फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Vigilance raids in case of sale of urea more than purchase

Karnal News: खरीद से अधिक यूरिया बिक्री मामले में विजिलेंस ने दी दबिश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Feb 2024 12:31 AM IST
विज्ञापन
Vigilance raids in case of sale of urea more than purchase
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। प्लाईवुड फैक्टरियों में यूरिया की अवैध रूप से सप्लाई के मामले में जीएसटी विजिलेंस भी कूद पड़ी है। जीएसटी विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को इस मामले में जांच शुरू करते हुए सेक्टर-18 व जगाधरी में दबिश दी। जीएसटी के रडार पर न आ जाएं इसलिए फर्मों के अलावा प्लाईवुड कारोबारियों के भी पसीने छूटे रहे। कारोबारियों के मोबाइल बंद आने लगे तो कोई अपनी फैक्टरियों के ताले लगाकर वहां से दो-चार हो गए। ज्ञात हो कि जीएसटी विजिलेंस द्वारा प्लाईवुड कारोबारियों को समन भेजे जा रहे हैं। आरोप है कि टेक्निकल ग्रेड यूरिया फैक्टरियों में खरीद से ज्यादा बेचा गया। जीएसटी की टीम कब और किस समय किसी फैक्टरी में दबिश दे दे इसका किसी को कुछ पता नहीं।
पिछले दिनों कृषि विभाग के अधिकारियों ने हिसार के हांसी की फर्म के अलावा जगाधरी की दो फर्मों को नोटिस भेजे थे। जीएसटी सूत्रों के अनुसार जितना टेक्निकल ग्रेड यूरिया इन फर्माें ने कंपनी से लिया, उससे कहीं ज्यादा के बिल जारी कर दिए। ज्ञात हो कि कृषि विभाग यूरिया के डीलरों के यहां से जो भी सैंपल लेता है उसकी सूचना वह यूरिया बनाने वाली कंपनी को भेजी जाती है। कंपनियों की तरफ से कृषि विभाग को जवाब भेजा गया कि उन्होंने तो काफी समय से यूरिया की सप्लाई ही नहीं की गई है। ऐसे में प्लाईवुड फैक्टरियों में यूरिया सप्लाई करने वाली फर्म जीएसटी विजिलेंस के निशाने पर आ गई। अब प्लाईवुड फैक्टरियों को नोटिस भेज कर रिकॉर्ड मांगा जा रहा है कि उन्होंने कब और कितना यूरिया कहां से खरीदा। बार-बार नोटिस भेजने के बाद भी प्लाईवुड कारोबारी विजिलेंस को रिकॉर्ड नहीं सौंप रहे हैं, जिससे उन पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन


रडार पर आए तो कराने लगे एंट्री
यूरिया की तस्करी मामले में कृषि विभाग के अधिकारी भी इस बार फंसते नजर आ रहे हैं। मानकपुर में पकड़े गए यूरिया के मामले में पुलिस ने कृषि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर बलबीर सिंह भान पर भी एफआईआर दर्ज है। हालांकि बीएस भान को कोर्ट से पहले अग्रिम और बाद में रेगुलर जमानत मिल गई। यूरिया तस्करी में नाम आने के बाद कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के कार्यालय में आने वाले अब हर व्यक्ति का रजिस्टर में रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। इसके लिए कार्यालय में प्रवेश द्वार पर ही एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है। जिसका काम कार्यालय में आने वाले सभी लोगों की रजिस्टर में एंट्री करना होगा। पुलिस भी कृषि विभाग के कार्यालय से यूरिया से संबंधित रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन



जमानत मिलते ही नोटिस का दिया जवाब
मानकपुर में पकड़े गए यूरिया के फर्जी बिल जारी करने के आरोप में पुलिस ने भाटली ट्रेडिंग कंपनी के संचालक सुमित को गिरफ्तार किया था। सुमित को कोर्ट से जमानत मिल गई। उनकी फर्म को कृषि विभाग की टीम ने नोटिस जारी कर टेक्निकल ग्रेड यूरिया की खरीद, बिक्री व स्टॉक का रिकॉर्ड कार्यालय में जमा कराने को कहा था। सुमित ने नोटिस का जो जवाब विभाग को सौंपा है उसके अनुसार उनकी कंपनी ने टेक्निकल ग्रेड यूरिया के जून 2022 से अब तक 3100 बैग खरीदे। जिसमें से उन्होंने 3080 बैग बेच दिए। बेचे गए यूरिया के रेट के हिसाब से बिल व बिल्टी भी कार्यालय में जमा कराए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed