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ईएसआई अस्पताल में फर्जी ज्वाइनिंग पत्र लेकर पहुंचा युवक
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पानीपत का एक युवक ईएसआई अस्पताल में फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर स्टाफ नर्स ग्रुप-सी पद पर ज्वाइन करने पहुंच गया। जांच की तो पता चला कि उसका नियुक्ति पत्र फर्जी है। सिविल सर्जन ईएसआई स्वास्थ्य संरक्षण करनाल डॉ. रविंद्र कुमार भट्टी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पानीपत की देसराज कॉलोनी की गली नंबर 11 निवासी अमित कुमार 15 मई को अस्पताल पहुंचा और अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट पेश की। उसने निदेशालय स्वास्थ्य संरक्षण मनीमाजरा चंडीगढ़ से दो जनवरी 2022 को जारी पत्र दर्शाया। ज्वाइनिंग के लिए बार-बार दबाव भी बनाया। इस पर उसके ज्वाइनिंग पत्र को जांच के लिए निदेशालय भेजा गया। 19 मई को निदेशालय ने स्पष्ट किया कि इस नाम के किसी व्यक्ति को नियुक्ति पत्र जारी ही नहीं किया गया। यह नियुक्ति पत्र जाली है। निदेशालय ने निर्देश दिए कि फर्जीवाड़ा करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सिविल सर्जन ने पुलिस को आरोपी का जाली नियुक्ति पत्र, स्टाफ नर्स के पद के लिए ज्वाइनिंग का प्रार्थना पत्र, सिविल सर्जन पानीपत से ज्वाइनिंग के लिए बनवाया गया मेडिकल प्रमाणपत्र, न्यायालय परिसर से पद पर ज्वाइनिंग के लिए बनवाया गया शपथ पत्र, आरोपी का आधार कार्ड, पैन कार्ड, हरियाणा निवासी प्रमाणपत्र व शैक्षणिक दस्तावेजों की प्रतियां, आधार व फोन नंबर भी उपलब्ध करवाए हैं। सिविल लाइन थाना पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच का जिम्मा उपनिरीक्षक रामअवतार को सौंपा गया है।
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करनाल। पानीपत का एक युवक ईएसआई अस्पताल में फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर स्टाफ नर्स ग्रुप-सी पद पर ज्वाइन करने पहुंच गया। जांच की तो पता चला कि उसका नियुक्ति पत्र फर्जी है। सिविल सर्जन ईएसआई स्वास्थ्य संरक्षण करनाल डॉ. रविंद्र कुमार भट्टी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पानीपत की देसराज कॉलोनी की गली नंबर 11 निवासी अमित कुमार 15 मई को अस्पताल पहुंचा और अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट पेश की। उसने निदेशालय स्वास्थ्य संरक्षण मनीमाजरा चंडीगढ़ से दो जनवरी 2022 को जारी पत्र दर्शाया। ज्वाइनिंग के लिए बार-बार दबाव भी बनाया। इस पर उसके ज्वाइनिंग पत्र को जांच के लिए निदेशालय भेजा गया। 19 मई को निदेशालय ने स्पष्ट किया कि इस नाम के किसी व्यक्ति को नियुक्ति पत्र जारी ही नहीं किया गया। यह नियुक्ति पत्र जाली है। निदेशालय ने निर्देश दिए कि फर्जीवाड़ा करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सिविल सर्जन ने पुलिस को आरोपी का जाली नियुक्ति पत्र, स्टाफ नर्स के पद के लिए ज्वाइनिंग का प्रार्थना पत्र, सिविल सर्जन पानीपत से ज्वाइनिंग के लिए बनवाया गया मेडिकल प्रमाणपत्र, न्यायालय परिसर से पद पर ज्वाइनिंग के लिए बनवाया गया शपथ पत्र, आरोपी का आधार कार्ड, पैन कार्ड, हरियाणा निवासी प्रमाणपत्र व शैक्षणिक दस्तावेजों की प्रतियां, आधार व फोन नंबर भी उपलब्ध करवाए हैं। सिविल लाइन थाना पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच का जिम्मा उपनिरीक्षक रामअवतार को सौंपा गया है।
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