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उफान पर यमुना, डेढ़ दर्जन गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Sep 2022 02:36 AM IST
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Yamuna in spate, hundreds of acres of crops of one and a half dozen villages submerged
Yamuna in spate, hundreds of acres of crops of one and a half dozen villages submerged
माई सिटी रिपोर्टर
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इंद्री। बारिश के कारण बढ़े जल स्तर से यमुना नदी सोमवार को उफान पर आ गई। इससे यमुना के साथ लगते करीब डेढ़ दर्जन गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। घरौंडा, कुंजपुरा और इंद्री खंड के यमुना के साथ लगते गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। बैराज से रातभर में यमुना में 2.95 लाख क्यूसेक तक पानी आया। इससे इंद्री क्षेत्र में पानी में डूबने से जहां गांवों के रास्ते कट गए। वहीं किसानों और स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ी है। हालांकि शाम के साथ जलस्तर कुछ घटना शुरू हो गया था।
इंद्री खंड के चौगावां, चंद्राव, गढ़पुर टापू, कलसौरा, समसपुर सहित करीब 11 गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब चुकी है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने गढ़पुर टापू में बांध के पास रेत से भरे कट्टे लगाने शुरू कर दिए हैं। लोग तारन (सूखी हुई बड़े आकार की लौकी) के सहारे यमुना को पार कर दूसरी तरफ रह रहे लोगों को जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि अबकी बार उन पर कुदरत की दोहरी मार पड़ी है। जहां लगातार बारिश ने धान की तैयार फसल को नष्ट किया। वहीं यमुना में आई बाढ़ से धान व गन्ने की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। किसान शौकीन, लाभ सिंह, राकेश, रमेश, रिंकू, विजय, रामेश्वर, हुक्म चंद और जीवन सिंह आदि ने सरकार से विशेष गिरदावरी कर मुआवजा देने की मांग की है।
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प्रभावित इलाके का विधायक ने किया दौरा
यमुना में आई बाढ़ की जानकारी मिलते ही विधायक रामकुमार कश्यप ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने किसानों को पूर्ण सहायता का आश्वासन दिया। कलसौरा पहुंचे विधायक रामकुमार कश्यप ने किसानों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को विशेष गिरदावरी कर मुआवजा दिलवाने की भी बात कही।
30 एकड़ फसल हुई नष्ट
किसान राकेश ने बताया कि वह 30 एकड़ में खेती करता है। करीब 15 एकड़ में धान और शेष में गन्ने की फसल लगाई थी। यमुना में आई बाढ़ से फसल पानी में पूरी तरह से डूब चुकी है। किसान पहले ही कर्जे में डूबा है। इस बार फसल अच्छी होने की उम्मीद थी, लेकिन बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया।
गांव से कटा संपर्क
जपती छपरा निवासी महिला अनु कौर ने बताया कि उसका बच्चा बीमार है। सुबह 10 बजे वह कलसौरा जाने वाले रास्ते से होकर बच्चे को दवाई दिलवाने इंद्री गई थी। दो बजे वापस आई तो देखा कि रास्ता पानी में डूब चुका है। अब वाया रंदौली होकर गांव पहुंचना पड़ेगा। जो कई किलोमीटर दूर पड़ेगा। प्रशासन को चाहिए कि नाव का प्रबंध करे ताकि राहगीरों को परेशानी न हो।
प्रशासन की लापरवाही के कारण पानी में डूबी मोटरें
किसान रमेश कुमार, जसपाल, नरेश और रिंकू का कहना है कि प्रशासन की ओर से उन्हें बाढ़ की कोई सूचना नहीं दी गई। यदि समय रहते सूचना मिली होती तो वे अपनी मोटरें निकाल लेते। प्रशासन की लापरवाही के कारण उनकी मोटरें पानी में डूब गई। जिस कारण उनका काफी नुकसान हुआ है।

यह रही पानी की स्थिति
11 बजे रात 94601 क्यूसेक
12 बजे रात 217397 क्यूसेक
01 बजे रात 239635 क्यूसेक
02 बजे रात 253326 क्यूसेक
03 बजे रात 267273 क्यूसेक
04 बजे सुबह 281470 क्यूसेक
05 बजे सुबह 295912 क्यूसेक
07 बजे सुबह 257947 क्यूसेक
09 बजे सुबह 239635 क्यूसेक
04 बजे सुबह 195906 क्यूसेक
हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयार
रात को ग्रामीणों को सूचना दे दी गई थी। अब पानी कम हो चुका है। यदि पानी अधिक आता है तो ग्रामीणों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
- आशीष कौशिक, एसडीओ सिंचाई विभाग
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