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जाट धर्मशाला की चौधर का मामला शांत हुआ तो अब प्रशासक पर लगाए

Rohtak Bureau Updated Wed, 12 Sep 2018 12:51 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला की चौधर को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी पूरी तरह से शांत नहीं हुआ कि अब प्रशासक पर ही अनजान लोगों को अवैध रूप से 87 हजार रुपये दिए जाने के आरोप लगाए है। पूर्व प्रधान ने अन्य लोगों के साथ मिलकर इस संबंध में जिला उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया को शिकायत भी दी है, जिसमें उन्होंने उक्त राशि की भरपाई किए जाने की मांग की है । उन्होंने चेतावनी दी है कि यह भरपाई व पूरे मामले की जांच नहीं की गई तो वे उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे। इसी दौरान पूर्व प्रधान अंग्रेज सिंह, दलबीर सिंह आदि ने आरोप लगाया कि जाट धर्मशाला के चल रहे मामले को लेकर करनाल के एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक को प्रशासक लगाया हुआ है, लेकिन आज तक धर्मशाला की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पाई है। जहां 20 जुलाई से लेकर चले विवाद के बीच धर्मशाला में आमदनी को कुछ लोगों ने मनमाने तौर पर खर्च किया तो उसकी जांच आज तक नहीं की जा सकी। अब प्रशासक ने अवैध तौर पर उन अनजान लोगों को 10 सितंबर को उक्त राशि बांट दी है, जो धर्मशाला के कर्मचारी भी नहीं है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जांच कराते हुए राशि की भरपाई जल्द से जल्द कराई जाए । उन्होंने चेतावनी दी है कि यह भरपाई नहीं की गई तो समाज को एकत्रित कर जिला उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बता दें कि 20 जुलाई को समाज की बैठक में कर्मवीर घराड़सी की प्रधानगी में नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया था, जिसके बाद कर्मवीर व अंग्रेज सिंह गुट में खींचतान बढ़ गई थी। इसी के चलते ही पहले एसडीएम थानेसर अनिल यादव को प्रशासक लगाया गया था, लेकिन समाज के लोगों की शिकायत के बाद मुख्यमंत्री ने उनकी जगह करनाल एसडीएम नरेंद्र पाल सिंह को प्रशासक नियुक्त किया था।

प्रशासक की ओर से सही कर्मचारियों को बांटी गई राशि : कर्मवीर
जाट धर्मशाला एवं सभा के नवनियुक्त प्रधान कर्मवीर घराड़सी का कहना है कि प्रशासक अच्छी तरह से जानते है कि धर्मशाला में कौन- कौन कर्मचारी है। उन्होंने जो भी राशि जिन्हें दी है, वही सही है। अंग्रेज सिंह द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद है। मुख्यमंत्री से धर्मशाला व सभा के लेन-देन आदि की जांच को लेकर मुख्यमंत्री से एसआईटी का गठन करने की मांग की गई है। यह एसआईटी अंग्रेज सिंह के समय के दौरान हुए सभी कारनामों को समाज व सरकार के सामने लाकर रख देगी।

मैनेजर को जांच के लिए दिए निर्देश : नरेंद्र पाल
प्रशासक नरेंद्र पाल सिंह का कहना है कि 87 हजार रुपये की राशि धर्मशाला व सभा के कर्मचारियों को दी गई है। इसमें कोई गलती न रही हो, यह जांच के लिए मैनेजर को निर्देश दे दिए है। जो भी गलती रही होगी उसे दुरूस्त कर लिया जाएगा, लेकिन किसी के भी अनावश्यक दबाव के चलते कोई कार्य नहीं होगा। उनके पास भी जिला उपायुक्त को दी शिकायत की सूचना पहुंची है। वे खुद भी इसकी जांच के लिए तैयार है। उक्त राशि कितने लोगों को दी गई यह रिकार्ड को देखकर ही पता चल सकेगा।

जाट धर्मशाला में दान की रसीद अवश्य लें दानकर्ता: प्रशासक
जाट धर्मशाला के प्रशासक एवं एसडीएम नरेंद्र पाल मलिक ने कहा कि अब जाट धर्मशाला प्रशासक के अधीन है। इसलिए कोई भी दानी दान देने के बाद रसीद अवश्य प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति जाट धर्मशाला में दान की राशि जमा करवाता है, वह रसीद प्राप्त करते समय रसीद पर प्रशासक की मोहर अवश्य देखें। बिना प्रशासक की मोहर के कोई भी रसीद मान्य नहीं होगी।

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