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दलितों का एजेंडा, सैलजा पर निशाना
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 12 Dec 2013 02:09 AM IST
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दिल्ली में कांग्रेस की बुरी हार और झाडू चुनाव चिह्न वाली आप पार्टी को जबर्दस्त समर्थन मिलने के बाद हरियाणा कांग्रेस का दलित प्रेम उमड़ गया है।
कांग्रेस के अनुसूचित प्रकोष्ठ की बुधवार को यहां कांग्रेस भवन में बैठक बुलाई और विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. राजू ने दलितों के कल्याण के लिए सुझाव मांगे।
यह बात अलग है कि बैठक अनुसूचित जाति ए और बी वर्ग में बंटकर रह गई। केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा और राज्यसभा सदस्य ईश्वर सिंह के खिलाफ ए वर्ग के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया। जिस पर सैलजा समर्थकों ने हंगामा किया।
बैठक में कलानौर की विधायक शकुंतला खटक ने कहा कि नौकरियों में अनुसूचित जाति ए और बी वर्ग का आरक्षण अलग-अलग किया जाना चाहिए।
पंजाब में यह आरक्षण अलग-अलग है। खटक की इस मांग पर बी वर्ग के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। खटक के बाद पूर्व मुख्य संसदीय सचिव राजकुमार वाल्मीकि ने माइक पकड़ा और कुमारी सैलजा पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2004 में उन्हें अंबाला लोकसभा से अनुसूचित जाति की अधिकतर वोट मिली थी।
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मगर 2009 में अनुसूचित जाति की वोट या बीएसपी को चली गई, कुछ भाजपा के पास चली गई, कुछ हजकां के पास। नतीजतन कांग्रेस को बेहद कम वोट पड़ी और सैलजा बहुत कम वोटों से जीत पाईं।
मगर दिल्ली में वे न केवल मुख्यमंत्री का विरोध करती हैं बल्कि दलित उत्पीड़न को हवा देती हैं। मिर्चपुर में भी सैलजा के कहने पर ही दलित परिवार हिसार चले गए क्योंकि उन्हें मुफ्त प्लाट का भरोसा दिया गया था।
राजकुमार वाल्मीकि के इस बयान पर सैलजा समर्थकों ने हंगामा कर दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना और अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की अध्यक्ष गीता भुक्कल ने उन्हें टोकते हुए कहा कि वे मुद्दे पर बात करें।
वाल्मीकि ने कहा कि हरियाणा में अनुसूचित जाति ए वर्ग को दो लोकसभा की या तो दोनों टिकटें (एक वाल्मीकि, दूसरी धानक) दी जाएं, अन्यथा एक तो ए वर्ग को मिलनी चाहिए।
विधानसभा की 17 आरक्षिणत सीटों में से नौ सीटें वर्ग को मिलनी चाहिए। एक राज्यसभा सीट खाली हो रही है वह भी ए वर्ग को मिलनी चाहिए।
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव दिल्लू राम बाजीगर ने कहा कि ईश्वर सिंह ने उनके खिलाफ चुनाव लड़े मगर कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा सदस्य बना दिया।
अगर कांग्रेस का व्यवहार अनुसूचित जाति ए के बारे में यही रहा तो दिल्ली वाला हाल हो जाएगा। दिल्ली में आप पार्टी के पास अनुसूचित जाति ए के सारे वोट चले गए।
बैठक में मांग की गई कि सब अनुसूचित जाति के लोगों को बीपीएल में शामिल किया जाए। डिपो होल्डरों पर खाद्य सुरक्षा योजना के तहत भेजा गया अनाज सही तरीके से आवंटित कराया जाए।
मत बंटो, एक रहो : धंतोड़ी
शाहबाद के विधायक अनिल धंतोड़ी ने कहा कि अनुसूचित जाति ए और बी में नहीं बंटना चाहिए। एकजुट रहना चाहिए।
हरियाणा सरकार अनुसूचित जाति के लोगों के कल्याण के लिए अनेक कार्य कर रही है। गोहाना रैली में मुख्यमंत्री ने और घोषणाएं की हैं।
समाज कल्याण मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि हरियाणा सरकार अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए बहुत काम कर रही है।
राहुल, सोनिया गांधी को दूंगा रिपोर्ट : के. राजू
अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. राजू ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे बुधवार की बैठक की जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को देंगे।
उन्होंने कहा कि बैठक में कुछ शिकायतें मिली हैं जिनके बारे में वे मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के बैकलॉग, पदोन्नति में आरक्षण और सरकार की योजनाएं निचले स्तर पर ठीक से लागू न करने की शिकायतें मिली हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी में गुटबाजी नहीं है। उन्होंने कुमारी सैलजा, ईश्वर सिंह के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की।
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कांग्रेस के अनुसूचित प्रकोष्ठ की बुधवार को यहां कांग्रेस भवन में बैठक बुलाई और विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. राजू ने दलितों के कल्याण के लिए सुझाव मांगे।
यह बात अलग है कि बैठक अनुसूचित जाति ए और बी वर्ग में बंटकर रह गई। केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा और राज्यसभा सदस्य ईश्वर सिंह के खिलाफ ए वर्ग के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया। जिस पर सैलजा समर्थकों ने हंगामा किया।
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बैठक में कलानौर की विधायक शकुंतला खटक ने कहा कि नौकरियों में अनुसूचित जाति ए और बी वर्ग का आरक्षण अलग-अलग किया जाना चाहिए।
पंजाब में यह आरक्षण अलग-अलग है। खटक की इस मांग पर बी वर्ग के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। खटक के बाद पूर्व मुख्य संसदीय सचिव राजकुमार वाल्मीकि ने माइक पकड़ा और कुमारी सैलजा पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2004 में उन्हें अंबाला लोकसभा से अनुसूचित जाति की अधिकतर वोट मिली थी।
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मगर 2009 में अनुसूचित जाति की वोट या बीएसपी को चली गई, कुछ भाजपा के पास चली गई, कुछ हजकां के पास। नतीजतन कांग्रेस को बेहद कम वोट पड़ी और सैलजा बहुत कम वोटों से जीत पाईं।
मगर दिल्ली में वे न केवल मुख्यमंत्री का विरोध करती हैं बल्कि दलित उत्पीड़न को हवा देती हैं। मिर्चपुर में भी सैलजा के कहने पर ही दलित परिवार हिसार चले गए क्योंकि उन्हें मुफ्त प्लाट का भरोसा दिया गया था।
राजकुमार वाल्मीकि के इस बयान पर सैलजा समर्थकों ने हंगामा कर दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना और अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की अध्यक्ष गीता भुक्कल ने उन्हें टोकते हुए कहा कि वे मुद्दे पर बात करें।
वाल्मीकि ने कहा कि हरियाणा में अनुसूचित जाति ए वर्ग को दो लोकसभा की या तो दोनों टिकटें (एक वाल्मीकि, दूसरी धानक) दी जाएं, अन्यथा एक तो ए वर्ग को मिलनी चाहिए।
विधानसभा की 17 आरक्षिणत सीटों में से नौ सीटें वर्ग को मिलनी चाहिए। एक राज्यसभा सीट खाली हो रही है वह भी ए वर्ग को मिलनी चाहिए।
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव दिल्लू राम बाजीगर ने कहा कि ईश्वर सिंह ने उनके खिलाफ चुनाव लड़े मगर कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा सदस्य बना दिया।
अगर कांग्रेस का व्यवहार अनुसूचित जाति ए के बारे में यही रहा तो दिल्ली वाला हाल हो जाएगा। दिल्ली में आप पार्टी के पास अनुसूचित जाति ए के सारे वोट चले गए।
बैठक में मांग की गई कि सब अनुसूचित जाति के लोगों को बीपीएल में शामिल किया जाए। डिपो होल्डरों पर खाद्य सुरक्षा योजना के तहत भेजा गया अनाज सही तरीके से आवंटित कराया जाए।
मत बंटो, एक रहो : धंतोड़ी
शाहबाद के विधायक अनिल धंतोड़ी ने कहा कि अनुसूचित जाति ए और बी में नहीं बंटना चाहिए। एकजुट रहना चाहिए।
हरियाणा सरकार अनुसूचित जाति के लोगों के कल्याण के लिए अनेक कार्य कर रही है। गोहाना रैली में मुख्यमंत्री ने और घोषणाएं की हैं।
समाज कल्याण मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि हरियाणा सरकार अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए बहुत काम कर रही है।
राहुल, सोनिया गांधी को दूंगा रिपोर्ट : के. राजू
अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. राजू ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे बुधवार की बैठक की जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को देंगे।
उन्होंने कहा कि बैठक में कुछ शिकायतें मिली हैं जिनके बारे में वे मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के बैकलॉग, पदोन्नति में आरक्षण और सरकार की योजनाएं निचले स्तर पर ठीक से लागू न करने की शिकायतें मिली हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी में गुटबाजी नहीं है। उन्होंने कुमारी सैलजा, ईश्वर सिंह के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की।