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Karnal News: स्ट्रीट लाइट लगवाने और ठीक करवाने के मुद्दे पर हंगामा

Fri, 15 Sep 2023 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Fri, 15 Sep 2023 01:00 AM IST
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Uproar over the issue of installing and repairing street lights
कमल बहल
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कैथल। नगर परिषद की सदन की विशेष बैठक में भ्रष्टाचार का मुद्दा फिर से उठा। एक तरफ जहां अधिकतर पार्षदाें ने बदहाल सफाई व्यवस्था पर रोष जताया। वहीं, नई स्ट्रीट लाइट लगवाने और इन्हें ठीक करवाने के मुद्दे पर पार्षदों ने जमकर हंगामा किया।

इस दौरान पार्षदाें और लाइट इंस्पेक्टर नवनीत के बीच जमकर बहस भी हुई। यही नहीं, एक पार्षद उसके वार्ड में स्ट्रीट लाइटों का कोई समाधान न होने के बीच रोष स्वरूप खराब हुई स्ट्रीट लाइटों को सदन में लेकर ही पहुंच गई।
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वार्ड नंबर 11 की पार्षद सुशीला शर्मा यह लाइट सदन की बैठक में लेकर पहुंची थी। शर्मा ने आरोप लगाया कि नगर परिषद ने विकास कार्यों के तहत सभी 31 वार्डों में 40-40 स्ट्रीट लाइटें दी गई थी। इसमें एक लाइट की कीमत 65 रुपये है जबकि इसे बिल में 185 रुपये दिखा दिया।
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पार्षद ने कहा कि उसके वार्ड में ढांड रोड पर नीचे तो तिरंगा लाइटें लगा दी गई। इसमें ऊपर वाली लाइटों के बल्ब तक नहीं जले हैं। इसके साथ ही अन्य पार्षदों में लाइट इंस्पेक्टर के खिलाफ काफी गुस्सा दिखाई दिया। इस बीच पार्षद राज सैनी ने भरे सदन के बीच ही लाइट इंस्पेक्टर से सवाल जवाब किए।

पार्षद ने जवाब मांगा कि आखिर बार-बार शिकायत देने के बावजूद उनके वार्डाें में स्ट्रीट लाइटों को समाधान क्यों नहीं हो पाता है। आरोप लगाया कि लाइट इंस्पेक्टर और उसका एक कर्मचारी पार्षदों के साथ दुर्व्यवहार करता है। इसके बावजूद लाइट इंस्पेक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि वे इस बार में लिखित में दें। इसके बाद जरूर ही लाइट इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

जताया रोष, बोले, चार करोड़ के टेंडर को बना दिया नौ करोड़ का, नतीजा फिर भी शून्य

पार्षदों ने भरे सदन के बीच सफाई व्यवस्था पर भी रोष जताते हुए नगर परिषद के अधिकारियों को घेरा। सबसे पहले वार्ड नंबर पांच की पार्षद राजकली ने उनके वार्ड में महज दो सफाई कर्मी होने की जानकारी दी। इस पर वार्ड नंबर 18 के पार्षद रामनिवास ने कहा कि एमसी फंड से हर पार्षद को दो-दो सफाई कर्मी अलग से दिए जाएं। परंतु कार्यकारी अधिकारी सुशील ने इससे बिल्कुल मना कर दिया। इस पर वार्ड नंबर 28 के पार्षद मोहन लाल शर्मा ने कहा कि इस प्लान में वह दूसरी बार पार्षद बने हैं। पिछले प्लान में डाेर-टू-डोर कचरा उठान का टेंडर साढ़े चार करोड़ रुपये में लगा था, लेकिन इस बार यह नौ करोड़ रुपये का लगा है। इसके साथ ही डाेर-टू-डोर कचरा उठान करने वाले कर्मी कचरा भी अधिक दिखाते हैं। एक दिन में 50 से 60 टन कचरा शहर से उठाया जाता है, लेकिन यह रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को शाम के समय इसे 100 टन से भी अधिक दिखा देते हैं। फिर भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। एक तरफ जहां पार्षद सफाई को लेकर रोष जता रहे थे, वहीं सफाई कर्मी रतना राम को अच्छी सेवाओं पर सम्मानित किया।

शहर में हुए अवैध अतिक्रमण का समाधान न होने पर भी जताया रोष

सदन की बैठक में वार्ड नंबर 22 के पार्षद राजेश सिसौदिया ने शहर में लगातार हो रहे जमीन पर अवैध कब्जों पर भर रोष जताया। सिसौदिया ने कहा कि नई अनाज मंडी की तरफ जाने वाले सभी रास्ते बंद है। ट्रक यूनियन की तरफ तो एक साइड से रास्ता पूरी तरह से ब्लॉक हो रखा है।


अधिक आबादी वाली कॉलोनियों में वैध न होने का रहा मलाल

बैठक के दौरान शहर में अधिक आबादी वाली कॉलोनियों में वैध न होने का पार्षदों में खूब मलाल रहा। इस पर वार्ड नंबर 15 शमशेर फौजी ने कहा कि शहर में जो अधिक आबादी वाली कॉलोनियां है। उनका वैध न होने का कारण पूर्व में रहे जिला नगर योजनाकार अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार करना है। पार्षद ने आरोप लगाया कि जिन कॉलोनी के लोगों ने रिश्वत दी है। उनकी कॉलोनियों के सर्वे में वैध दिखा दिया, लेकिन जिन कॉलोनियों से कुछ नहीं मिला। उसे अवैध ही रहने दिया। संवाद
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