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ट्यूबवेलों पर बिजली सप्लाई न होने से भड़के किसान
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
Updated Tue, 10 Jun 2014 11:46 PM IST
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गांव बड़ौता के करीब 50 ट्यूबवेलों पर बिजली सप्लाई न होने से खफा किसानों
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ने बड़ौता पावर हाउस पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। किसानों ने बिजली
निगम के खिलाफ नारेबाजी की।
गांव बड़ौता के किसानों का आरोप है कि उनके ट्यूबवेलों पर कई महीने से बिजली सप्लाई नहीं हो पा रही है। इस समस्या से आक्रोषित किसानों ने करनाल-मूनक सड़क को जाम करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शन की भनक लगते ही बिजली निगम जुंडला के उपमंडल अधिकारी ने कर्मचारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंच कर समस्या का समाधान करवाया। तब जाकर प्रदर्शनकारी किसान शांत हुए। प्रदर्शनकारी किसान दिलावर सिंह ने बताया कि जिस बिजली की लाइन से उनके ट्यूबवेलों के लिए बिजली की आपूर्ति की जाती है।
ये लाइन गांव के कई घरों के ऊपर से गुजर कर जाती है। यह बिजली की लाइन करीब 40 साल पुरानी है। बाद में लोगों ने इस लाइन के नीचे मकान बना लिए है। बिजली के खतरे के डर से मकान मालिक इस लाइन को क्षतिग्रस्त करते रहते हैं। इससे बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले को कई बार उपायुक्त करनाल व एसई बिजली निगम के समक्ष उठाया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
इसलिए किसानों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। आखिरकार किसानों का संघर्ष रंग लाया और निगम के एसडीओ प्रदीप कुमार, जेई शमशेर सिंह व रमेश कुमार के नेतृत्व में दर्जन भर कर्मचारियों की टीम ने करीब 4 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद बिजली की लाईन को ठीक कर सप्लाई को बहाल कर दिया। जिसके बाद किसानों ने राहत की सांस ली। इस अवसर पर रामकरण पुनिया, बारू राम, नीरज गुप्ता, सुलतान सिंह, पंच सुमेरचंद, महाबीर सिंह, महेंद्र सिंह नैन, रणबीर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अजीत सिंह, रविंद्र सिंह, महीपाल सिंह मौजूद रहे।
गांव बड़ौता के किसानों का आरोप है कि उनके ट्यूबवेलों पर कई महीने से बिजली सप्लाई नहीं हो पा रही है। इस समस्या से आक्रोषित किसानों ने करनाल-मूनक सड़क को जाम करने की चेतावनी दी।
प्रदर्शन की भनक लगते ही बिजली निगम जुंडला के उपमंडल अधिकारी ने कर्मचारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंच कर समस्या का समाधान करवाया। तब जाकर प्रदर्शनकारी किसान शांत हुए। प्रदर्शनकारी किसान दिलावर सिंह ने बताया कि जिस बिजली की लाइन से उनके ट्यूबवेलों के लिए बिजली की आपूर्ति की जाती है।
ये लाइन गांव के कई घरों के ऊपर से गुजर कर जाती है। यह बिजली की लाइन करीब 40 साल पुरानी है। बाद में लोगों ने इस लाइन के नीचे मकान बना लिए है। बिजली के खतरे के डर से मकान मालिक इस लाइन को क्षतिग्रस्त करते रहते हैं। इससे बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले को कई बार उपायुक्त करनाल व एसई बिजली निगम के समक्ष उठाया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
इसलिए किसानों को आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। आखिरकार किसानों का संघर्ष रंग लाया और निगम के एसडीओ प्रदीप कुमार, जेई शमशेर सिंह व रमेश कुमार के नेतृत्व में दर्जन भर कर्मचारियों की टीम ने करीब 4 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद बिजली की लाईन को ठीक कर सप्लाई को बहाल कर दिया। जिसके बाद किसानों ने राहत की सांस ली। इस अवसर पर रामकरण पुनिया, बारू राम, नीरज गुप्ता, सुलतान सिंह, पंच सुमेरचंद, महाबीर सिंह, महेंद्र सिंह नैन, रणबीर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अजीत सिंह, रविंद्र सिंह, महीपाल सिंह मौजूद रहे।