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Karnal News: प्रीति, सर्वार्थ सिद्धि, रवि और इंद्र ब्रह्मायोग में मनाई जाएगी विनायक चतुर्थी
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गणेश जी
करनाल। श्री विनायक चतुर्थी व्रत 27 अगस्त को मनाया जाएगा। यह व्रत गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। श्री श्याम बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि दस दिन तक मनाए जाने वाले इस पर्व पर प्रीति योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और इंद्र ब्रह्मा योग बन रहा है।
उन्होंने बताया कि श्री विनायक चतुर्थी 26 अगस्त मंगलवार दोपहर बाद 1:54 बजे से 27 अगस्त को 3:43 बजे तक रहेगी। इस तिथि में चंद्र दर्शन नही करना चाहिए, इसलिए इसको कलंक चतुर्थी कहते है। विनायक चतुर्थी के दिन श्रीगणेश की प्रतिमा को लाकर अपने घर या मोहल्ले में स्थापित कर सुबह-शाम पूजा और आरती कर लड्डू का भोग लगाते हैं। शास्त्री ने बताया कि इस दस दिवसीय व्रत के दौरान किए गए कार्य सफल होते हैं और बाधाएं दूर होती हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग सभी कार्यों में सिद्धि प्रदान करता है, रवि योग आरोग्य और धन प्रदान करता है, प्रीति योग प्रेम, सामंजस्य और सम्मान को बढ़ाता है। इंद्र ब्रह्मा योग, जो इंद्र योग और ब्रह्म योग के मिलने से बनता है, समृद्धि, बुद्धिमत्ता और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि करता है।
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उन्होंने बताया कि श्री विनायक चतुर्थी 26 अगस्त मंगलवार दोपहर बाद 1:54 बजे से 27 अगस्त को 3:43 बजे तक रहेगी। इस तिथि में चंद्र दर्शन नही करना चाहिए, इसलिए इसको कलंक चतुर्थी कहते है। विनायक चतुर्थी के दिन श्रीगणेश की प्रतिमा को लाकर अपने घर या मोहल्ले में स्थापित कर सुबह-शाम पूजा और आरती कर लड्डू का भोग लगाते हैं। शास्त्री ने बताया कि इस दस दिवसीय व्रत के दौरान किए गए कार्य सफल होते हैं और बाधाएं दूर होती हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग सभी कार्यों में सिद्धि प्रदान करता है, रवि योग आरोग्य और धन प्रदान करता है, प्रीति योग प्रेम, सामंजस्य और सम्मान को बढ़ाता है। इंद्र ब्रह्मा योग, जो इंद्र योग और ब्रह्म योग के मिलने से बनता है, समृद्धि, बुद्धिमत्ता और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि करता है।
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