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महंगी कारों में सवार होकर करते थे ट्रांसफार्मर का सामान चोरी, चार सदस्य काबू
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पुलिस की गिरफ्त में ट्रास्फार्मर चोर गिरोह के सदस्य।
करनाल। पुलिस के डिटेक्टिव स्टाफ की टीम ने ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी महंगी कारों में सवार होकर ट्रांसफार्मर का सामान चोरी करने की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने 338 वारदातों का खुलासा किया है, जो केवल करनाल जिले की है। इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी वारदातों को अंजाम दिया गया है। आरोपियों से होंडा अमेजन कार भी बरामद की गई है। आरोपी हर वारदात में अलग-अलग कार का प्रयोग करते थे।
डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज हरजिंद्र सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर चोरी की वारदातों की जांच के लिए एएसआई गुरमीत सिंह डिटेक्टिव स्टाफ की अध्यक्षता में टीम बनाई गई थी। टीम ने 12 मार्च की रात को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें सहारनपुर जिले के दौलतपुर गांव निवासी करार हुसैन, शामली के सालापुर निवासी जिशान और गौतमबुद्ध नगर में दादरी गांव निवासी शाहरुख और मुस्तकीम शामिल हैं। चारों आरोपी अलग-अलग मामले में पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों से अभी तक 650 किलोग्राम चोरी किए गया सामान, एक होंडा अमेजन कार व एक टूल किट बरामद की है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने आठ से 10 व्यक्तियों का एक गिरोह बनाया हुआ है जो पिछले करीब तीन वर्ष से हरियाणा के करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र सहित अन्य जिलों में कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। विदित हो कि आरोपियों ने वर्ष 2021 व 2022 के दौरान करनाल जिले के थाना निगदू क्षेत्र से 86, थाना तरावड़ी से 23, थाना निसिंग से 60, थाना असंध से 76, थाना मूनक से 25, थाना सदर से 17, थाना बुटाना से 31 व थाना कुंजपुरा क्षेत्र से 19 ट्रांसफार्मरों से चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया है।
बाइक से रेकी और किराए पर कार लेकर करते थे वारदात, दिल्ली से भी जुड़े हैं तार
पुलिस के अनुसार जांच में आरोपियों ने ये भी खुलासा किया कि गैंग के दो आरोपी दिन के समय बाइक पर सवार होकर सड़क किनारे खेत में लगे ट्रांसफार्मरों की रेकी करते थे। ट्रांसफार्मर चिन्हित करके वे जीटी रोड पर स्थित ढाबाें पर ठहर जाते थे। इसके बाद रात होते ही आरोपी दिल्ली से आठ हजार रुपये प्रति रात के हिसाब से गाड़ी किराए पर मंगाते थे। सभी आरोपी उस गाड़ी में बैठकर चिन्हित किए गए ट्रांसफार्मरों के पास पहुंचते थे। गाड़ी चालक को दोबारा ट्रांसफार्मर चोरी वाली जगह पर जाने में कोई परेशानी न हो इसके लिए आरोपी गाड़ी चालक के मोबाइल में उस जगह की लोकेशन सेट कर देते थे। इसके बाद वे बिजली कट कर ट्रांसफार्मर से तांबे की क्वाइल चोरी करते थे। आरोपी एक रात में करीब पांच से छह वारदातों को अंजाम देते थे। इसके बाद चोरी किया हुआ सामान कार में रखकर दिल्ली की ओर रवाना हो जाते थे। वहां पहुंचकर क्वाइलों को 400 से 500 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव में बेचकर मोटी कमाई करते थे।
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डिटेक्टिव स्टाफ के इंचार्ज हरजिंद्र सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर चोरी की वारदातों की जांच के लिए एएसआई गुरमीत सिंह डिटेक्टिव स्टाफ की अध्यक्षता में टीम बनाई गई थी। टीम ने 12 मार्च की रात को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें सहारनपुर जिले के दौलतपुर गांव निवासी करार हुसैन, शामली के सालापुर निवासी जिशान और गौतमबुद्ध नगर में दादरी गांव निवासी शाहरुख और मुस्तकीम शामिल हैं। चारों आरोपी अलग-अलग मामले में पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों से अभी तक 650 किलोग्राम चोरी किए गया सामान, एक होंडा अमेजन कार व एक टूल किट बरामद की है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने आठ से 10 व्यक्तियों का एक गिरोह बनाया हुआ है जो पिछले करीब तीन वर्ष से हरियाणा के करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र सहित अन्य जिलों में कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। विदित हो कि आरोपियों ने वर्ष 2021 व 2022 के दौरान करनाल जिले के थाना निगदू क्षेत्र से 86, थाना तरावड़ी से 23, थाना निसिंग से 60, थाना असंध से 76, थाना मूनक से 25, थाना सदर से 17, थाना बुटाना से 31 व थाना कुंजपुरा क्षेत्र से 19 ट्रांसफार्मरों से चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया है।
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बाइक से रेकी और किराए पर कार लेकर करते थे वारदात, दिल्ली से भी जुड़े हैं तार
पुलिस के अनुसार जांच में आरोपियों ने ये भी खुलासा किया कि गैंग के दो आरोपी दिन के समय बाइक पर सवार होकर सड़क किनारे खेत में लगे ट्रांसफार्मरों की रेकी करते थे। ट्रांसफार्मर चिन्हित करके वे जीटी रोड पर स्थित ढाबाें पर ठहर जाते थे। इसके बाद रात होते ही आरोपी दिल्ली से आठ हजार रुपये प्रति रात के हिसाब से गाड़ी किराए पर मंगाते थे। सभी आरोपी उस गाड़ी में बैठकर चिन्हित किए गए ट्रांसफार्मरों के पास पहुंचते थे। गाड़ी चालक को दोबारा ट्रांसफार्मर चोरी वाली जगह पर जाने में कोई परेशानी न हो इसके लिए आरोपी गाड़ी चालक के मोबाइल में उस जगह की लोकेशन सेट कर देते थे। इसके बाद वे बिजली कट कर ट्रांसफार्मर से तांबे की क्वाइल चोरी करते थे। आरोपी एक रात में करीब पांच से छह वारदातों को अंजाम देते थे। इसके बाद चोरी किया हुआ सामान कार में रखकर दिल्ली की ओर रवाना हो जाते थे। वहां पहुंचकर क्वाइलों को 400 से 500 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव में बेचकर मोटी कमाई करते थे।
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