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Karnal News: अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से दो मिनट में मिलेगा परिणाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सिविल सर्जन कार्यालय में बुधवार को सीएमओ डॉ. पूनम चौधरी ने मेदांता फाउंडेशन की ओर से भेंट की गई अत्याधुनिक अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि यह एक्स-रे मशीन एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से संचालित है, जो दो से तीन मिनट के भीतर एक्स-रे परिणामों की जानकारी देगी।
मेदांता फाउंडेशन की ओर से उपलब्ध कराए गए स्टाफ और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी इस मशीन का उपयोग गांव-गांव जाकर संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग और एक्स-रे करने के लिए किया जाएगा और पुष्टि होने पर मरीजों को समय पर इलाज प्रदान किया जाएगा। डॉ. सिम्मी कपूर ने कहा कि टीबी एक संक्रामक रोग है, जो मरीज के खांसने और छींकने से फैलता है, जिससे संक्रमण हवा में आसानी से घुल जाता है। शुरुआत में यह बीमारी फेफड़ों को प्रभावित करती है लेकिन बाद में बैक्टीरिया रक्त के माध्यम से शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने टीबी के लक्षणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दो सप्ताह से अधिक खांसी होना, सांस लेने में परेशानी, वजन कम होना, दो सप्ताह तक बुखार रहना, भूख कम लगना, रात को पसीना आना, थकान महसूस होना, सीने में दर्द और सांस फूलना, बलगम में खून आना जैसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवाएं ताकि समय पर इलाज हो सके। डॉ. कपूर ने बताया कि भारत में विश्व के सबसे अधिक टीबी के मरीज हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण पाए जाते हैं तो वह तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच और इलाज करवाएं। भारत सरकार ने टीबी को एक अधिसूचित बीमारी घोषित किया है, जिसके तहत सभी निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और प्रयोगशालाओं को टीबी के मामलों की रिपोर्ट करना अनिवार्य है।
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करनाल। सिविल सर्जन कार्यालय में बुधवार को सीएमओ डॉ. पूनम चौधरी ने मेदांता फाउंडेशन की ओर से भेंट की गई अत्याधुनिक अल्ट्रा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि यह एक्स-रे मशीन एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से संचालित है, जो दो से तीन मिनट के भीतर एक्स-रे परिणामों की जानकारी देगी।
मेदांता फाउंडेशन की ओर से उपलब्ध कराए गए स्टाफ और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी इस मशीन का उपयोग गांव-गांव जाकर संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग और एक्स-रे करने के लिए किया जाएगा और पुष्टि होने पर मरीजों को समय पर इलाज प्रदान किया जाएगा। डॉ. सिम्मी कपूर ने कहा कि टीबी एक संक्रामक रोग है, जो मरीज के खांसने और छींकने से फैलता है, जिससे संक्रमण हवा में आसानी से घुल जाता है। शुरुआत में यह बीमारी फेफड़ों को प्रभावित करती है लेकिन बाद में बैक्टीरिया रक्त के माध्यम से शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है।
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उन्होंने टीबी के लक्षणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दो सप्ताह से अधिक खांसी होना, सांस लेने में परेशानी, वजन कम होना, दो सप्ताह तक बुखार रहना, भूख कम लगना, रात को पसीना आना, थकान महसूस होना, सीने में दर्द और सांस फूलना, बलगम में खून आना जैसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवाएं ताकि समय पर इलाज हो सके। डॉ. कपूर ने बताया कि भारत में विश्व के सबसे अधिक टीबी के मरीज हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी के लक्षण पाए जाते हैं तो वह तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच और इलाज करवाएं। भारत सरकार ने टीबी को एक अधिसूचित बीमारी घोषित किया है, जिसके तहत सभी निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और प्रयोगशालाओं को टीबी के मामलों की रिपोर्ट करना अनिवार्य है।
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