवसर पर प्राध्यापकों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे।