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Karnal News: शाबाश.. बिना कोचिंग पाई सफलता
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नाम : ज्योति रानी, अंक- 496
पोजीशन : प्रदेश में तृतीय, जिले में प्रथम
स्कूल : आनंद पब्लिक स्कूल निगदू
लक्ष्य : आईपीएस अफसर बनना। 11वीं कक्षा में नॉन मेडिकल में दाखिला लिया।
सफलता का मंत्र : स्कूल में पढ़ाए गए पाठ्यक्रम को घर आकर रिवाइज किया। कोचिंग नहीं ली, सिर्फ सेल्फ स्टडी की।
प्ररेणास्रोत : डॉ. भीमराव आंबेडकर
पढ़ाई के घंटे : 12 घंटे
हॉबी : किताबें पढ़ना
अंक : कुल- 496, गणित, पंजाबी और सामाजिक विज्ञान में 100, अंग्रेजी 99, विज्ञान 97, हिंदी, 96
नाम : अंशिका, अंक- 493
पोजीशन : जिले में द्वितीय
स्कूल : चौधरी भगत सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल जैनपुर सादान
लक्ष्य : आईएएस अधिकारी बनना। ताकि जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकें। नॉन मेडिकल में दाखिला लिया।
सफलता का मंत्र : किसान पिता विनोद कुमार और मोनिका देवी की बेटी ने नियमित पढ़ाई की। कोई ट्यूशन नहीं ली।
प्ररेणास्रोत : आईएएस अधिकारी
पढ़ाई के घंटे : रोजाना 09 घंटे
हॉबी : संगीत सुनना और टेनिस खेलना
अंक : गणित और पंजाबी 100, अंग्रेजी और विज्ञान 98, हिंदी 97
नाम : दिव्यांश डोडा, अंक- 492
पोजिशन : जिले में तृतीय
स्कूल : आनंद पब्लिक स्कूल निगदू
लक्ष्य : इंजीनियर बनना
सफलता का मंत्र : बिना कोचिंग तैयारी की, जो स्कूल में पढ़ा वहीं घर पर रिवाइज किया।
प्ररेणास्रोत : स्कूल की निदेशक मां गीतांजली और सरकारी स्कूल के प्राध्यापक पिता जितेंद्र कुमार, इंजीनियर मामा
पढ़ाई के घंटे : रोजाना आठ से 10 घंटे
हॉबी : किताबें पढ़ना और क्रिकेट खेलना
अंक : गणित, पंजाबी और अंग्रेजी 100, हिंदी और सामाजिक विज्ञान 96
नाम : शाइन , अंक- 492
पोजीशन : जिले में तृतीय
स्कूल : डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल करनाल
लक्ष्य : आईएएस अफसर बनना, नॉन मेडिकल में दाखिला लिया।
सफलता का मंत्र : इलेक्ट्रिशियन पिता प्रवीण कुमार और मुस्कान के बेटे ने सत्र की शुरुआत से अंत तक नियमित पढ़ाई की।
प्ररेणास्रोत : कई प्रशासनिक अधिकारी
पढ़ाई के घंटे : रोजाना 10 से 12 घंटे
हॉबी : गार्डनिंग और किताबें पढ़ना
अंक : अंग्रेजी 100, ड्राइंग और विज्ञान 99, गणित और सामाजिक विज्ञान 97
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पोजीशन : प्रदेश में तृतीय, जिले में प्रथम
स्कूल : आनंद पब्लिक स्कूल निगदू
लक्ष्य : आईपीएस अफसर बनना। 11वीं कक्षा में नॉन मेडिकल में दाखिला लिया।
सफलता का मंत्र : स्कूल में पढ़ाए गए पाठ्यक्रम को घर आकर रिवाइज किया। कोचिंग नहीं ली, सिर्फ सेल्फ स्टडी की।
प्ररेणास्रोत : डॉ. भीमराव आंबेडकर
पढ़ाई के घंटे : 12 घंटे
हॉबी : किताबें पढ़ना
अंक : कुल- 496, गणित, पंजाबी और सामाजिक विज्ञान में 100, अंग्रेजी 99, विज्ञान 97, हिंदी, 96
नाम : अंशिका, अंक- 493
पोजीशन : जिले में द्वितीय
स्कूल : चौधरी भगत सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल जैनपुर सादान
लक्ष्य : आईएएस अधिकारी बनना। ताकि जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकें। नॉन मेडिकल में दाखिला लिया।
सफलता का मंत्र : किसान पिता विनोद कुमार और मोनिका देवी की बेटी ने नियमित पढ़ाई की। कोई ट्यूशन नहीं ली।
प्ररेणास्रोत : आईएएस अधिकारी
पढ़ाई के घंटे : रोजाना 09 घंटे
हॉबी : संगीत सुनना और टेनिस खेलना
अंक : गणित और पंजाबी 100, अंग्रेजी और विज्ञान 98, हिंदी 97
नाम : दिव्यांश डोडा, अंक- 492
पोजिशन : जिले में तृतीय
स्कूल : आनंद पब्लिक स्कूल निगदू
लक्ष्य : इंजीनियर बनना
सफलता का मंत्र : बिना कोचिंग तैयारी की, जो स्कूल में पढ़ा वहीं घर पर रिवाइज किया।
प्ररेणास्रोत : स्कूल की निदेशक मां गीतांजली और सरकारी स्कूल के प्राध्यापक पिता जितेंद्र कुमार, इंजीनियर मामा
पढ़ाई के घंटे : रोजाना आठ से 10 घंटे
हॉबी : किताबें पढ़ना और क्रिकेट खेलना
अंक : गणित, पंजाबी और अंग्रेजी 100, हिंदी और सामाजिक विज्ञान 96
नाम : शाइन , अंक- 492
पोजीशन : जिले में तृतीय
स्कूल : डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल करनाल
लक्ष्य : आईएएस अफसर बनना, नॉन मेडिकल में दाखिला लिया।
सफलता का मंत्र : इलेक्ट्रिशियन पिता प्रवीण कुमार और मुस्कान के बेटे ने सत्र की शुरुआत से अंत तक नियमित पढ़ाई की।
प्ररेणास्रोत : कई प्रशासनिक अधिकारी
पढ़ाई के घंटे : रोजाना 10 से 12 घंटे
हॉबी : गार्डनिंग और किताबें पढ़ना
अंक : अंग्रेजी 100, ड्राइंग और विज्ञान 99, गणित और सामाजिक विज्ञान 97