{"_id":"5a186d744f1c1b69678bdd79","slug":"111511550324-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिजिटल युग में स्व अन्वेषण: श्रीमद्भगवद् गीता दर्शन के परिप्रेक्ष्य विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आज से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिजिटल युग में स्व अन्वेषण: श्रीमद्भगवद् गीता दर्शन के परिप्रेक्ष्य विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आज से
Updated Sat, 25 Nov 2017 12:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 25 नवंबर से डिजिटल युग में स्व अन्वेषण: श्रीमद्भगवद् गीता दर्शन के परिप्रेक्ष्य विषय पर होने वाली तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी करेंगे। विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि इस संगोष्ठी में मुख्यमंत्री मनोहर लाल विशिष्ट अतिथि होंगे। साथ ही देश और दुनिया से बड़ी संख्या में विद्वान भाग लेंगे।
संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, अमेरिका से आए विद्वान डेविड फराले, गुरु रामदास मिशन अमेरिका के अध्यक्ष सतपाल सिंह, स्वामी ज्ञानानंद आदि विद्वान रहेंगे। नौ तकनीकी सत्रों में 200 से अधिक विद्वान श्रीमद्भगवद् गीता के विभिन्न आयामों पर होने वाले बौद्धिक विमर्श में हिस्सा लेंगे। संगोष्ठी की निदेशक प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया इस संगोष्ठी में होने वाले तकनीकी सत्रों में विश्व के कई देशों के साथ देश के विभिन्न राज्यों के विद्वान भाग लेंगे। कांफ्रेंस में प्रतिदिन तीन तकनीकी सत्र होंगे। संगोष्ठी में देश और विदेश से आए 50 से अधिक विद्वानों के विशेष उद्बोधन होंगे। उन्होंने बताया कि लंदन की कार्डिफ यूनिवर्सिटी के प्रो. जेम्स एम हेगरटी और उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह भी विशेष उद्बोधन देंगे।
प्रो. मंजूला ने बताया कि संगोष्ठी के पहले तकनीकी सत्र में ज्ञानानंद महाराज, प्रो. जेम्स हेगरटी, नवादुल फतेह शाहिद, आशुतोष भारद्वाज, अमेरिका से स्टीफन नेप और जापान से अजय नरूला के उद्बोधन होंगे। इसी दिन शाम के सत्र में दर्शनशास्त्र से जुड़े प्रो. सोहनपाल आर्य, प्रो. विद्यानाथ लाभ, डॉ. केडी झा, निदेशक संस्कृत अकादमी के प्रो. सोमेश्वर दत्त, डॉ. नरेश भार्गव और ब्रह्मकुमारी बीके पुष्पा के उद्बोधन होंगे। 26 नवंबर को तकनीकी सत्रों में जयपुर से सतीश शर्मा, रिटायर्ड आईएस एसपी शर्मा, बीपीएस महिला विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसपी बंसल और किर्गिस्तान महालियो नजरोवा, प्रो. एमएस तुरान, स्वामी राजेश्वरानंद, प्रो. विनय चौहान, प्रो. आशीष दहिया, डॉ. प्रशांत गौतम के उद्बोधन होंगे। शाम के सत्र में प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञ गीता पर मंथन करेंगे। इस दौरान आईआईएम इंदौर से प्रो. पवन कुमार, प्रो. पीएन मिश्रा, प्रो. सुभाष बी, सतीश कुमार, ब्रांड ग्रोथ वेंचर के चीफ डिजिटल ऑफिसर अजय छाबड़ा, प्रो. आरएस द्विवेदी, प्रो. एएस चौधरी, प्रो. आरके जैन, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ हस्टन से डॉ. राज छिकारा और जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी से डॉ. कृष्ण के पांडे अपना उद्बोधन देंगे। अंतिम दिन संस्कृत के विद्वान श्रीमद्भगवद् गीता पर मंथन करेंगे। इस दिन डिवाइन लाइफ सोसाइटी ऋषिकेश से एचएच स्वामी पद्राबंधजी, रूस से आलेग जी, प्रो. मान सिंह, अमेरिका से डेविड फ्राले, पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश प्रो. विक्रम सिंह, प्रो. सुरेंद्र कुमार, प्रो. इंद्रमोहन, डॉ. हरिप्रकाश, डॉ. सीपी शर्मा, डॉ. वीके शुक्ला आदि विद्वान भाग लेंगे।
विज्ञापन
सीनेट हाल में होंगे तकनीकी सत्र
संगोष्ठी में उद्घाटन सत्र के बाद सभी तकनीकी सत्र सीनेट हाल में होंगे। विश्वविद्यालय के चार विभाग इस संगोष्ठी को संयुक्त रूप से आयोजित कर रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक विषय के विद्वानों के लिए दो तकनीकी सत्र सीनेट हाल में रखे गए हैं।
बिना आईकार्ड के नहीं होगा प्रवेश
केयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा है कि संगोष्ठी में कोई भी व्यक्ति बिना आईकार्ड के प्रवेश नहीं कर सकेगा। संगोष्ठी के लिए सभी शिक्षकों, अधिकारियों और मेहमानों को विशेष आईकार्ड जारी किए गए हैं। बिना आईकार्ड के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
सभी तैयारियां पूरी
केयू के ऑडिटोरियम हॉल में होने वाली तीन दिवसीय संगोष्ठी के आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तीन दिनों में होने वाले विमर्श के लिए कई विद्वान विश्वविद्यालय पहुंच चुके हैं। तकनीकी सत्रों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 25 नवंबर से डिजिटल युग में स्व अन्वेषण: श्रीमद्भगवद् गीता दर्शन के परिप्रेक्ष्य विषय पर होने वाली तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी करेंगे। विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि इस संगोष्ठी में मुख्यमंत्री मनोहर लाल विशिष्ट अतिथि होंगे। साथ ही देश और दुनिया से बड़ी संख्या में विद्वान भाग लेंगे।
संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में शिक्षामंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, अमेरिका से आए विद्वान डेविड फराले, गुरु रामदास मिशन अमेरिका के अध्यक्ष सतपाल सिंह, स्वामी ज्ञानानंद आदि विद्वान रहेंगे। नौ तकनीकी सत्रों में 200 से अधिक विद्वान श्रीमद्भगवद् गीता के विभिन्न आयामों पर होने वाले बौद्धिक विमर्श में हिस्सा लेंगे। संगोष्ठी की निदेशक प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया इस संगोष्ठी में होने वाले तकनीकी सत्रों में विश्व के कई देशों के साथ देश के विभिन्न राज्यों के विद्वान भाग लेंगे। कांफ्रेंस में प्रतिदिन तीन तकनीकी सत्र होंगे। संगोष्ठी में देश और विदेश से आए 50 से अधिक विद्वानों के विशेष उद्बोधन होंगे। उन्होंने बताया कि लंदन की कार्डिफ यूनिवर्सिटी के प्रो. जेम्स एम हेगरटी और उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह भी विशेष उद्बोधन देंगे।
विज्ञापन
प्रो. मंजूला ने बताया कि संगोष्ठी के पहले तकनीकी सत्र में ज्ञानानंद महाराज, प्रो. जेम्स हेगरटी, नवादुल फतेह शाहिद, आशुतोष भारद्वाज, अमेरिका से स्टीफन नेप और जापान से अजय नरूला के उद्बोधन होंगे। इसी दिन शाम के सत्र में दर्शनशास्त्र से जुड़े प्रो. सोहनपाल आर्य, प्रो. विद्यानाथ लाभ, डॉ. केडी झा, निदेशक संस्कृत अकादमी के प्रो. सोमेश्वर दत्त, डॉ. नरेश भार्गव और ब्रह्मकुमारी बीके पुष्पा के उद्बोधन होंगे। 26 नवंबर को तकनीकी सत्रों में जयपुर से सतीश शर्मा, रिटायर्ड आईएस एसपी शर्मा, बीपीएस महिला विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसपी बंसल और किर्गिस्तान महालियो नजरोवा, प्रो. एमएस तुरान, स्वामी राजेश्वरानंद, प्रो. विनय चौहान, प्रो. आशीष दहिया, डॉ. प्रशांत गौतम के उद्बोधन होंगे। शाम के सत्र में प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञ गीता पर मंथन करेंगे। इस दौरान आईआईएम इंदौर से प्रो. पवन कुमार, प्रो. पीएन मिश्रा, प्रो. सुभाष बी, सतीश कुमार, ब्रांड ग्रोथ वेंचर के चीफ डिजिटल ऑफिसर अजय छाबड़ा, प्रो. आरएस द्विवेदी, प्रो. एएस चौधरी, प्रो. आरके जैन, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ हस्टन से डॉ. राज छिकारा और जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी से डॉ. कृष्ण के पांडे अपना उद्बोधन देंगे। अंतिम दिन संस्कृत के विद्वान श्रीमद्भगवद् गीता पर मंथन करेंगे। इस दिन डिवाइन लाइफ सोसाइटी ऋषिकेश से एचएच स्वामी पद्राबंधजी, रूस से आलेग जी, प्रो. मान सिंह, अमेरिका से डेविड फ्राले, पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश प्रो. विक्रम सिंह, प्रो. सुरेंद्र कुमार, प्रो. इंद्रमोहन, डॉ. हरिप्रकाश, डॉ. सीपी शर्मा, डॉ. वीके शुक्ला आदि विद्वान भाग लेंगे।
विज्ञापन
सीनेट हाल में होंगे तकनीकी सत्र
संगोष्ठी में उद्घाटन सत्र के बाद सभी तकनीकी सत्र सीनेट हाल में होंगे। विश्वविद्यालय के चार विभाग इस संगोष्ठी को संयुक्त रूप से आयोजित कर रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक विषय के विद्वानों के लिए दो तकनीकी सत्र सीनेट हाल में रखे गए हैं।
बिना आईकार्ड के नहीं होगा प्रवेश
केयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा है कि संगोष्ठी में कोई भी व्यक्ति बिना आईकार्ड के प्रवेश नहीं कर सकेगा। संगोष्ठी के लिए सभी शिक्षकों, अधिकारियों और मेहमानों को विशेष आईकार्ड जारी किए गए हैं। बिना आईकार्ड के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
सभी तैयारियां पूरी
केयू के ऑडिटोरियम हॉल में होने वाली तीन दिवसीय संगोष्ठी के आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तीन दिनों में होने वाले विमर्श के लिए कई विद्वान विश्वविद्यालय पहुंच चुके हैं। तकनीकी सत्रों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।