लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Haryana ›   Karnal ›   Treasury not used, delay, negligently indebted Karnal

खजाने का नहीं हुआ इस्तेमाल, लेटलतीफी, लापरवाही से कर्जदार करनाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jul 2022 02:15 AM IST
Treasury not used, delay, negligently indebted Karnal
विज्ञापन
ख़बर सुनें
गगन तलवार

करनाल। शहर की जनता से जुड़े छोटे कार्यों को कराने के लिए प्रदेश सरकार का खजाना खुला है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और लेटलतीफी के कारण इस खजाने का समय रहते इस्तेमाल नहीं हुआ। इसका असर यह हुआ है कि बजट लैप्स हो गया और देरी तक काम चलने से करनाल कर्जदार हो गया। अब इसका असर इस साल के विकास पर पड़ेगा। जिसका खामियाजा जनता को समस्याओं का सामना करते हुए भुगतना पड़ेगा।
हुआ यूं कि डी प्लान के तहत वर्ष 2021-22 में जिले के विकास के लिए सरकार की ओर से 21.66 करोड़ रुपये जारी हुए। इससे प्रशासन ने योजना बनाकर 486 काम शुरू कर दिए। 31 मार्च 2022 तक इन कार्यों को पूरा करके इनके बिल पास कराए जाने थे, लेकिन विभागीय अधिकारी करीब 9.50 करोड़ रुपये तक के ही बिल जमा करा पाए। ऐसे में शेष 12.16 करोड़ रुपये लैप्स हो गए। जबकि इस लैप्स हुई राशि में से भी 11.52 करोड़ रुपये के काम हुए थे पर इनके समय पर बिल पास नहीं कराए गए।

अब इस राशि का भुगतान प्रशासन को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए नए जारी हुए 23.75 करोड़ रुपये में से करना होगा। ऐसे में इस साल पिछली बार से 2.08 करोड़ रुपये ज्यादा राशि सरकार की ओर से मिलने के बाद भी महज 12.22 करोड़ रुपये से ही विकास कार्य हो पाएंगे। गत वर्ष की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 486 कार्यों में से नगर निगम और पंचायतीराज विभाग की लापरवाही सबसे ज्यादा रही है। इन्हें सबसे ज्यादा राशि और कार्य आवंटित हुए थे, लैप्स हुई राशि में से करीब छह करोड़ के बिल इन्हीं दोनों विभागों के लंबित हैं। ब्यूरो
गत वर्ष नहीं थी देनदारी, इस बार 11.52 करोड़ चढ़े
वर्ष 2020-21 में डी-प्लान के सभी कार्यों को अधिकारियों ने समय रहते पूरा किया था। जितना भी बजट था उतना खर्च हो गया। ऐसे में उस वर्ष की कोई भी देनदारी वर्ष 2021-22 के बजट पर नहीं थी। पूरे 21.66 करोड़ रुपये के बजट से विकास कार्य कराने के सरकार ने निर्देश दिए थे। पैसा पूरा समय पर नहीं खर्च किया ऐसे में इस वर्ष यानी 2022-23 के 23.75 करोड़ रुपये के बजट पर पिछले 11.52 करोड़ रुपये की देनदारी है।
यह होते हैं डी प्लान के तहत कार्य
- 70 प्रतिशत राशि स्कूलों के नवीनीकरण, सामुदायिक केंद्र, चौपाल, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी केंद्र, वृद्धाश्रम और शौचालयों के निर्माण सहित जनता की प्राथमिक आवश्यकताओं वाले कार्यों पर खर्च होती है।
- 30 प्रतिशत राशि सड़क, गलियों और नालियों, सीवरेज लाइन के निर्माण में खर्च होती है।
- सभी आठ खंडों और नगर निकायों की आवश्यकता और आबादी के हिसाब से बजट जारी होता है। जिले की कुल आबादी 15 लाख है।
यह है स्थिति (राशि लाख में)
वर्ष 2021-22 -
कुल बजट जारी 2166.90
बिल पास हुए 950.43
लैप्स हुए 1216.47
(वर्ष 2020-21 में हुए कार्यों की कोई देनदारी नहीं थी।)
--
वर्ष 2022-23 -
कुल बजट जारी 2375.14
कार्यों पर खर्च होंगे 1222.36
(वर्ष 2021-22 में हुए 11.52 करोड़ के कार्यों की देनदारी है।)
नगर निगम और पंचायतीराज विभाग के बिल ज्यादा लंबित रहे। इनकी लापरवाही के कारण इस बार के बजट में इन्हें कम कार्य और बजट दिया जाएगा। डी-प्लान के तहत जारी हुई कुल राशि में से पहले पिछले 11.52 करोड़ रुपये के हुए कार्यों का भुगतान किया जाएगा। शेष राशि से नए कार्य होंगे।
- डॉ. वैशाली शर्मा, एडीसी

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00