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Karnal News: युवा साहित्य से जुड़ेंगे, तब श्रेष्ठ भारत के निर्माण की कल्पना होगी साकार

Fri, 22 Aug 2025 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Fri, 22 Aug 2025 01:32 AM IST
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When youth will connect with literature, then the dream of building a better India will come true
1002 प्रकृति महोत्सव में अतिथियों को पुस्तक भेंट करते डॉ.जय कौशिक। संवाद - फोटो : mathura
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में आयोजित प्रकृति महोत्सव एवं डेयरी फार्मिंग-2025 के चौथे दिन एसडीएम ने किया संबोधित
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा पुलिस की पहल पर राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) में आयोजित प्रकृति महोत्सव एवं डेयरी फार्मिंग-2025 के चौथे दिन स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। वहीं, बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे एसडीएम अनुभव मेहता ने कहा कि जब प्रकृति स्वस्थ होगी तभी उस पर रहने वाले प्रत्येक प्राणी भी स्वस्थ होंगे। युवा वे साहित्य से जुड़ेंगे, तब ही श्रेष्ठ भारत के निर्माण की कल्पना साकार होगी। पुस्तकें ही हैं जो हमें नई दिशाओं की ओर ले जाने के साथ-साथ हमारी संस्कृति और परंपराओं से रूबरू कराती है।
एनडीआरआई के निदेशक एवं कुलपति डॉ. धीर सिंह ने कहा कि युवाओं को चाहिए कि वह ज्ञान के हर साधन का प्रयोग करें और बदलते हुए वक्त के साथ अपने अंदर भी बदलाव लायें। उन्होंने डार्विन के सिद्धान्त का उदाहरण देते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों में भी जो अपने आपको और अपनी रचनात्मकता को जीवित रख पाएगा वही आगे सफल होगा। वैज्ञानिक डा. नरेश शेलोकर ने प्रजनन तकनीकी के बारे में बताने के बाद कहा कि विज्ञान का ज्ञान जन-जन तक पहुंचे, ऐसे में पुस्तक मेंले उसका माध्यम हो सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले का उद्देश्य युवाओं में पढ़ने की आदत को विकसित करना है, ताकि वे ज्ञान और बौद्धिकता के मार्ग पर आगे बढ़ सकें। डा. हिना शर्मा ने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं होतीं, बल्कि वे हमारी सोच को दिशा देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम भी होती हैं। जब युवा पुस्तकें पढेंगे तो वे अपने विचारों को और स्पष्टता तथा गहराई से विकसित कर सकते हैं। संयोजक डा. जयकौशिक ने कहा कि पुस्तक मेला केवल किताबों का आदान-प्रदान करने का मंच नहीं, बल्कि यह विचारों, संस्कृतियों और ज्ञान का संगम है। पुलिस पीआरओ (आउटरीच) राजीव रंजन ने कहा कि सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति को सहेजने का संस्कार करनाल़ के नौनिहालों को विकसित करना होगा, तभी अपने पर्यावरण को स्वस्थ और सुंदर बना पाएगे। डॉ.जय कौशिक ने सभी अतिथियों को पुस्तकें भेंट पर सम्मानित किया।
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बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
महोत्सव में विद्यार्थियों ने एकल कविता पाठ किया। उन्होंने स्वरचित कविताओं में पुस्तकों के महत्व को दर्शाया तथा अन्य सामाजिक मुद्दों जैसे पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण आदि विषयों पर अपनी कल्पनाशीलता एवं सृजनधर्मिता का संप्रेक्षण किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल और राजकीय पीजी कॉलेज के बच्चों ने हरियाणवी नृत्य पेश किया। लवेश, अनिष्का और कामना की विशेष भागीदारी रही।
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