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Karnal News: नाउम्मीद हुए तो दूसरों के लिए बन गए उम्मीद अपने संघर्ष से सीख लेकर दूसरों के लिए बन गए उम्मीद

Wed, 31 Dec 2025 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Wed, 31 Dec 2025 01:43 AM IST
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When I lost hope, I became a hope for others. I learned from my struggle and became a hope for others.
करनाल। जब मुश्किलें आती हैं तो इंसान के पास दो ही रास्ते होते हैं। हार मानकर अवसाद में चला जाए या समाधान के लिए संघर्ष करे। बेहतर रास्ता समाधान के लिए संघर्ष का ही है। इस कठिन रास्ते को बिरले ही चुनते हैं। ऐसे लोगों में इंद्रजीत सिंह का नाम भी आता है। बेटे जयरूप के ऑटिज्म से पीड़ित होने के बाद उन्हें कई कटु अनुभव हुए। चिकित्सक ने कहा कि कोई समुचित उपचार नहीं है। अवसाद के अवसर पर उन्होंने अपने जैसे मां-पिता के लिए उम्मीद की किरण बनने की ठानी। सहायता के लिए गुरुसांझ फाउंडेशन की शुरुआत की। डेढ़ एकड़ जमीन फाउंडेशन को दान कर चुके हैं।
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निसिंग निवासी इंद्रजीत सिंह हरियाणा पुलिस में हैं। वर्तमान में करनाल में एसटीएफ में नियुक्ति है। 13 साल के बेटे जयरूप सिंह ऑटिज्म से पीड़ित हैं। जयरूप के तीन साल के होने पर इस बारे में पता चला। बड़े से बड़े अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने जवाब दिया कि ऑटिज्म का कोई इलाज नहीं है। शिक्षण और प्रशिक्षण से ही एक हद तक बच्चे को जीवन जीने के लिए तैयार किया जा सकता है। अवसाद के इन क्षणों में वह धार्मिक स्थलों पर भी गए। मन्नतें मांगी।
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इंद्रजीत बताते हैं कि मन में हार का अहसास घर करता जा रहा था। पत्नी हरविंद्र कौर निराश हो गई थीं। पति-पत्नी के बीच बातचीत का अन्य कोई विषय नहीं था। बेटे के इलाज के लिए संघर्ष की ही बात होती। ऐसे में अपने जैसे अन्य माता-पिता के समस्याओं से जूझने के बारे में भी बात हुई। ऊपरवाले की प्रेरणा से गुरुसांझ फाउंडेशन का विचार मन में आया। बेटी के नाम से फाउंडेशन की शुरुआत की। ऑटिज्म व किसी भी तरह से मानसिक बीमारी के इलाज के प्रबंध का ध्येय है। शुरुआत हो चुकी है। डेढ़ एकड़ में इमारत बनवाई है। अगले वर्ष अप्रैल तक स्कूल और उपचार केंद्र शुरू होने की संभावना है। संवाद
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ऐसे कर सकते हैं संपर्क
गुरसांझ फाउंडेशन फेसबुक पेज पर संदेश भेजकर संपर्क कर सकते हैं। इंस्टाग्राम और यूट्यूब चैनल के मार्फत संदेश भेजकर भी फाउंडेशन से सहायता ले सकते हैं। फोन नंबर 9653535002 से संपर्क कर सकते हैं।

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- जरूरतमंद के लिए होगी नि:शुल्क सुविधा
इंद्रजीत सिंह ने बताया कि फाउंडेशन की ओर से तीन स्तर पर लोगों की मदद की जाएगी। मानसिक रोगियों के आधुनिकतम उपचार की व्यवस्था करने का प्रयास है। परामर्श के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर का सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा माता-पिता के लिए काउंसिलिंग और प्रशिक्षण की व्यवस्था भी होगी। जरूरतमंद माता-पिता के लिए फाउंडेशन की ओर से आर्थिक रूप से सहायता दी जाएगी। गरीब परिवार जो सक्षम नहीं हैं, उन्हें नि:शुल्क सुविधाएं दी जाएंगी। कई ऐसे परिवार जो खर्च वहन कर सकते हैं उनको फीस देनी होगी लेकिन कम। मानसिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाने, उनकी काउंसिलिंग, शिक्षा, उपचार की व्यवस्था होगी। अगले वर्ष अप्रैल तक स्कूल शुरू किया जा सकता है।
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फाउंडेशन के स्कूल में ये होंगी सुविधाएं-स्कूली शिक्षा दी जाएगी, खेल गतिविधियां होंगी।
-पीजीआई चिकित्सक समय-समय पर करेंगे काउंसिलिंग
-होम्योपैथिक चिकित्सक होंगे उपलब्ध, विशेषज्ञ रखे जाएंगे
-माता-पिता की भी काउंसिलिंग करने ही होगी सुविधा
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माता-पिता के लिए तीन जरूरी बातें- बच्चा मानसिक रूप से कमजोर हैं तो उन्हें अपनी कमजोरी न समझें
- बीमारी को समझें और उपलब्ध आधुनिकतम इलाज की व्यवस्था करें
- बच्चे के उपचार के साथ माता-पिता के लिए उपलब्ध प्रशिक्षण, काउंसिलिंग भी लें
(जैसा कि इंद्रजीत सिंह ने अपने अनुभव के आधार पर बताया)
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