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आज से गड़बड़ा सकती हैं स्वास्थ्य सेवाएं
Updated Thu, 25 Oct 2018 12:53 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। वीरवार सुबह से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं भी गड़बड़ा सकती हैं। हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले के 485 कर्मियों ने आंदोलन का रुख अख्तियार कर लिया है। कर्मियों ने 25 और 26 अक्तूबर को हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।
हड़ताल के दौरान एंबुलेंस सेवाएं पूरी तरह से बाधित रहेंगी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एनएचएम जिला संगठन मंत्री कुलविंदर कौर ने बताया कि सरकार लगातार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। एनएचएम कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर गत वर्ष 5 दिसंबर से लेकर 13 दिसंबर तक हड़ताल अनिश्चितकालीन की थी, जिस दौरान सरकार ने मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन देकर हड़ताल को समाप्त करा था, लेकिन अभी तक एनएचएम कर्मियों की मांगें पूरी नहीं की गई।कहा कि यदि दो दिवसीय हड़ताल में मांगें पूरी नहीं की जाती तो हड़ताल अनिश्चितकालीन भी हो सकती है। मांग है कि 1 जनवरी 2018 से सर्विस नियम के तहत सभी एनएनएम कर्मियों की पे-ग्रेड संबंधित विसंगतियों को दूर करने के अलावा स्थाई रोजगार सुुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। सर्विस नियम के तहत कर्मियों की बढ़े हुए वेतन का सितंबर तक बजट जारी हो। संघ की मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन बड़े स्तर पर करने को मजबूर होंगे। बता दें कि जिले में एनएचएम की कुल 106 स्टाफ नर्स कार्यरत हैं, जबकि करीब 35 स्टाफ नर्स सिविल अस्पताल में हैं। इसके अलावा भी 130 के करीब एएनएम कर्मी सेवारत हैं।
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कुरुक्षेत्र। वीरवार सुबह से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं भी गड़बड़ा सकती हैं। हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले के 485 कर्मियों ने आंदोलन का रुख अख्तियार कर लिया है। कर्मियों ने 25 और 26 अक्तूबर को हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।
हड़ताल के दौरान एंबुलेंस सेवाएं पूरी तरह से बाधित रहेंगी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एनएचएम जिला संगठन मंत्री कुलविंदर कौर ने बताया कि सरकार लगातार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। एनएचएम कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर गत वर्ष 5 दिसंबर से लेकर 13 दिसंबर तक हड़ताल अनिश्चितकालीन की थी, जिस दौरान सरकार ने मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन देकर हड़ताल को समाप्त करा था, लेकिन अभी तक एनएचएम कर्मियों की मांगें पूरी नहीं की गई।कहा कि यदि दो दिवसीय हड़ताल में मांगें पूरी नहीं की जाती तो हड़ताल अनिश्चितकालीन भी हो सकती है। मांग है कि 1 जनवरी 2018 से सर्विस नियम के तहत सभी एनएनएम कर्मियों की पे-ग्रेड संबंधित विसंगतियों को दूर करने के अलावा स्थाई रोजगार सुुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। सर्विस नियम के तहत कर्मियों की बढ़े हुए वेतन का सितंबर तक बजट जारी हो। संघ की मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन बड़े स्तर पर करने को मजबूर होंगे। बता दें कि जिले में एनएचएम की कुल 106 स्टाफ नर्स कार्यरत हैं, जबकि करीब 35 स्टाफ नर्स सिविल अस्पताल में हैं। इसके अलावा भी 130 के करीब एएनएम कर्मी सेवारत हैं।
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