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करनाल पहुंचे योगी सरकार के मंत्री
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करनाल। उत्तर प्रदेश भूभाग और आबादी में सबसे बड़ा होने, प्राकृतिक संसाधन भी पर्याप्त होने के बावजूद मुख्य खाद्यान्न उत्पादन में हरियाणा और पंजाब से पीछे क्यों है। इस बड़े सवाल का जवाब तलाशने के लिए बृहस्पतिवार को यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार के कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अगुवाई में कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्चरस्तरीय प्रतिनिधि मंडल करनाल के भारतीय गेहूं एवं जौं अनुसंधान संस्थान पहुंचा। दरअसल ये प्रतिनिधि मंडल कुरुक्षेत्र में गुजरात के राज्यपाल देवव्रत के गुरुकुल फार्म में प्राकृतिक खेती के मॉडल देखकर वापस लौट रहा था। मंत्री ने आईआईडब्ल्यूबीआर और एनडीआरआई के वैज्ञानिकों से तकनीकि को साझा करने के उद्देश्य से बातचीत की। यूपी सरकार को राज्य को खाद्यान्न उत्पादन में नंबर वन बनाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है।
मंत्री सूर्य प्रताप शाही का आईआईडब्ल्यूबीआर के निदेशक डा.ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। गेहूं की किस्मों व तकनीकि की जानकारी दी। एनडीआरआई के निदेशक डॉ.धीर सिंह, सीएसएसआरआई के निदेशक डॉ.प्रबोधचंद्र शर्मा के साथ साथ डॉ.ज्ञानेंद्र सिंह, डॉ.अनुज कुमार, डॉ.बीएस त्यागी, डॉ.पूनम जसटोरिया, डॉ.रतन तिवारी, डॉ.अमित शर्मा, राजेंद्र शर्मा आदि वैज्ञानिकों ने भी कृषि शिक्षा मंत्री को संस्थानों की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। श्री शाही ने संस्थान में भ्रमण कर कई नई किस्मों, संयंत्रों, विकसित तकनीकि के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि इन तकनीकियों से यूपी में कृषि उत्पादन को बढ़ाने में सहायता मिलेगी। श्री शाही ने कहा कि गुजरात के राज्यपाल देवव्रत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच प्राकृतिक खेती को लेकर हुई बातचीत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की चार वरिष्ठ मंत्रियों और कई सीनियर अफसरों का प्रतिमंडल कुरुक्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर है। उन्होंने कहा कि इस बार मार्च में अप्रत्याशित गर्मी पड़ी तो सितंबर के अंत में सर्वाधिक बारिश हो गई। जिससे यूपी के करीब 18 जिलों में फसलोत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। यूपी गन्ना, शहद और आलू उत्पादन में नंबर वन है। कैसे प्राकृतिक खेती, जमीन में आर्गेनिक कार्बन और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ाया जाए, जलवायु परिवर्तन में कृषि सुरक्षा कैसे हो, इसी को लेकर तकनीकि, संसाधनों पर वैज्ञानिकों से संस्थान की विभिन्न तकनीकियों, सुविधाओं जिनमें मुख्य रूप सेजीन बैंक, बीज प्रसंस्करण संयंत्र, ताप नियंत्रित फीनोटाइपिंग सुविधा आदि पर विचारविमर्श किया। उन्होंने किस्मों के सुधार पर चल रहे अनुसंधानों की मुक्त कंठ से सराहना की। यहां उन्होंने पौधरोपण भी किया।
इससे पहले कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अगुवाई में कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने हरियाणा सरकार के आलू अनुसंधान केंद्र में रुककर वहां भी वैज्ञानिकों व नए अनुसंधानों की जानकारी हासिल की।
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मंत्री सूर्य प्रताप शाही का आईआईडब्ल्यूबीआर के निदेशक डा.ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। गेहूं की किस्मों व तकनीकि की जानकारी दी। एनडीआरआई के निदेशक डॉ.धीर सिंह, सीएसएसआरआई के निदेशक डॉ.प्रबोधचंद्र शर्मा के साथ साथ डॉ.ज्ञानेंद्र सिंह, डॉ.अनुज कुमार, डॉ.बीएस त्यागी, डॉ.पूनम जसटोरिया, डॉ.रतन तिवारी, डॉ.अमित शर्मा, राजेंद्र शर्मा आदि वैज्ञानिकों ने भी कृषि शिक्षा मंत्री को संस्थानों की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। श्री शाही ने संस्थान में भ्रमण कर कई नई किस्मों, संयंत्रों, विकसित तकनीकि के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि इन तकनीकियों से यूपी में कृषि उत्पादन को बढ़ाने में सहायता मिलेगी। श्री शाही ने कहा कि गुजरात के राज्यपाल देवव्रत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच प्राकृतिक खेती को लेकर हुई बातचीत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की चार वरिष्ठ मंत्रियों और कई सीनियर अफसरों का प्रतिमंडल कुरुक्षेत्र के दो दिवसीय दौरे पर है। उन्होंने कहा कि इस बार मार्च में अप्रत्याशित गर्मी पड़ी तो सितंबर के अंत में सर्वाधिक बारिश हो गई। जिससे यूपी के करीब 18 जिलों में फसलोत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। यूपी गन्ना, शहद और आलू उत्पादन में नंबर वन है। कैसे प्राकृतिक खेती, जमीन में आर्गेनिक कार्बन और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ाया जाए, जलवायु परिवर्तन में कृषि सुरक्षा कैसे हो, इसी को लेकर तकनीकि, संसाधनों पर वैज्ञानिकों से संस्थान की विभिन्न तकनीकियों, सुविधाओं जिनमें मुख्य रूप सेजीन बैंक, बीज प्रसंस्करण संयंत्र, ताप नियंत्रित फीनोटाइपिंग सुविधा आदि पर विचारविमर्श किया। उन्होंने किस्मों के सुधार पर चल रहे अनुसंधानों की मुक्त कंठ से सराहना की। यहां उन्होंने पौधरोपण भी किया।
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इससे पहले कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अगुवाई में कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने हरियाणा सरकार के आलू अनुसंधान केंद्र में रुककर वहां भी वैज्ञानिकों व नए अनुसंधानों की जानकारी हासिल की।
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