{"_id":"67535e8508966fc29f0dd404","slug":"ways-to-prevent-hiv-karnal-news-c-18-1-knl1004-534590-2024-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: एचआईवी से बचाव के बताए तरीके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: एचआईवी से बचाव के बताए तरीके
Sat, 07 Dec 2024 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 07 Dec 2024 01:58 AM IST
विज्ञापन
मधुबन। हरियाणा पुलिस अकादमी की डॉ भीमराव आंबेडकर रंगशाला में हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा एचआईवी एड्स पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण समिति की सहायक निदेशक डॉ उजिता बाल्लयान ने प्रशिक्षणार्थियों व स्टाफ को एचआईवी संक्रमण से बचाव, संक्रमित व्यक्ति से व्यवहार, एचआईवी एड्स उन्नमुलन के बारे में जानकारी दी।
सिविल अस्पताल करनाल के सहयोग से निशुल्क जांच के लिए शिविर भी लगाया गया। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों व स्टाफ ने स्वेच्छा से अपनी जांच करवाई। डॉ उजिता ने कहा कि एचआईवी एड्स संक्रमण वाले अधिकांश लोगों में कई साल तक बीमारी का कोई लक्षण दिखाई नहीं देता, पर लगभग आठ से 10 वर्ष में उन बीमारियों के लक्षण प्रकट हो जाते हैं जो एड्स की स्थिति बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार द्वारा निशुल्क औषधि प्रदान की जाती है, जिनके नियमित सेवन से पीड़ित व्यक्ति सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। पीड़ित व्यक्ति को घबराना नहीं चाहिए, उसे नियमित रूप से दवाओं का सेवन करना चाहिए। संवाद
विज्ञापन
एड्स पीड़ित गर्भवती महिलाएं नियमित दवाईयों का सेवन करके स्वस्थ शिशु को जन्म दे सकती है। एड्स पीडि़त व्यक्ति को नि:शुल्क दवाईयों के साथ पौष्टिक आहार के लिए 2250 रुपये मासिक पेंशन भी दी जा रही है। इस अवसर पर अकादमी निरीक्षक नरेश कुमार, अकादमी स्टाफ व प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल करनाल के सहयोग से निशुल्क जांच के लिए शिविर भी लगाया गया। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों व स्टाफ ने स्वेच्छा से अपनी जांच करवाई। डॉ उजिता ने कहा कि एचआईवी एड्स संक्रमण वाले अधिकांश लोगों में कई साल तक बीमारी का कोई लक्षण दिखाई नहीं देता, पर लगभग आठ से 10 वर्ष में उन बीमारियों के लक्षण प्रकट हो जाते हैं जो एड्स की स्थिति बनाते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार द्वारा निशुल्क औषधि प्रदान की जाती है, जिनके नियमित सेवन से पीड़ित व्यक्ति सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। पीड़ित व्यक्ति को घबराना नहीं चाहिए, उसे नियमित रूप से दवाओं का सेवन करना चाहिए। संवाद
विज्ञापन
एड्स पीड़ित गर्भवती महिलाएं नियमित दवाईयों का सेवन करके स्वस्थ शिशु को जन्म दे सकती है। एड्स पीडि़त व्यक्ति को नि:शुल्क दवाईयों के साथ पौष्टिक आहार के लिए 2250 रुपये मासिक पेंशन भी दी जा रही है। इस अवसर पर अकादमी निरीक्षक नरेश कुमार, अकादमी स्टाफ व प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।