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Karnal News: जीटी रोड पर यमराज बने बेसहारा पशु
Mon, 25 Nov 2024 07:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 25 Nov 2024 07:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। ठंड बढ़ने लगी है और सुबह शाम धुंध भी पड़ने लगी है। ऐसे में सड़कों पर बैठे बेसहारा पशु यमराज बनकर हादसों को न्योता दे रहे हैं। सड़क पर बेसहारा पशुओं के कारण वाहन चालकों की समस्या भी बढ़ गई है। जिले में सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। जो हादसों का कारण तो बन ही रहे हैं साथ ही खुद भी अपनी जान गवा रहे हैं।
आए दिन बेसहारा पशुओं के कारण सड़क हादसे हो रहे हैं। हादसों वाहन चालक तो घायल होते ही हैं, साथ ही बड़े वाहनों की टक्कर से बेसहारा पशुओं की भी जान जा रही है। रात के अंधेरे में यह पशु सड़कों पर बैठे रहते हैं। जो वाहन चालक को नजर नहीं आते और वह हादसे का शिकार हो जाते हैं।
ऐसा नहीं है कि शहर की सड़कों पर ही ये बेसहारा पशु नजर आते हैं। इससे अलग ग्रामीण क्षेत्रों की ओर जाने वाली सड़कों पर भी इन बेसहारा पशुओं की तादाद कई गुना हो चुकी है। शहर से बाहर गांव की ओर जाने वाली सड़कों पर लाइट नहीं है। लाइट न होने के कारण वाहन चालकों को इन पशुओं का ज्यादा खतरा बना रहता है
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ये पशु जब दिखाई देते हैं तब तक वाहन चालक पशु से टकराने वाला होता है यानी नजदीक आने पर ही ये पशु दिखाई देते हैं। कई बार ऐसा होता है कि खेतों से निकलकर अचानक पशु सड़क पर आ जाते हैं, जिनसे वाहन चालक टकरा जाता है। अनियंत्रित होकर सड़क पर गिरकर घायल हो जाता है। कई चालक जान भी गंवा चुके हैं।
शहर की सड़कों पर रात को ही नहीं दिन में भी ये बेसहारा पशु बैठे रहते हैं। वाहन चालकों को ही इन पशुओं के साइड से होकर गुजरना पड़ता है। फल सब्जी की रेहड़ी लगाने वालों का कहना है कि इन बेसहारा पशुओं के कारण उन्हें भी परेशानी झेलनी पड़ ही है। आए दिन ये पशु रेहड़ियों से फल व सब्जी गिरा देते हैं तो कई बार खा भी जाते है। इतना ही नहीं ये पशु आपस में लड़ने भी लगते हैं। इससे दूसरों को नुकसान होता है।
जीटी रोड पर हजारों की संख्या में वाहन गुजरते है। जीटी रोड पर भी ये बेसहारा पशु बैठे रहते हैं। कई बार हादसे हो चुके है। जीटी रोड पर बने कटों से यह पशु सर्विस लाइन से जीटी रोड पर पहुंच जाते हैं। कई बार तो भारी संख्या में ये पशु सड़क के किनारे बैठे रहते हैं। जो रात को दिखाई नहीं देते। कई
यातायात के नियमों का पढ़ाते पाठ, पशुओं पर नहीं कोई ध्यान
जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम करते हैं। वाहन चालकों, स्कूल, कॉलेज व सार्वजनिक स्थानों पर जाकर भी लोगों को यातायात के नियमों को पाठ पढ़ाते हैं। नियमों के बारे में लोगों को जागरूक करते हैं लेकिन सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं की ओर कोई कोई ध्यान नहीं दिया जाता। बेसहारा पशु सड़क हादसों का एक बड़ा कारण हैं।
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करनाल। ठंड बढ़ने लगी है और सुबह शाम धुंध भी पड़ने लगी है। ऐसे में सड़कों पर बैठे बेसहारा पशु यमराज बनकर हादसों को न्योता दे रहे हैं। सड़क पर बेसहारा पशुओं के कारण वाहन चालकों की समस्या भी बढ़ गई है। जिले में सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। जो हादसों का कारण तो बन ही रहे हैं साथ ही खुद भी अपनी जान गवा रहे हैं।
आए दिन बेसहारा पशुओं के कारण सड़क हादसे हो रहे हैं। हादसों वाहन चालक तो घायल होते ही हैं, साथ ही बड़े वाहनों की टक्कर से बेसहारा पशुओं की भी जान जा रही है। रात के अंधेरे में यह पशु सड़कों पर बैठे रहते हैं। जो वाहन चालक को नजर नहीं आते और वह हादसे का शिकार हो जाते हैं।
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ऐसा नहीं है कि शहर की सड़कों पर ही ये बेसहारा पशु नजर आते हैं। इससे अलग ग्रामीण क्षेत्रों की ओर जाने वाली सड़कों पर भी इन बेसहारा पशुओं की तादाद कई गुना हो चुकी है। शहर से बाहर गांव की ओर जाने वाली सड़कों पर लाइट नहीं है। लाइट न होने के कारण वाहन चालकों को इन पशुओं का ज्यादा खतरा बना रहता है
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ये पशु जब दिखाई देते हैं तब तक वाहन चालक पशु से टकराने वाला होता है यानी नजदीक आने पर ही ये पशु दिखाई देते हैं। कई बार ऐसा होता है कि खेतों से निकलकर अचानक पशु सड़क पर आ जाते हैं, जिनसे वाहन चालक टकरा जाता है। अनियंत्रित होकर सड़क पर गिरकर घायल हो जाता है। कई चालक जान भी गंवा चुके हैं।
शहर की सड़कों पर रात को ही नहीं दिन में भी ये बेसहारा पशु बैठे रहते हैं। वाहन चालकों को ही इन पशुओं के साइड से होकर गुजरना पड़ता है। फल सब्जी की रेहड़ी लगाने वालों का कहना है कि इन बेसहारा पशुओं के कारण उन्हें भी परेशानी झेलनी पड़ ही है। आए दिन ये पशु रेहड़ियों से फल व सब्जी गिरा देते हैं तो कई बार खा भी जाते है। इतना ही नहीं ये पशु आपस में लड़ने भी लगते हैं। इससे दूसरों को नुकसान होता है।
जीटी रोड पर हजारों की संख्या में वाहन गुजरते है। जीटी रोड पर भी ये बेसहारा पशु बैठे रहते हैं। कई बार हादसे हो चुके है। जीटी रोड पर बने कटों से यह पशु सर्विस लाइन से जीटी रोड पर पहुंच जाते हैं। कई बार तो भारी संख्या में ये पशु सड़क के किनारे बैठे रहते हैं। जो रात को दिखाई नहीं देते। कई
यातायात के नियमों का पढ़ाते पाठ, पशुओं पर नहीं कोई ध्यान
जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम करते हैं। वाहन चालकों, स्कूल, कॉलेज व सार्वजनिक स्थानों पर जाकर भी लोगों को यातायात के नियमों को पाठ पढ़ाते हैं। नियमों के बारे में लोगों को जागरूक करते हैं लेकिन सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं की ओर कोई कोई ध्यान नहीं दिया जाता। बेसहारा पशु सड़क हादसों का एक बड़ा कारण हैं।