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जोहड़ में गिरने से ढाई वर्ष के मासूम बच्चे की मौत, ग्रामीणों ने बीडीपीओ कार्यालय पर काटा बवाल
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बुटाना गांव के जोहड़ में गिरने से ढाई वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने आनन फानन में शव को बाहर निकाला तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। डेढ़ साल पहले भी इसी जोहड़ में गिरने से हर्षिता नाम की एक बच्ची की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद अधिकारियों ने इस पर संज्ञान नहीं लिया।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11 बजे र्ढाई वर्ष का मिलन घर में नहीं मिला तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। इस दौरान परिजनों को मिलन अचेत हालत में जोहड़ के किनारे से लगा मिला। परिजनों ने बच्चे को उठाया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि मिलन अपने माता-पिता की पहली संतान था। इसके बाद भारी संख्या में ग्रामीण बच्चे का शव लेकर बीडीपीओ कार्यालय पर धरने पर बैठ गए और अधिकारी न मिलने पर बवाल काटने लगे। ग्रामीणों की मांग है कि इस मामले में लापरवाह ग्राम सचिव के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
रिटर्निंग अधिकारी को कार्यालय में नहीं घुसने दिया
जोहड़ की कुछ माह पहले ही खुदाई की गई थी। ग्रामीण बच्चे का शव लेकर बीडीपीओ कार्यालय पहुंच गए और कार्यालय में प्रवेश द्वार पर बैठकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान रिटर्निंग अधिकारी डॉ. पूजा भारती भी जब अपने चुनावी कार्यालय में जाने लगी तो लोगों ने उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया। इस पर वह पुराने भवन के एक कमरे में बैठ गई। इस दौरान डीएसपी हैड क्वार्टर मुकेश कुमार, थाना बुटाना प्रभारी कंवर सिंह सहित पुलिस बल समेत मौजूद रहे। करीब छह घंटे तक चले इस बवाल के बाद डीएसपी के समझाने पर शाम साढ़े पांच बजे परिजन शव को ले जाने में सहमत हुए।
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ग्राम सचिव पर लगाया लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सचिव की लापरवाही के चलते ही ये हादसा हुआ है क्योंकि जोहड़ की खुदाई के बाद यदि चारदीवारी या कंटीली तार चारों ओर लगाई जाती तो यह हादसे न होता। इसके अतिरिक्त पानी की निकासी न होने के कारण जोहड़ हमेशा ओवरफ्लो रहता है। लोगों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के संबंध में अधिकारियों को कई बार शिकायत दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
जोहड़ और मुख्य गेट के बीच मात्र छह फुट दूरी
मृतक बच्चे की माता सविता, पिता नफे सिंह, दादी सुरेशो देवी सहित कंवरपाल, गुलतान सिंह, प्रेम कुमार, धनपत, ओमप्रकाश, जिले सिंह व नरेश कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार के घर के ठीक सामने जोहड़ है। जोहड़ और मुख्य गेट के बीच मात्र छह फुट चौड़ा कच्चा रास्ता ही है। ऐसे में हर समय हादसा होने का भय बना रहता है।
वर्जन
जोहड़ में गिरने से एक ढाई वर्षीय बच्चे की मौत की सूचना मिली थी। जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे थे। परिजन बीडीपीओ कार्यालय पर हंगामा काट रहे थे। जिन्हें समझा बुझाकर घर भेज दिया गया है। परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की जाएगी।
मुकेश कुमार, डीएसपी, करनाल।
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जानकारी के अनुसार सुबह करीब 11 बजे र्ढाई वर्ष का मिलन घर में नहीं मिला तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। इस दौरान परिजनों को मिलन अचेत हालत में जोहड़ के किनारे से लगा मिला। परिजनों ने बच्चे को उठाया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि मिलन अपने माता-पिता की पहली संतान था। इसके बाद भारी संख्या में ग्रामीण बच्चे का शव लेकर बीडीपीओ कार्यालय पर धरने पर बैठ गए और अधिकारी न मिलने पर बवाल काटने लगे। ग्रामीणों की मांग है कि इस मामले में लापरवाह ग्राम सचिव के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
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रिटर्निंग अधिकारी को कार्यालय में नहीं घुसने दिया
जोहड़ की कुछ माह पहले ही खुदाई की गई थी। ग्रामीण बच्चे का शव लेकर बीडीपीओ कार्यालय पहुंच गए और कार्यालय में प्रवेश द्वार पर बैठकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान रिटर्निंग अधिकारी डॉ. पूजा भारती भी जब अपने चुनावी कार्यालय में जाने लगी तो लोगों ने उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया। इस पर वह पुराने भवन के एक कमरे में बैठ गई। इस दौरान डीएसपी हैड क्वार्टर मुकेश कुमार, थाना बुटाना प्रभारी कंवर सिंह सहित पुलिस बल समेत मौजूद रहे। करीब छह घंटे तक चले इस बवाल के बाद डीएसपी के समझाने पर शाम साढ़े पांच बजे परिजन शव को ले जाने में सहमत हुए।
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ग्राम सचिव पर लगाया लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सचिव की लापरवाही के चलते ही ये हादसा हुआ है क्योंकि जोहड़ की खुदाई के बाद यदि चारदीवारी या कंटीली तार चारों ओर लगाई जाती तो यह हादसे न होता। इसके अतिरिक्त पानी की निकासी न होने के कारण जोहड़ हमेशा ओवरफ्लो रहता है। लोगों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के संबंध में अधिकारियों को कई बार शिकायत दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
जोहड़ और मुख्य गेट के बीच मात्र छह फुट दूरी
मृतक बच्चे की माता सविता, पिता नफे सिंह, दादी सुरेशो देवी सहित कंवरपाल, गुलतान सिंह, प्रेम कुमार, धनपत, ओमप्रकाश, जिले सिंह व नरेश कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार के घर के ठीक सामने जोहड़ है। जोहड़ और मुख्य गेट के बीच मात्र छह फुट चौड़ा कच्चा रास्ता ही है। ऐसे में हर समय हादसा होने का भय बना रहता है।
वर्जन
जोहड़ में गिरने से एक ढाई वर्षीय बच्चे की मौत की सूचना मिली थी। जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे थे। परिजन बीडीपीओ कार्यालय पर हंगामा काट रहे थे। जिन्हें समझा बुझाकर घर भेज दिया गया है। परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की जाएगी।
मुकेश कुमार, डीएसपी, करनाल।