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कमाई के लिए प्रशासन दे रहा अतिक्रमण को बढ़ावा

Wed, 15 Jan 2014 04:23 PM IST
करनाल
करनाल Updated Wed, 15 Jan 2014 04:23 PM IST
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Traffic choas in Karnal
करनाल शहर की सड़कें अतिक्रमण के कारण संकरी होती जा रही हैं। प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण को रोकना तो दूर, खुद इसमें भागीदार बन रहा है।
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 सब्जी मंडी में सड़क के बीचोंबीच पार्किंग अलॉट बनाकर प्रशासन लोगों से रुपये ऐंठ रहा है। दूसरे बाजार अतिक्रमण से अटे हैं और शहर रोज जाम की समस्या से जूझ रहा है।

इसके चलते शहर में बढ़ते अतिक्रमण के कारण लगने वाले जाम पर नगर निगम व प्रशासन की व्यापारियों से ठन गई है। जहां प्रशासन व्यापारियों व दुकानदारों को अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार मानता है, वहीं व्यापारी और दुकानदार वर्ग प्रशासन की नाकामी होने का दावा कर रहा है।
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जबकि इन सब का खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है। प्रशासन द्वारा कार्रवाई करने की स्थिति में व्यापारी वर्ग लामबंद हो जाता है और प्रशासन पंगु बना अतिक्रमण देखता आ रहा है।
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व्यापारी वर्ग कहता है कि जब प्रशासन सड़क को अवैध पार्किंग बनाकर वाहनों की पार्किंग फीस ले सकता है तो दुकानदार अपना सामान दुकान से बाहर निकाल कर अपने लिए काम तो बढ़ा सकता है। नेता जी सुभाष मार्केट के प्रधान दीपक धवन का कहना है कि पिछले छह महीनों से नगर सुधार मंडल ने जीटी रोड की आधी सड़क पर पार्किंग बनाकर अतिक्रमण की स्थिति पैदा हो गई है।

प्रशासन जनता की सड़क को चार लाख 61 हजार रुपये में देकर जनता के अधिकारों का हनन कर रकम बटोर सकता है तो छोटा दुकानदार अपना सामान दुकान से बाहर रखकर अपनी रोजीरोटी का जरिया भी बढ़ा सकता है। यदि नगर निगम दुकानदाराें पर कार्रवाई करना चाहे तो पहले सड़क पर खड़े होने वाली पार्किंग पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रशासन ने जीटी रोड के किनारे पार्किंग बनाकर 15 रुपये पार्किंग फीस तो लगा दी, लेकिन प्रशासन ने जनता से 15 रुपये के बदले में उन्हें क्या दिया है। इससे पहले लोग इसी स्थान पर वाहनों को पार्क  करते थे। लोगों को 15 रुपये का दंड भुगतना पड़ रहा है। प्रशासन भले 25 रुपये प्रति वाहन चार्ज करें, लेकिन उसके बदले में उन्हें लाभ भी दिया जाए। प्रशासन को चाहिए था कि पब्लिक के वाहन खड़े करने की व्यवस्था करती, जिससे लोगों को निजात मिलती। जब प्रशासन 15 रुपये में सड़क बेच सकता हैै तो दुकानदार को किस प्रकार रोका जा सकता है।
-प्रीतपाल सिंह पन्नू, अध्यक्ष, निफा।

दुकानदार अतिक्रमण तो करता है, लेकिन व्यवहारिक नहीं। यदि वह अपनी आय बढ़ाने की कल्पना कर अतिक्रमण करता है तो उसकी सोच नकारात्मक है। सबसे पहले उसे अपनी सोच बदलनी चाहिए। प्रशासन को लॉ एंड ऑर्डर कायम करने के लिए अपनी कार्रवाई करनी चाहिए। नेता हो या किसी भी मार्केट के प्रधान लोगों को सहूलियत देना प्रशासन का ही काम है।
रजनीश शर्मा, मालिक, कलर लैब।   


कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चौक के समीप शीतल गारमेंट्स के मालिक अशोक चौधरी का कहना है कि अस्पताल से कर्णगेट तक कहीं भी पार्किंग नहीं होने के कारण लोेग दुकानों के आगे ही अपने वाहनों को पार्क कर देते हैं। पार्किंग गलत तरीके से होने के कारण भी जाम की स्थिति बन जाती है। पुलिस की क्रेन शहर में चलती रही, जाम लगना काफी कम हो गया था। जब से शहर में क्रेन चलनी बंद हो गई है, तभी से जाम की स्थिति बनने लगी है। लोगों में पुलिस की क्रेन के प्रति डर बना रहता था। जिससे जाम नहीं लगता था।
-अशोक चौधरी, मालिक, शीतल गारमेंट्स।   

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नेहरू पैलेस के प्रधान और व्यापार मंडल के अध्यक्ष कृष्ण लाल तनेजा का कहना है कि शहर में वाहनों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। रेहड़ी व वाहन गलत तरीके से पार्क होने के कारण शहर में जाम की स्थिति बन जाती है। ट्रैफिक अधिक होने के कारण हमें इस समस्या को मिलकर हल करना चाहिए।  दुकानदार को भी चाहिए कि वह अपनी हद में रहे, जिससे उसकी दुकानदारी भी खराब न हो ओर जनता को भी परेशानी न हो।

कृष्ण लाल तनेजा, अध्यक्ष, व्यापार मंडल।  
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प्रशासन को कई बार कहा गया है कि अतिक्रमण हटाने के लिए रोड सेफ्टी की पूरी टीम तैयार है, लेकिन प्रशासन के ढीले रवैये के चलते आए दिन अतिक्रमण बढ़ रहा है। अब जब प्रशासन ही कार्रवाई करने को तैयार नहीं है तो अतिक्रमण तो बढ़ेगा ही।
जेआर कालड़ा, प्रधान, रोड सेफ्टी आर्गेनाइजेशन।  


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