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यूपी के किसानों ने बडौली पुल पर लगाया जाम, वाहन चालक परेशान
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। उत्तर प्रदेश के धान पर हरियाणा सरकार द्वारा रोक लगाने से नाराज यूपी के किसानों ने बडौली पुल पर सुबह जाम लगा दिया। जिससे दोपहर तक जाम लगा रहा। करनाल व यूपी की दोनों तरफ वाहनों की लाइनें लग गई। वाहन चालक कई घंटे तक जाम में फंसे रहे। इनमें एंबुलेंस भी शामिल थी। काफी समय बाद एंबुलेंस को जाम से निकाला गया।
यूपी पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे अड़े रहे। उनका कहना था कि उनकी पीआर धान को करनाल की अनाज मंडी में जाने दिया जाए। मंगलौरा चौकी पुलिस ने साफ कर दिया कि यूपी से आने वाले पीआर धान को शहर में नहीं जाने देने के उनके पास आदेश हैं। शाम को किसानों ने जाम खोला।
दूसरी ओर करनाल अनाज मंडी में किसानों की धान को सस्ते धाम में खरीदा जा रहा है। राइस मिलर कुछ किसानों की धान को सरकारी रेट पर खरीद लेते हैं बाकी अन्य किसानों की धाम में कमी निकालकर उसे 1800 से 1750 तक खरीद रहे हैं जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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कई घंटे जाम में फंसे बच्चे व उनके परिजन भूख-प्यास से परेशान रहे। क्योंकि कोई बस में आया था तो कोई अपने वाहन में। जाम में मरीज भी फंसे रहे जो कि अपने वाहनों में सवार होकर दवाई लेने करनाल आ रहे थे। डीसी निशांत कुमार के अनुसार गत दिनों तक जिले की मंडियों में 6 लाख 92 हजार 860 मीट्रिक टन धान की खरीद सरकारी एजेंसी द्वारा की गई।
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करनाल। उत्तर प्रदेश के धान पर हरियाणा सरकार द्वारा रोक लगाने से नाराज यूपी के किसानों ने बडौली पुल पर सुबह जाम लगा दिया। जिससे दोपहर तक जाम लगा रहा। करनाल व यूपी की दोनों तरफ वाहनों की लाइनें लग गई। वाहन चालक कई घंटे तक जाम में फंसे रहे। इनमें एंबुलेंस भी शामिल थी। काफी समय बाद एंबुलेंस को जाम से निकाला गया।
यूपी पुलिस ने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे अड़े रहे। उनका कहना था कि उनकी पीआर धान को करनाल की अनाज मंडी में जाने दिया जाए। मंगलौरा चौकी पुलिस ने साफ कर दिया कि यूपी से आने वाले पीआर धान को शहर में नहीं जाने देने के उनके पास आदेश हैं। शाम को किसानों ने जाम खोला।
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दूसरी ओर करनाल अनाज मंडी में किसानों की धान को सस्ते धाम में खरीदा जा रहा है। राइस मिलर कुछ किसानों की धान को सरकारी रेट पर खरीद लेते हैं बाकी अन्य किसानों की धाम में कमी निकालकर उसे 1800 से 1750 तक खरीद रहे हैं जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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कई घंटे जाम में फंसे बच्चे व उनके परिजन भूख-प्यास से परेशान रहे। क्योंकि कोई बस में आया था तो कोई अपने वाहन में। जाम में मरीज भी फंसे रहे जो कि अपने वाहनों में सवार होकर दवाई लेने करनाल आ रहे थे। डीसी निशांत कुमार के अनुसार गत दिनों तक जिले की मंडियों में 6 लाख 92 हजार 860 मीट्रिक टन धान की खरीद सरकारी एजेंसी द्वारा की गई।