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तीन सीएचसी में एक्सरे मशीन बंद, एक जगह खराब तो दो जगहों पर नहीं है रेडियोग्राफर
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स्वास्थ्य विभाग लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावे तो कर रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही है। जिले की तीन सीएचसी निसिंग, असंध व इंद्री केंद्रों पर एक्सरे मशीन तो लगा दी गई है, लेकिन मरीजों को उनकी सुविधा नहीं मिल रही, क्योंकि उनको चलाने के लिए विभाग के पास रेडियोग्राफर ही नहीं है।
यही कारण है कि पिछले करीब दो सालों से ये मशीनें धूल फांक रहीं हैं। इसी वजह से ग्रामीण अंचलों में मरीजों को करनाल रेफर करना मजबूरी बना हुआ है। ग्रामीण अंचलों की एक बड़ी आबादी इसी वजह से परेशान है। उन्हें एक्सरे के लिये प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ता है या कई किलोमीटर का लंबा सफर तय कर जिला अस्पताल करनाल में धक्के खाने पड़ते हैं। मगर जिला अस्पताल में पहले ही मरीजों का इतना ज्यादा दबाव है कि यहां इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए मरीजों को घंटों लाइन में लगकर भीषण गर्मी में इंतजार करना पड़ता है।
इन सभी संबंधित सीएचसी के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने उच्च अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी हुई है लेकिन अभी तक इन अल्ट्रासाउंड मशीनों को चलाने के लिए विशेषज्ञ नहीं मिला है।
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इंद्री में खराब पड़ी है अल्ट्रासाउंड मशीन
इंद्री कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) में करीब दस लाख रुपये की लागत से 2018 में एक्सरे मशीन लगाई थी। इसके कुछ समय बाद एक पार्ट खराब हो गया। तभी से यह मशीन बंद है। अधिकारियों का कहना है कि इस मशीन के खराब पार्ट का करीब 50 हजार का अनुमानित बजट बनाकर अधिकारियों को भेजा हुआ है। इससे अलग सीएचसी में रेडियोग्राफर पद भी खाली है। नीलोखेड़ी से सप्ताह में एक दिन के लिए रेडियोग्राफर पहले एक्सरे करने के लिए आता था।
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असंध- निसिंग में नहीं है मशीन चलाने वाले विशेषज्ञ
असंध और निसिंग के भी यही हालात है कि यहां पर इन दोनों सीएचसी पर एक्सरे मशीन तो है लेकिन रेडियोग्राफर न होने के कारण वह बंद पड़ी है। असंध में सिर्फ सप्ताह में एक दिन ही एक्सरे होते हैं, करनाल से एक रेडियोग्राफर एक दिन के लिए आता है, बाकी के दिन एक्सरे मशीन बंद रहती है। इस कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है, क्याेंकि दुर्घटना होने पर मरीजों को इन सीएचसी से करनाल रेफर कर दिया जाता है। जिस कारण मरीजों को एक्सरे करवाने के लिए ही करनाल आना पड़ता है।
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पार्ट ठीक करवाने के लिए मंजूरी का इंतजार
सीएचसी में एक्सरे मशीन तो है। इसका एक पार्ट खराब हो चुका है। इसको ठीक कराने के लिए करीब 50 हजार रुपये का अस्टीमेंट बनाकर अधिकारियों को भेजा हुआ है वहां से मजूंरी मिलने के बाद ही मशीन को ठीक कराया जाएगा। रेडियोग्राफर का भी पद खाली है।
- संदीप अबरोल, अतिरिक्त एसएमओ इंद्री सीएचसी, करनाल।
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पिछले तीन साल से सीएचसी में एक्सरे मशीन तो है, लेकिन इसे चलाने वाला स्थायी विशेषज्ञ नहीं है। स्थायी रेडियोग्राफर न होने के कारण करनाल से सप्ताह में एक दिन के लिए रेडियोग्राफर यहां आता है मरीजों का एक्सरे किया जाता है।
- जयपाल चहल, अतिरिक्त एसएमओ असंध सीएचसी, करनाल।
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यही कारण है कि पिछले करीब दो सालों से ये मशीनें धूल फांक रहीं हैं। इसी वजह से ग्रामीण अंचलों में मरीजों को करनाल रेफर करना मजबूरी बना हुआ है। ग्रामीण अंचलों की एक बड़ी आबादी इसी वजह से परेशान है। उन्हें एक्सरे के लिये प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ता है या कई किलोमीटर का लंबा सफर तय कर जिला अस्पताल करनाल में धक्के खाने पड़ते हैं। मगर जिला अस्पताल में पहले ही मरीजों का इतना ज्यादा दबाव है कि यहां इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए मरीजों को घंटों लाइन में लगकर भीषण गर्मी में इंतजार करना पड़ता है।
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इन सभी संबंधित सीएचसी के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने उच्च अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी हुई है लेकिन अभी तक इन अल्ट्रासाउंड मशीनों को चलाने के लिए विशेषज्ञ नहीं मिला है।
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इंद्री में खराब पड़ी है अल्ट्रासाउंड मशीन
इंद्री कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) में करीब दस लाख रुपये की लागत से 2018 में एक्सरे मशीन लगाई थी। इसके कुछ समय बाद एक पार्ट खराब हो गया। तभी से यह मशीन बंद है। अधिकारियों का कहना है कि इस मशीन के खराब पार्ट का करीब 50 हजार का अनुमानित बजट बनाकर अधिकारियों को भेजा हुआ है। इससे अलग सीएचसी में रेडियोग्राफर पद भी खाली है। नीलोखेड़ी से सप्ताह में एक दिन के लिए रेडियोग्राफर पहले एक्सरे करने के लिए आता था।
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असंध- निसिंग में नहीं है मशीन चलाने वाले विशेषज्ञ
असंध और निसिंग के भी यही हालात है कि यहां पर इन दोनों सीएचसी पर एक्सरे मशीन तो है लेकिन रेडियोग्राफर न होने के कारण वह बंद पड़ी है। असंध में सिर्फ सप्ताह में एक दिन ही एक्सरे होते हैं, करनाल से एक रेडियोग्राफर एक दिन के लिए आता है, बाकी के दिन एक्सरे मशीन बंद रहती है। इस कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है, क्याेंकि दुर्घटना होने पर मरीजों को इन सीएचसी से करनाल रेफर कर दिया जाता है। जिस कारण मरीजों को एक्सरे करवाने के लिए ही करनाल आना पड़ता है।
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पार्ट ठीक करवाने के लिए मंजूरी का इंतजार
सीएचसी में एक्सरे मशीन तो है। इसका एक पार्ट खराब हो चुका है। इसको ठीक कराने के लिए करीब 50 हजार रुपये का अस्टीमेंट बनाकर अधिकारियों को भेजा हुआ है वहां से मजूंरी मिलने के बाद ही मशीन को ठीक कराया जाएगा। रेडियोग्राफर का भी पद खाली है।
- संदीप अबरोल, अतिरिक्त एसएमओ इंद्री सीएचसी, करनाल।
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पिछले तीन साल से सीएचसी में एक्सरे मशीन तो है, लेकिन इसे चलाने वाला स्थायी विशेषज्ञ नहीं है। स्थायी रेडियोग्राफर न होने के कारण करनाल से सप्ताह में एक दिन के लिए रेडियोग्राफर यहां आता है मरीजों का एक्सरे किया जाता है।
- जयपाल चहल, अतिरिक्त एसएमओ असंध सीएचसी, करनाल।