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करनाल सिविल अस्पताल: हड्डी रोग के दर्द से निजात दिला रहा योग, रीटा शर्मा मरीजों को करवा रही नियमित आसन

Wed, 06 Sep 2023 01:53 PM IST
नवीन दलाल अनुज शर्मा, करनाल (हरियाणा)
अनुज शर्मा, करनाल (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 06 Sep 2023 01:53 PM IST
सार

योग सहायक रीटा शर्मा ने बताया कि हड्डी के उपचार की प्रक्रिया में तीन जरूरी चरण होते हैं। जिसमें सूजन, हड्डी का उत्पादन और हड्डी का पुनर्निर्माण शामिल है। हड्डी टूटने के तुरंत बाद सूजन शुरू हो जाती है और कई दिनों तक रहती है। हड्डी में फ्रैक्चर होने के बाद उस स्थान पर रक्त प्रवाह में कमी आ जाती है।

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Yoga relieving pain of orthopedics in Karnal Civil Hospital, Rita Sharma doing regular asanas to patients
योग सहायक रीटा शर्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हड्डी रोग के दर्द से निजात दिलाने में योग बड़ा सहायक सिद्ध हो रहा है। सिविल अस्पताल में हड्डी रोग के दाखिल मरीजों को योग सहायक रीटा शर्मा नियमित रूप से विभिन्न प्रकार के योग व आसन करवाकर दर्द से निजात दिलाने में मदद कर रही है।

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बलवान आसन व मूवमेंट एक्सरसाइज से फ्रैक्चर वाले स्थानों पर रक्त का प्रवाह बढ़ रहा
आयुष विभाग की ओर से सिविल अस्पताल में तैनात योग सहायक रीटा शर्मा ने बताया कि एक स्वस्थ हड्डी के लिए ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति करने और कार्बन डाइऑक्साइड, एसिड और अन्य अपशिष्ट उत्पादों को खत्म करने के लिए पर्याप्त रक्त प्रवाह की आवश्यकता होती है।
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इसके अतिरिक्त, उचित हड्डी निर्माण और कार्यात्मक हड्डी के लिए रक्त प्रवाह की आवश्यकता पड़ती है। यदि रक्त प्रवाह बाधित होता है, तो हड्डी के उपचार और मरम्मत में देरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि वे सिविल अस्पताल के आईपीडी ब्लॉक के द्वितीय तल पर बने हड्डी रोग विभाग के वार्ड में दाखिल मरीजों को नियमित रूप से मूवमेंट एक्सरसाइज यानी संचलन अभ्यास और विभिन्न प्रकार के बलवान आसन करवा रही है।
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हड्डी उपचार में तीन चरण जरूरी
योग सहायक रीटा शर्मा ने बताया कि हड्डी के उपचार की प्रक्रिया में तीन जरूरी चरण होते हैं। जिसमें सूजन, हड्डी का उत्पादन और हड्डी का पुनर्निर्माण शामिल है। हड्डी टूटने के तुरंत बाद सूजन शुरू हो जाती है और कई दिनों तक रहती है। हड्डी में फ्रैक्चर होने के बाद उस स्थान पर रक्त प्रवाह में कमी आ जाती है। जिससे हड्डी की मरम्मत होने में देरी होती है और शरीर में ऐंठन, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द होता है। ऐसे में वह उक्त स्थान जैसे ही हाथ, पैर, घुटने व कमर दर्द के लिए मूवमेंट एक्सरसाइज यानी संचलन अभ्यास करवाया जा रहा है। ऐसे में एक तरफ मरीजों को दर्द से राहत मिल रही है तो दूसरी ओर हड्डियों में रक्त प्रवाह बढ़ने से जल्दी फ्रैक्चर ठीक भी हो रहे है।

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