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सिविल अस्पताल में नहीं हो सका गर्भवती महिलाओं व नौनिहालों का टीकाकरण
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:35 AM IST
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सिविल अस्पताल में नहीं हो सका गर्भवती महिलाओं व नौनिहालों का टीकाकरण
- बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी जारी रखी अनिश्चितकालीन हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के आह्वान पर जिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों (एमपीएचडब्ल्यू) मंगलवार को भी दूसरे दिन धरना जारी रहा। कर्मचारियों ने सुबह ही धरना स्थल पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस कारण गर्भवती महिलाओं और नौनिहालों का टीकाकरण नहीं हो सका।
धरने का नेतृत्व बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के राज्य कमेटी के सदस्य सुदेश उचाना ने किया। इस मौके पर सुदेश उचाना ने कहा कि एमपीएचडब्ल्यू की एसोसिएशन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि एमपीएचडब्ल्यू, एमपीएचएस व एसएमआई के पदों को तकनीकी घोषित करने, कर्मचारियों को 4200 का ग्रेड वेतन दिए जाने की मांग सहित अन्य मांगों को लेकर कई बार क्रमिक अनशन और धरने-प्रदर्शन कर चुके है, लेकिन बावजूद इसके सरकार चेन की नींद सो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिए जा चुक है, मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब तक एसोसिएशन की मांगों संबंधित अधिसूचना लागू नहीं हो जाती, तब तक कर्मचारियों की अनिश्चिकालीन हड़ताल जारी रहेगी। जिला प्रधान सुभाषवती, राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रवीन, रविंदर, विजय बाला, नीलम, सुरजीत कौर, राजरानी, कमला, मेघा, सुमन, अन्नू, राजवंती, पूर्व प्रधान अमरजीत, कोषाध्यक्ष कुलदीप, कुुसुम, बिमलेश, रानी, रेखा, सुमित्रा, ओमी देवी, कृष्णा, सुनीता देवी व सुशील सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहेे।
कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद बहुत सारी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल में रोजाना औसतन 130 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच व टीकाकरण होता है। वहीं 30 से 35 के करीब नौनिहालों का टीकाकरण होता है। लेकिन हड़ताल के चलते ये सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित रहीं।
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सिविल अस्पताल में नहीं हो सका गर्भवती महिलाओं व नौनिहालों का टीकाकरण
- बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी जारी रखी अनिश्चितकालीन हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के आह्वान पर जिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों (एमपीएचडब्ल्यू) मंगलवार को भी दूसरे दिन धरना जारी रहा। कर्मचारियों ने सुबह ही धरना स्थल पर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस कारण गर्भवती महिलाओं और नौनिहालों का टीकाकरण नहीं हो सका।
धरने का नेतृत्व बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के राज्य कमेटी के सदस्य सुदेश उचाना ने किया। इस मौके पर सुदेश उचाना ने कहा कि एमपीएचडब्ल्यू की एसोसिएशन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि एमपीएचडब्ल्यू, एमपीएचएस व एसएमआई के पदों को तकनीकी घोषित करने, कर्मचारियों को 4200 का ग्रेड वेतन दिए जाने की मांग सहित अन्य मांगों को लेकर कई बार क्रमिक अनशन और धरने-प्रदर्शन कर चुके है, लेकिन बावजूद इसके सरकार चेन की नींद सो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिए जा चुक है, मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब तक एसोसिएशन की मांगों संबंधित अधिसूचना लागू नहीं हो जाती, तब तक कर्मचारियों की अनिश्चिकालीन हड़ताल जारी रहेगी। जिला प्रधान सुभाषवती, राज्य कार्यकारिणी सदस्य प्रवीन, रविंदर, विजय बाला, नीलम, सुरजीत कौर, राजरानी, कमला, मेघा, सुमन, अन्नू, राजवंती, पूर्व प्रधान अमरजीत, कोषाध्यक्ष कुलदीप, कुुसुम, बिमलेश, रानी, रेखा, सुमित्रा, ओमी देवी, कृष्णा, सुनीता देवी व सुशील सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहेे।
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कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद बहुत सारी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं। जानकारी के अनुसार सिविल अस्पताल में रोजाना औसतन 130 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच व टीकाकरण होता है। वहीं 30 से 35 के करीब नौनिहालों का टीकाकरण होता है। लेकिन हड़ताल के चलते ये सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित रहीं।
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