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वैंडर, सफाई और पुलिसकर्मियों के होंगे रैंडम कोविड-19 के टेस्ट, यूजड मास्क के निपटान के लिए लगेंगे पीले डस्टबिन
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जिले में कोरोना से बचाव के लिए प्रशासन ने दो और नए निर्णय लिए हैं। अब सभी वेंडर, सफाईकर्मी व पुलिसकर्मियों के रैंडम कोविड-19 के टेस्ट होंगे। वहीं यूज्ड मास्क व पीपीई किट के निपटान के लिए शहर भर में पीले डस्टबिन लगाए जाएंगे। लघु सचिवालय में हुई स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक में डीसी निशांत कुमार यादव ने बताया कि जिले में कोरोना से बचाव पर फोकस बनाए रखने के साथ स्वास्थ्य विभाग की दूसरी गतिविधियां भी जारी रहेंगी। वहीं विदेश में रह रहे प्रवासी भारतीयों को वापस लाने के लिए भी आज दोपहर तक प्रशासन को जानकारी दी जा सकती है।
बच्चों को लगाए जा रहे टीके
जिले में इम्यूनाइजेशन यानि प्रतिरक्षण कार्यक्रम 15 अप्रैल से शुरू हो चुका है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीलम वर्मा ने बताया कि सभी पीएचसी में बुधवार और शनिवार के दिन छोटे बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। इसके तहत आशा वर्कर या आंगनवाड़ी वर्कर की मार्फत उन्हीं बच्चों को अभिभावकों के साथ बुलाया जाता है, जिनके टीके ड्यू हैं, ताकि सही समय पर टीकाकरण हो सके।
टेस्ट को लेकर स्वास्थ्य विभाग बना रहा शेड्यूल
कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए वेंडर यानि फल-सब्जी बेचने वाले, सफाई व पुलिसकर्मी का रैंडम यानि एकाएक, कोविड-19 के टेस्ट कराए जाएंगे। डीसी ने कहा कि इन लोगों का ओपन में ज्यादा एक्सपोजर रहता है, इसलिए इनके रैंडम टेस्ट किए जाने जरूरी हैं। टेस्ट को लेकर सरकार व्यवस्था करवा रही है। स्वास्थ्य विभाग भी इसका शेड्यूल बना रहा है, ज्यादा एक्सपोजर वालों के पहले टेस्ट होंगे।
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टिप्पर पर लगाएं बैग ताकि मास्क दूसरे कचरे में मिक्स न हों
कोरोना से बचाव को मास्क या टेस्ट इत्यादि के लिए प्रयुक्त पीपीई किट के बेकार होने के बाद उसका उचित निस्तारण जरूरी है। बेकार मास्क को खुले में फेंकना हानिकारक है, पशु इत्यादि खाएंगे तो नुकसान होगा। शहर में जगह-जगह पीले रंग के डस्टबिन रखवाए जाएंगे ताकि लोग बेकार मास्क को उसमें डाल सकें। इसके बाद के उचित निस्तारण के लिए नगर निगम की ओर से व्यवस्था की गई है, जिसमें इन्हें वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करवाया जाता है। फिलहाल नगर निगम के टिप्पर, जो सभी वार्डो में जाते हैं, उन पर भी पीले रंग के बैग टांगे गए हैं, जिसमें नागरिक सीधे बेकार मास्क को डाल सकते हैं। इस बारे नागरिकों से भी अपील है कि बेकार मास्क को इधर-उधर न फेंके न ही उसे कूड़े में मिक्स करें।
फोन या ई-मेल से 180 परिवार बोले, हमारे सदस्य विदेश में, लाएं वापस
विदेश में रह रहे प्रवासी भारतीयों को भी वापस लाने के लिए व्यवस्था की गई है। जिले के 180 परिवारों ने प्रशासन को इस संबंध में सूचना दी है। सभी सूचनाओं को राज्य सरकार से सांझा किया जाएगा, इससे पहले प्रवासी भारतीयों तथा विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के संबंध में एकत्रित की गई सूचनाओं को जिले की वेबसाइट करनाल.जीओवी.इन पर अपलोड किया जाएगा। डीसी ने बताया कि विदेश में कार्य कर रहे प्रवासी भारतीयों के परिजन तथा विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के अभिभावक जिला प्रशासन द्वारा अपलोड की गई इन जानकारियों को चेक करके 29 अप्रैल बुधवार को दोपहर 3 बजे तक फोन नंबर 0184-4073222 पर पुष्टि कर सकते हैं। इसमें यदि कोई त्रुटि हो तो उसे ठीक करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त जो अभिभावक या परिजन सूचना जिला प्रशासन तक नहीं पहुंचा पाए हैं, वे भी इसी निर्धारित समय तक दूरभाष व ईमेल एमएबीआरएएनसीएचकेएनएलञ्चजीमेल.कॉम के माध्यम से सूचना दे सकते हैं। इसके लिए प्रशासन द्वारा नगराधीश करनाल डॉ. पूजा भारती को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
कोरोना बुलेटिन : 1101 में से 1070 की रिपोर्ट नेगेटिव, 25 की पेंडिंग
जिले में कोरोना से संदिग्ध 1101 व्यक्तियों के सैंपल में से 1070 की रिपोर्ट नेगेटिव है और 25 की रिपोर्ट आनी शेष है। सिविल सर्जन डॉ. अश्विनी आहुजा के अनुसार जिले में अब तक विदेश से आए 1012 यात्री अपना 28 दिन या इससे अधिक दिनों का सर्विलांस समय पूरा कर चुके हैं।
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बच्चों को लगाए जा रहे टीके
जिले में इम्यूनाइजेशन यानि प्रतिरक्षण कार्यक्रम 15 अप्रैल से शुरू हो चुका है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीलम वर्मा ने बताया कि सभी पीएचसी में बुधवार और शनिवार के दिन छोटे बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। इसके तहत आशा वर्कर या आंगनवाड़ी वर्कर की मार्फत उन्हीं बच्चों को अभिभावकों के साथ बुलाया जाता है, जिनके टीके ड्यू हैं, ताकि सही समय पर टीकाकरण हो सके।
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टेस्ट को लेकर स्वास्थ्य विभाग बना रहा शेड्यूल
कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए वेंडर यानि फल-सब्जी बेचने वाले, सफाई व पुलिसकर्मी का रैंडम यानि एकाएक, कोविड-19 के टेस्ट कराए जाएंगे। डीसी ने कहा कि इन लोगों का ओपन में ज्यादा एक्सपोजर रहता है, इसलिए इनके रैंडम टेस्ट किए जाने जरूरी हैं। टेस्ट को लेकर सरकार व्यवस्था करवा रही है। स्वास्थ्य विभाग भी इसका शेड्यूल बना रहा है, ज्यादा एक्सपोजर वालों के पहले टेस्ट होंगे।
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टिप्पर पर लगाएं बैग ताकि मास्क दूसरे कचरे में मिक्स न हों
कोरोना से बचाव को मास्क या टेस्ट इत्यादि के लिए प्रयुक्त पीपीई किट के बेकार होने के बाद उसका उचित निस्तारण जरूरी है। बेकार मास्क को खुले में फेंकना हानिकारक है, पशु इत्यादि खाएंगे तो नुकसान होगा। शहर में जगह-जगह पीले रंग के डस्टबिन रखवाए जाएंगे ताकि लोग बेकार मास्क को उसमें डाल सकें। इसके बाद के उचित निस्तारण के लिए नगर निगम की ओर से व्यवस्था की गई है, जिसमें इन्हें वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करवाया जाता है। फिलहाल नगर निगम के टिप्पर, जो सभी वार्डो में जाते हैं, उन पर भी पीले रंग के बैग टांगे गए हैं, जिसमें नागरिक सीधे बेकार मास्क को डाल सकते हैं। इस बारे नागरिकों से भी अपील है कि बेकार मास्क को इधर-उधर न फेंके न ही उसे कूड़े में मिक्स करें।
फोन या ई-मेल से 180 परिवार बोले, हमारे सदस्य विदेश में, लाएं वापस
विदेश में रह रहे प्रवासी भारतीयों को भी वापस लाने के लिए व्यवस्था की गई है। जिले के 180 परिवारों ने प्रशासन को इस संबंध में सूचना दी है। सभी सूचनाओं को राज्य सरकार से सांझा किया जाएगा, इससे पहले प्रवासी भारतीयों तथा विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के संबंध में एकत्रित की गई सूचनाओं को जिले की वेबसाइट करनाल.जीओवी.इन पर अपलोड किया जाएगा। डीसी ने बताया कि विदेश में कार्य कर रहे प्रवासी भारतीयों के परिजन तथा विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के अभिभावक जिला प्रशासन द्वारा अपलोड की गई इन जानकारियों को चेक करके 29 अप्रैल बुधवार को दोपहर 3 बजे तक फोन नंबर 0184-4073222 पर पुष्टि कर सकते हैं। इसमें यदि कोई त्रुटि हो तो उसे ठीक करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त जो अभिभावक या परिजन सूचना जिला प्रशासन तक नहीं पहुंचा पाए हैं, वे भी इसी निर्धारित समय तक दूरभाष व ईमेल एमएबीआरएएनसीएचकेएनएलञ्चजीमेल.कॉम के माध्यम से सूचना दे सकते हैं। इसके लिए प्रशासन द्वारा नगराधीश करनाल डॉ. पूजा भारती को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
कोरोना बुलेटिन : 1101 में से 1070 की रिपोर्ट नेगेटिव, 25 की पेंडिंग
जिले में कोरोना से संदिग्ध 1101 व्यक्तियों के सैंपल में से 1070 की रिपोर्ट नेगेटिव है और 25 की रिपोर्ट आनी शेष है। सिविल सर्जन डॉ. अश्विनी आहुजा के अनुसार जिले में अब तक विदेश से आए 1012 यात्री अपना 28 दिन या इससे अधिक दिनों का सर्विलांस समय पूरा कर चुके हैं।