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सोलर पॉवर प्लांट योजना तीन वर्षो से अधर में लटकी
Updated Mon, 02 Apr 2018 12:12 AM IST
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सोलर पावर प्लांट लगवाने का समय खत्म, तीन साल में दस ने ही लगवाए
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। बिजली बचान और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रदेश सरकार के प्रयासों के चलते लागू की गई ग्रिड कनेक्टिड रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। योजना को अनिवार्य किए जाने के बावजूद निजी स्कूलों ने इसे लगवाने में रुचि नहीं दिखाई। यही कारण है कि वर्ष 2014 से लेकर आज तक इस योजना को अपनाने वाले स्कूलों की संख्या दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई है। यही नहीं धर्म नगरी स्थित सभी बिरादरी की धर्मशालाओं की भी स्थिति यही है। महज जाट व गुर्जर धर्मशाला ने इस योजना को अपनाया है। वहीं अब अधिकारी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा लगाए जा रहे 600 किलोवाट के इस प्लांट को लेकर ही संतोष जाहिर कर रहे हैं। 2014 में शुरू की गई इस योजना को प्रदेश सरकार ने हर सरकारी व निजी शिक्षण व सामाजिक संस्थान के लिए अनिवार्य कर दिया था। सभी संस्थानों को पत्र भेजकर इसकी जानकारी भी दी गई थी। योजना शुरू होने से लेकर अब तक 4 बार निजी स्कूल संचालक व प्रतिनिधियों की बैठक खुद नोडल अधिकारी एवं जिला अतिरिक्त उपायुक्त कर चुके हैं। इतना ही नहीं पहले यह योजना अपनाने के लिए 31 मार्च 2017 अंतिम तिथि तय की गई थी जिसे बाद बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दिया गया। इसके साथ ही स्कूलों व अन्य संस्थानों को नोटिस भेजे गए कि अगर प्लांट नहीं लगाए तो बिजली कनेक्शन काट दिए जाएंगे। अगर प्लांट लगाएंगे तो बड़े स्तर पर सब्सिडी दी जाएगी। इसके बावजदूत भी इस योजना में किसी ने रुचि नहीं दिखाई। बता दें कि यह प्लांट उन संस्थानों के लिए जरूरी है जिनकी बिजली खपत क्षमता 30 किलोवाट से अधिक है।
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इन संस्थानों ने लगाए प्लांट
अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के अनुसार योजना के तहत जाट धर्मशाला ने 100 किलोवाट तो गुर्जर धर्मशाला ने 30 किलोवाट के सौर ऊर्जा प्लांट लगाए हैं। यह प्लांट लगाने वाले शिक्षण संस्थानों में जनता सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुरुनानक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, महंत प्रभातपुरी विद्यालय, डीपीएस, सैनी पब्लिक स्कूल, इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल, गुरुनानक देव अकादमी पिहोवा, विश्वास पब्लिक स्कूल शाहाबाद के अलावा दो अन्य संस्थान शामिल हैं।
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सेंक्सन पांच माह होने के बाद भी प्लांट नहीं लगाने पर किया रद्द
सूत्रों के अनुसार अग्रसेन पब्लिक स्कूल, विजडम वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल इस्माईलाबाद, टेरी पब्लिक स्कूल, सरस्वती आईटीआई, भारत इंस्टीट्यूट, एसकेएस शिक्षण संस्थान, बलबीर सिंह दत्ता पब्लिक स्कूल पिहोवा ने इस योजना के लिए आवेदन किया। प्रशासनिक तौर पर इसके लिए सेंक्शन भी दी गई। इसके बावजूद इन संस्थानों की ओर से ये प्लांट नहीं लगाए गए। करीब पांच माह राह देखने के बाद प्रशासन ने यह सेंक्सन रद्द कर दिया। अब इन संस्थानों को भी नए आवेदन करने होंगे।
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अब होंगे नोटिस जारी, कट सकती है बिजली
जिला प्रशासन ने अपनी मनमानी कर रहे सभी संस्थानों को नोटिस देने की तैयारी कर दी है। अप्रैल के पहले सप्ताह में ही ये नोटिस दिए जाने की योजना है। इस बार ये नोटिस दिए जाने के कुछ समय बाद तक भी प्लांट नहीं लगाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि सेंक्सन ले चुके संस्थानों की सबसे पहले बिजली काटी जा सकती है।
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30 फीसदी सब्सिडी, अगले वर्ष हो सकती है बंद
अभी तक ये प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से 30 फीसदी सब्सिडी दी जा रही थी। वहीं सूत्रों की मानें तो सरकार अगले वर्ष से यह सब्सिडी बंद कर सकती है। ऐसे में जो संस्थान ये प्लांट इस वर्ष तक भी नहीं लगवा पाए उन्हें अगले वर्ष ये भारी पड़ सकते हैं।
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प्लांट यहां-यहां लगाना जरूरी : बलवान
परियोजना प्रभारी बलवान सिंह के अनुसार सभी 30 किलोवाट ऊर्जा खर्च करने वाले निजी शिक्षण संस्थान, होस्टल, सभी सरकारी भवन, 50 किलोवाट बिजली खर्च करने वाले निजी अस्पताल, आधा से एक एकड़ की सभी नई हाउसिंग सोसायटी, हाउसिंग बोर्ड, 500 गज के प्लाट में रिहायशी मकान।
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पैनल की आयु 25 वर्ष तक
प्रशासनिक स्तर पर भी दावा किया जा रहा है कि सौर ऊर्जा पैनल की आयु जहां 25 वर्ष है तो वहीं 4 से पांच वर्ष में यह अपनी कीमत पूरी कर देता है। माना जाता है कि 30 किलोवाट ऊर्जा खपत वाले संस्थान पर यह प्लांट लगने के बाद करीब 2400 यूनिट बिजली हर रोज बचेगी।
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जारी होंगे नोटिस, कार्रवाई पर किया जा रहा विचार : एडीसी
तबादले से पहले शुक्रवार को अमर उजाला से बातचीत में एडीसी धर्मवीर सिंह ने बताया कि अनिवार्य होने के बावजूद भी सोलर पैनल न लगाए जाने पर सभी संस्थानों को जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद भी तय समय में पैनल न लगवाने वाले संस्थानों पर कार्रवाई के लिए विचार किया जा रहा है।
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जिला में ये हैैं स्कूलों की स्थिति
संस्थान निजी - सरकारी
सीनियर सेकेंडरी 75 68
हाई स्कूल 52 46
मीडिल स्कूल 38 138
प्राइमरी 25 512
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। बिजली बचान और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रदेश सरकार के प्रयासों के चलते लागू की गई ग्रिड कनेक्टिड रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है। योजना को अनिवार्य किए जाने के बावजूद निजी स्कूलों ने इसे लगवाने में रुचि नहीं दिखाई। यही कारण है कि वर्ष 2014 से लेकर आज तक इस योजना को अपनाने वाले स्कूलों की संख्या दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई है। यही नहीं धर्म नगरी स्थित सभी बिरादरी की धर्मशालाओं की भी स्थिति यही है। महज जाट व गुर्जर धर्मशाला ने इस योजना को अपनाया है। वहीं अब अधिकारी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा लगाए जा रहे 600 किलोवाट के इस प्लांट को लेकर ही संतोष जाहिर कर रहे हैं। 2014 में शुरू की गई इस योजना को प्रदेश सरकार ने हर सरकारी व निजी शिक्षण व सामाजिक संस्थान के लिए अनिवार्य कर दिया था। सभी संस्थानों को पत्र भेजकर इसकी जानकारी भी दी गई थी। योजना शुरू होने से लेकर अब तक 4 बार निजी स्कूल संचालक व प्रतिनिधियों की बैठक खुद नोडल अधिकारी एवं जिला अतिरिक्त उपायुक्त कर चुके हैं। इतना ही नहीं पहले यह योजना अपनाने के लिए 31 मार्च 2017 अंतिम तिथि तय की गई थी जिसे बाद बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दिया गया। इसके साथ ही स्कूलों व अन्य संस्थानों को नोटिस भेजे गए कि अगर प्लांट नहीं लगाए तो बिजली कनेक्शन काट दिए जाएंगे। अगर प्लांट लगाएंगे तो बड़े स्तर पर सब्सिडी दी जाएगी। इसके बावजदूत भी इस योजना में किसी ने रुचि नहीं दिखाई। बता दें कि यह प्लांट उन संस्थानों के लिए जरूरी है जिनकी बिजली खपत क्षमता 30 किलोवाट से अधिक है।
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इन संस्थानों ने लगाए प्लांट
अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय के अनुसार योजना के तहत जाट धर्मशाला ने 100 किलोवाट तो गुर्जर धर्मशाला ने 30 किलोवाट के सौर ऊर्जा प्लांट लगाए हैं। यह प्लांट लगाने वाले शिक्षण संस्थानों में जनता सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुरुनानक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, महंत प्रभातपुरी विद्यालय, डीपीएस, सैनी पब्लिक स्कूल, इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल, गुरुनानक देव अकादमी पिहोवा, विश्वास पब्लिक स्कूल शाहाबाद के अलावा दो अन्य संस्थान शामिल हैं।
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सेंक्सन पांच माह होने के बाद भी प्लांट नहीं लगाने पर किया रद्द
सूत्रों के अनुसार अग्रसेन पब्लिक स्कूल, विजडम वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल इस्माईलाबाद, टेरी पब्लिक स्कूल, सरस्वती आईटीआई, भारत इंस्टीट्यूट, एसकेएस शिक्षण संस्थान, बलबीर सिंह दत्ता पब्लिक स्कूल पिहोवा ने इस योजना के लिए आवेदन किया। प्रशासनिक तौर पर इसके लिए सेंक्शन भी दी गई। इसके बावजूद इन संस्थानों की ओर से ये प्लांट नहीं लगाए गए। करीब पांच माह राह देखने के बाद प्रशासन ने यह सेंक्सन रद्द कर दिया। अब इन संस्थानों को भी नए आवेदन करने होंगे।
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अब होंगे नोटिस जारी, कट सकती है बिजली
जिला प्रशासन ने अपनी मनमानी कर रहे सभी संस्थानों को नोटिस देने की तैयारी कर दी है। अप्रैल के पहले सप्ताह में ही ये नोटिस दिए जाने की योजना है। इस बार ये नोटिस दिए जाने के कुछ समय बाद तक भी प्लांट नहीं लगाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि सेंक्सन ले चुके संस्थानों की सबसे पहले बिजली काटी जा सकती है।
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30 फीसदी सब्सिडी, अगले वर्ष हो सकती है बंद
अभी तक ये प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से 30 फीसदी सब्सिडी दी जा रही थी। वहीं सूत्रों की मानें तो सरकार अगले वर्ष से यह सब्सिडी बंद कर सकती है। ऐसे में जो संस्थान ये प्लांट इस वर्ष तक भी नहीं लगवा पाए उन्हें अगले वर्ष ये भारी पड़ सकते हैं।
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प्लांट यहां-यहां लगाना जरूरी : बलवान
परियोजना प्रभारी बलवान सिंह के अनुसार सभी 30 किलोवाट ऊर्जा खर्च करने वाले निजी शिक्षण संस्थान, होस्टल, सभी सरकारी भवन, 50 किलोवाट बिजली खर्च करने वाले निजी अस्पताल, आधा से एक एकड़ की सभी नई हाउसिंग सोसायटी, हाउसिंग बोर्ड, 500 गज के प्लाट में रिहायशी मकान।
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पैनल की आयु 25 वर्ष तक
प्रशासनिक स्तर पर भी दावा किया जा रहा है कि सौर ऊर्जा पैनल की आयु जहां 25 वर्ष है तो वहीं 4 से पांच वर्ष में यह अपनी कीमत पूरी कर देता है। माना जाता है कि 30 किलोवाट ऊर्जा खपत वाले संस्थान पर यह प्लांट लगने के बाद करीब 2400 यूनिट बिजली हर रोज बचेगी।
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जारी होंगे नोटिस, कार्रवाई पर किया जा रहा विचार : एडीसी
तबादले से पहले शुक्रवार को अमर उजाला से बातचीत में एडीसी धर्मवीर सिंह ने बताया कि अनिवार्य होने के बावजूद भी सोलर पैनल न लगाए जाने पर सभी संस्थानों को जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद भी तय समय में पैनल न लगवाने वाले संस्थानों पर कार्रवाई के लिए विचार किया जा रहा है।
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जिला में ये हैैं स्कूलों की स्थिति
संस्थान निजी - सरकारी
सीनियर सेकेंडरी 75 68
हाई स्कूल 52 46
मीडिल स्कूल 38 138
प्राइमरी 25 512