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बदलते लाइफ़स्टाइल से हरियाणवी हो रहे बीमार: बढ़ रहे किडनी के मरीज़, चौंकाने वाले हैं आंकड़े
Wed, 11 Mar 2026 07:01 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 11 Mar 2026 07:01 PM IST
सार
हरियाणा सरकार किडनी रोगों के बढ़ते मामलों को लेकर इलाज व रोकथाम के लिए कई कदम उठा रही है। सरकार ने डायलिसिस जैसी सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए राज्य के प्रमुख अस्पतालों में अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया है।
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हरियाणा में बढ़ रहे किडनी के मरीज
- फोटो : istock
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विस्तार
हरियाणा में डायबिटीज व हाइपरटेंशन की वजह से किडनी मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। दोनों मर्ज किडनी बीमारियों की प्रमुख वजह मानी जाती है। हरियाणा में करीब 12.7 फीसदी लोग डायबिटीज व 23 फीसदी लोग हाइपरटेंशन से ग्रसित हैं। डेढ़ साल में लगभग 238954 किडनी के मरीजों ने सरकारी अस्पतालों में इलाज कराया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में किडनी रोगी विशेष रूप से उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के कारण बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि ये दोनों बीमारियां किडनी की नलिकाओं को नुकसान पहुंचाने के साथ किडनी के कार्य को भी प्रभावित करते हैं। हाइपरटेंशन की वजह से रक्त का प्रवाह किडनी में सही तरीके से नहीं हो पाता, जिससे किडनी की कोशिकाएं धीरे-धीरे खराब होने लगती हैं। इसी तरह अनियंत्रित डायबिटीज के कारण रक्त में शुगर की अधिकता किडनी की फिल्टरिंग क्षमता को नुकसान पहुंचाती है। इसके अलावा हरियाणा में खराब खानपान की वजह से भी किडनी मरीज बढ़े हैं। फास्ट फूड, उच्च फैट और नमक वाली खाद्य सामग्री का अधिक सेवन, साथ ही तंबाकू और शराब का नियमित सेवन, किडनी की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं।
चंडीगढ़ के डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. संजीव भाटिया के अनुसार करीब 30–40 फीसदी मामलों में किडनी खराब होने की वजह अनियंत्रित डायबिटीज और हाई बीपी ही होती है। उन्होंने सलाह दी कि शुगर के मरीज हर तीन महीने में एचबीएवनसी टेस्ट करवाएं और इसका परिणाम सात फीसदी से कम होना चाहिए। वहीं, ब्लड प्रेशर 120/80 के आसपास होना चाहिए। साथ ही समय-समय पर किडनी की जांच भी जरूरी है और नमक का सेवन कम करना चाहिए।
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विशेषज्ञ बताते हैं कि ये दोनों बीमारियां किडनी की नलिकाओं को नुकसान पहुंचाने के साथ किडनी के कार्य को भी प्रभावित करते हैं। हाइपरटेंशन की वजह से रक्त का प्रवाह किडनी में सही तरीके से नहीं हो पाता, जिससे किडनी की कोशिकाएं धीरे-धीरे खराब होने लगती हैं। इसी तरह अनियंत्रित डायबिटीज के कारण रक्त में शुगर की अधिकता किडनी की फिल्टरिंग क्षमता को नुकसान पहुंचाती है। इसके अलावा हरियाणा में खराब खानपान की वजह से भी किडनी मरीज बढ़े हैं। फास्ट फूड, उच्च फैट और नमक वाली खाद्य सामग्री का अधिक सेवन, साथ ही तंबाकू और शराब का नियमित सेवन, किडनी की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं।
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चंडीगढ़ के डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. संजीव भाटिया के अनुसार करीब 30–40 फीसदी मामलों में किडनी खराब होने की वजह अनियंत्रित डायबिटीज और हाई बीपी ही होती है। उन्होंने सलाह दी कि शुगर के मरीज हर तीन महीने में एचबीएवनसी टेस्ट करवाएं और इसका परिणाम सात फीसदी से कम होना चाहिए। वहीं, ब्लड प्रेशर 120/80 के आसपास होना चाहिए। साथ ही समय-समय पर किडनी की जांच भी जरूरी है और नमक का सेवन कम करना चाहिए।
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अब उपमंडल अस्पतालों में मिलेगी मुफ्त डायलिसिस की सुविधा
हरियाणा सरकार किडनी रोगों के बढ़ते मामलों को लेकर इलाज व रोकथाम के लिए कई कदम उठा रही है। सरकार ने डायलिसिस जैसी सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए राज्य के प्रमुख अस्पतालों में अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया है। अब उपमंडल में स्थित सरकारी अस्पताल में डायलिसिस की मुफ्त सुविधा उपलब्ध होगी। इनमें नारायणगढ़, लाडवा, सिवानी, टोहाना, बल्लभगढ़, पटौदी, असंध, गोहाना, गुहला, नरवाना, महम, डबवाली, कोसली, महेंद्रगढ़ व कनीना में नए डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज कोरियावास, छांयसा मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल हांसी में भी डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
18 अक्तूबर 2024 से लेकर दो मार्च तक 238954 मरीज मुफ्त डायलिसिस का लाभ उठा चुके हैं। इस पर सरकार की ओर से करीब 46.4 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार ने जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है ताकि लोग किडनी रोगों के प्रति सचेत हों और समय पर इलाज करवाएं। सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत विशेष कैंप आयोजित करने का भी ऐलान किया है, जिसमें लोगों को किडनी रोगों की पहचान, रोकथाम और उपचार के बारे में जानकारी दी जाएगी।
हरियाणा सरकार किडनी रोगों के बढ़ते मामलों को लेकर इलाज व रोकथाम के लिए कई कदम उठा रही है। सरकार ने डायलिसिस जैसी सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए राज्य के प्रमुख अस्पतालों में अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया है। अब उपमंडल में स्थित सरकारी अस्पताल में डायलिसिस की मुफ्त सुविधा उपलब्ध होगी। इनमें नारायणगढ़, लाडवा, सिवानी, टोहाना, बल्लभगढ़, पटौदी, असंध, गोहाना, गुहला, नरवाना, महम, डबवाली, कोसली, महेंद्रगढ़ व कनीना में नए डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज कोरियावास, छांयसा मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल हांसी में भी डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
18 अक्तूबर 2024 से लेकर दो मार्च तक 238954 मरीज मुफ्त डायलिसिस का लाभ उठा चुके हैं। इस पर सरकार की ओर से करीब 46.4 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार ने जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है ताकि लोग किडनी रोगों के प्रति सचेत हों और समय पर इलाज करवाएं। सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत विशेष कैंप आयोजित करने का भी ऐलान किया है, जिसमें लोगों को किडनी रोगों की पहचान, रोकथाम और उपचार के बारे में जानकारी दी जाएगी।