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Karnal News: केंद्रीय कृषि मंत्री ने दी जीनोम संपादन प्रयोगशाला की सौगात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Apr 2025 03:02 AM IST
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Union Agriculture Minister gave the gift of genome editing laboratory
- बोले, हमारे वैज्ञानिकों ने लैब के प्रयोगों को लैंड तक पहुंचाया, कम लागत में पैदावार बढ़ाने वाली किस्में बढ़ाएंगी किसानों की आय
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माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को भारतीय गेहूं और जौ अनुसंधान संस्थान में जीनोम संपादन प्रयोगशाला की सौगात दी। उन्होंने प्रयोगशाला का लोकार्पण करते हुए कहा कि लैब (प्रयोगशाला) के प्रयोगों को लैंड (जमीन) तक पहुंचाया जाए। कृषि को और बेहतर बनाकर किसानों की तकदीर बदलें।

कृषक संवाद में उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए लागत कम और पैदावार को बढ़ाना होगा। गेहूं की ऐसी किस्में विकसित करनी होंगी, जिनमें पानी कम लगे, तापमान बढ़ने पर भी अधिक पैदावार हो, ग्लूटेन की मात्रा कम हो और अनाज भी पौष्टिक हो।
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उन्होंने कहा कि पैदावार बढ़ाने के लिए उन्नत बीजों का होना जरूरी है। इस दिशा में करनाल का संस्थान महत्ती भूमिका अदा कर रहा है। उन्होंने संस्थान के वैज्ञानिकों से कहा कि वे गेहूं की ऐसी किस्में विकसित करें जो जलवायु अनुकूल हों, पानी की लागत व ग्लूटेन की मात्रा कम हो और पैदा होने वाला अनाज भी पौष्टिक हो। संस्थान के निदेशक रतन तिवारी ने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक दशक में गेहूं का रकबा आठ प्रतिशत बढ़ा है। जौ का रकबा घटने के बावजूद पैदावार में इजाफा हुआ है। यह सब उन्नत किस्मों के कारण संभव हुआ है। इस अवसर पर कृषि उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह मौजूद रहे।
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लोग ड्रोन दीदी के नाम से जानते हैं : सीमा

प्रगतिशील किसान सीमा देवी ने बताया कि एक वक्त था जब उन्हें गांव में फलां.. की बहू कह कर पुकारा जाता था पर आज सब उन्हें ड्रोन दीदी के नाम से जानने लगे हैं। खेतों में ड्रोन से स्प्रे का कार्य करती हूं। सरकार की योजना से ही मुझे नई पहचान मिली है। सेल्फ हेल्प ग्रुप के तहत 15 समूह चला रही हूं। वहीं प्रगतिशील किसान विकास चौधरी ने बताया कि गेहूं की विकसित किस्म का प्रयोग कर उन्होंने एक एकड़ में 27 क्विंटल अनाज पैदा किया है।
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