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कोरोना काल में ढाई गुना युवा हुए बेरोजगार
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नरेंद्र शर्मा
करनाल। कोरोना के चलते पिछले दो साल में बेरोजगारी ढाई गुना बढ़ गई है। महामारी से पहले वर्ष 2019 में जहां 8209 बेरोजगार युवाओं ने रोजगार विभाग में पंजीकरण कराया था वहीं 2021 में उनकी संख्या बढ़कर 22633 हो गई। इसका मुख्य कारण कोरोना की वजह से कंपनियों का बंद होना या कर्मचारियों की बड़ी संख्या में छंटनी करना बताया जा रहा है। इस कारण ये शिक्षित युवा अब नौकरी की तलाश मेें भटक रहे हैं। हालात ये हैं कि शिक्षित युवाओं को जीवन यापन के लिए मजदूरी तक करने को मजबूर होना पड़ा है। रोजगार विभाग में जितने भी बेरोजगार शिक्षित युवा पंजीकृत हैं, उनमें से विभाग 5 फीसदी को भी काम नहीं दिला पाता। हालांकि सरकार की ओर से पंजीकृत पात्र युवाओं को शिक्षा के आधार पर मासिक भत्ता प्रदान किया जाता है लेकिन आज के समय मेें यह भत्ता ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। संवाद
चार साल मेें 13 गुना बढ़ी बेरोजगारी
अगर पिछले चार की बात करें तो जिले में बेरोजगारी लगातार बढ़ी है। वर्ष 2017 में रोजगार विभाग में 1733 युवा पंजीकृत हुए थे, जो 2021 में बढ़कर 22633 हो गए। आंकड़ों के आधार पर चार साल में 13 गुना बेरोजगारी बढ़ी।
शिक्षा के आधार पर मिलता है भत्ता
वर्ष 2016 में सरकार की ओर से सक्षम युवा योजना शुरू की गई जिसमें युवाओं को पंजीकरण करवाने के बाद मासिक भत्ता और 100 घंटे काम करने पर 6 हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं। जिनमें 12वीं पास पंजीकृत पात्र को 900, स्नातक को 1500 और स्नातकोत्तर को 3000 रुपये मासिक भत्ता मिलता है। वर्तमान में 22633 पंजीकृत युवा भत्ते का लाभ ले रहे हैं।
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इस तरह बढ़ते गए बेरोजगार
वर्ष 12 वीं स्नातक स्नातकोत्तर
2017 --- 61 1672
2018 --- 1339 1872
2019 2886 3393 1930
2020 11379 2038 1972
2021 13687 6314 2632
विभाग में पंजीकृत पात्र युवा को मासिक भत्ता शिक्षा वर्ग के हिसाब से मिलता है। वहीं 100 घंटे काम करने के बाद 6 हजार रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त दिए जाते हैं।
-मनोज ग्रोवर, कार्यकारी जिला रोजगार अधिकारी
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करनाल। कोरोना के चलते पिछले दो साल में बेरोजगारी ढाई गुना बढ़ गई है। महामारी से पहले वर्ष 2019 में जहां 8209 बेरोजगार युवाओं ने रोजगार विभाग में पंजीकरण कराया था वहीं 2021 में उनकी संख्या बढ़कर 22633 हो गई। इसका मुख्य कारण कोरोना की वजह से कंपनियों का बंद होना या कर्मचारियों की बड़ी संख्या में छंटनी करना बताया जा रहा है। इस कारण ये शिक्षित युवा अब नौकरी की तलाश मेें भटक रहे हैं। हालात ये हैं कि शिक्षित युवाओं को जीवन यापन के लिए मजदूरी तक करने को मजबूर होना पड़ा है। रोजगार विभाग में जितने भी बेरोजगार शिक्षित युवा पंजीकृत हैं, उनमें से विभाग 5 फीसदी को भी काम नहीं दिला पाता। हालांकि सरकार की ओर से पंजीकृत पात्र युवाओं को शिक्षा के आधार पर मासिक भत्ता प्रदान किया जाता है लेकिन आज के समय मेें यह भत्ता ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। संवाद
चार साल मेें 13 गुना बढ़ी बेरोजगारी
अगर पिछले चार की बात करें तो जिले में बेरोजगारी लगातार बढ़ी है। वर्ष 2017 में रोजगार विभाग में 1733 युवा पंजीकृत हुए थे, जो 2021 में बढ़कर 22633 हो गए। आंकड़ों के आधार पर चार साल में 13 गुना बेरोजगारी बढ़ी।
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शिक्षा के आधार पर मिलता है भत्ता
वर्ष 2016 में सरकार की ओर से सक्षम युवा योजना शुरू की गई जिसमें युवाओं को पंजीकरण करवाने के बाद मासिक भत्ता और 100 घंटे काम करने पर 6 हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं। जिनमें 12वीं पास पंजीकृत पात्र को 900, स्नातक को 1500 और स्नातकोत्तर को 3000 रुपये मासिक भत्ता मिलता है। वर्तमान में 22633 पंजीकृत युवा भत्ते का लाभ ले रहे हैं।
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इस तरह बढ़ते गए बेरोजगार
वर्ष 12 वीं स्नातक स्नातकोत्तर
2017 --- 61 1672
2018 --- 1339 1872
2019 2886 3393 1930
2020 11379 2038 1972
2021 13687 6314 2632
विभाग में पंजीकृत पात्र युवा को मासिक भत्ता शिक्षा वर्ग के हिसाब से मिलता है। वहीं 100 घंटे काम करने के बाद 6 हजार रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त दिए जाते हैं।
-मनोज ग्रोवर, कार्यकारी जिला रोजगार अधिकारी