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भाजपा कार्यकर्ताओं को देख आग बबूला हुए किसान, अर्धनग्न होकर दिखाए काले झंडे
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सैनी समाज भवन में चल रही भाजपा की बैठक के बाहर प्रदर्शन कर रहे किसान उस वक्त गुस्से में आ गए जब भाजपा कार्यकर्ता हाथों में झंडे लिए नारेबाजी करते हुए वहां पहुंचे। भाजपा कार्यकर्ताओं को देख किसानों ने भी उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। भाजपा कार्यकर्ता और किसान आमने-सामने हो गए। इसी हंगामे के दौरान कुछ किसान अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने लगे और भाजपा कार्यकर्ताओं को काले झंडे दिखाने लगे।
इस दौरान टकराव की संभावना को देखते हुए मौके पर तैनात पुलिस बल ने भी कमर कस ली। लेकिन गुस्साए किसानों ने वहां देखते ही देखते महज 35 सेकेंड में पुलिस द्वारा लगाए 10 बैरिकेड तोड़ दिए।
गुस्साए किसानों को अपनी और बढ़ता देख भाजपा कार्यकर्ताओं के कदम भी तेजी से भवन की और बढ़ने लगे। कुछ कार्यकर्ताओं को तो किसानों ने आगे अड़कर अंदर जाने से रोक भी लिया। ऐसे में पुलिस ने किसानों को पकड़कर पीछे हटाया। तब कहीं जाकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भवन में प्रवेश किया।
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सैनी समाज भवन में चल रहे भाजपा ओबीसी मोर्चा के सेमिनार का विरोध करने किसान दोपहर एक बजे भवन के बाहर एकत्रित हो गए थे। दोपहर बाद चार बजकर 55 मिनट पर महाराणा प्रताप चौक की ओर से भाजपा कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे लिए भवन की ओर आते नजर आए। हाथ में झंड लिए पूर्व सांसद कैलाशो सैनी सबसे आगे थीं। किसानों ने वहां लगाए गए पुलिस के सभी बैरिकेड तोड़ डाले और कार्यकर्ताओं के आगे अड़ गए। पुलिस व सीआरपीएफ लगातार किसानों को पीछे धकेलने पर लगी रही। ऐसे में कुछ किसान गेट के बिल्कुल आगे ही धरना देकर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मी बगैर नेम प्लेट के नजर आए।
भाजपा की बैठक और किसानों के प्रदर्शन के चलते पुलिस ने सैनी समाज भवन की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर बंद कर दिया था। रास्ता ब्रह्मसरोवर की ओर से डायवर्ट किया गया। भवन के समीप दो अस्पताल, नीलकंठ यात्री निवास, 50 से ज्यादा दुकानों, तीन होटल व ढाबे और कई घर हैं, यहां आने वाले लोगों को इस दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने भवन की ओर जाने वाले रास्ते पर वाल्मीकि चौक, महाराणा प्रताप चौक और देवीलाल चौक पर बैरिकेड लगाए हुए थे।
जब किसानों को पुलिस बस में बिठाकर ले जाया जाने लगा तो कुछ किसान बस के नीचे लेट गए। साथियों को छुड़ाने के लिए इस दौरान पुलिस की बस का प्रेशर पाइप भी काट दिया। कुछ किसान तो बस के टायर के आगे पैर रखकर बैठ गए, जिन्हें पुलिस ने पीछे हटाया। इस दौरान पुलिस का व्रज वाहन, एंबुलेंस, आरपीएफ की दो गाड़ियां सहित कई वाहन व भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
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इस दौरान टकराव की संभावना को देखते हुए मौके पर तैनात पुलिस बल ने भी कमर कस ली। लेकिन गुस्साए किसानों ने वहां देखते ही देखते महज 35 सेकेंड में पुलिस द्वारा लगाए 10 बैरिकेड तोड़ दिए।
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गुस्साए किसानों को अपनी और बढ़ता देख भाजपा कार्यकर्ताओं के कदम भी तेजी से भवन की और बढ़ने लगे। कुछ कार्यकर्ताओं को तो किसानों ने आगे अड़कर अंदर जाने से रोक भी लिया। ऐसे में पुलिस ने किसानों को पकड़कर पीछे हटाया। तब कहीं जाकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने भवन में प्रवेश किया।
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सैनी समाज भवन में चल रहे भाजपा ओबीसी मोर्चा के सेमिनार का विरोध करने किसान दोपहर एक बजे भवन के बाहर एकत्रित हो गए थे। दोपहर बाद चार बजकर 55 मिनट पर महाराणा प्रताप चौक की ओर से भाजपा कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे लिए भवन की ओर आते नजर आए। हाथ में झंड लिए पूर्व सांसद कैलाशो सैनी सबसे आगे थीं। किसानों ने वहां लगाए गए पुलिस के सभी बैरिकेड तोड़ डाले और कार्यकर्ताओं के आगे अड़ गए। पुलिस व सीआरपीएफ लगातार किसानों को पीछे धकेलने पर लगी रही। ऐसे में कुछ किसान गेट के बिल्कुल आगे ही धरना देकर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मी बगैर नेम प्लेट के नजर आए।
भाजपा की बैठक और किसानों के प्रदर्शन के चलते पुलिस ने सैनी समाज भवन की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर बंद कर दिया था। रास्ता ब्रह्मसरोवर की ओर से डायवर्ट किया गया। भवन के समीप दो अस्पताल, नीलकंठ यात्री निवास, 50 से ज्यादा दुकानों, तीन होटल व ढाबे और कई घर हैं, यहां आने वाले लोगों को इस दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने भवन की ओर जाने वाले रास्ते पर वाल्मीकि चौक, महाराणा प्रताप चौक और देवीलाल चौक पर बैरिकेड लगाए हुए थे।
जब किसानों को पुलिस बस में बिठाकर ले जाया जाने लगा तो कुछ किसान बस के नीचे लेट गए। साथियों को छुड़ाने के लिए इस दौरान पुलिस की बस का प्रेशर पाइप भी काट दिया। कुछ किसान तो बस के टायर के आगे पैर रखकर बैठ गए, जिन्हें पुलिस ने पीछे हटाया। इस दौरान पुलिस का व्रज वाहन, एंबुलेंस, आरपीएफ की दो गाड़ियां सहित कई वाहन व भारी पुलिस बल मौजूद रहा।