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Karnal News: सीएम तक से लगाई थी गुहार, दस माह में भी मरम्मत नहीं हुई तो खुद भरे सड़क के गड्ढे
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करनाल। शहर की पॉश कॉलोनी अल्फा इंटरनेशनल सिटी में टूटी सड़कों की समस्या से त्रस्त लोगों ने रविवार को समाधान अपने हाथ में ले लिया। लोगों ने खुद तीन डंपर मलबा मंगवाकर गड्ढे भरे। प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि यदि 31 अगस्त तक सड़क की समुचित मरम्मत नहीं हुई तो वे भाजपा कार्यालय कर्ण कमल का घेराव करेंगे।
अल्फा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले एकत्रित हुए लोगों ने करीब पांच लाख रुपये एकत्र कर गड्ढे भरने के लिए मलबा मंगवाया। इस दौरान लोगों ने बिल्डर और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
एसोसिएशन के प्रधान प्रभजोत सिंह और सचिव कुलदीप ने बताया कि 10 माह से वे सड़क निर्माण के लिए चक्कर काट रहे हैं। सीएम, केंद्रीय मंत्री, विधायक, डीसी और निगम आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों को मिल चुके हैं, हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अब वे तंग होकर खुद चंदा जुटाकर सड़क की मरम्मत के लिए मजबूर हुए हैं।
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लोगों का आरोप है कि काम शुरू करते समय बिल्डर प्रबंधन के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। अभद्र व्यवहार किया लेकिन निवासियों के एकजुट होने पर काम नहीं रोक पाए।
गड्ढों के कारण हादसे का डर, कई लोग हुए चोटिल
अल्फा इंटरनेशनल सिटी की आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने बताया कि कॉलोनी की मुख्य सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं। बारिश के दिनों में सड़कों पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई स्थानों पर तो सड़क के नाम पर पत्थरों और कीचड़ के ढेर रह गए हैं।
प्रदर्शन में शामिल कुलदीप वडैच, राजेश नरूला, बलराज बोले कि उन्होंने स्वच्छ वातावरण और बेहतर सुविधाओं की उम्मीद में करोड़ों रुपये खर्च कर यहां आशियाने बनाए थे। वे नगर निगम और संबंधित विभागों को हाउस टैक्स समेत अन्य सभी कर समय पर चुका रहे हैं। इसके बावजूद न तो नियमित सफाई होती है, न ही कूड़ा समय पर उठाया जाता है और न ही सड़कों की मरम्मत की जा रही है।
बोले, 1300 से ज्यादा परिवार परेशान
एसोसिएशन के प्रधान प्रभजोत सिंह ने बताया कि जनवरी माह में अल्फा सिटी के 251 लोग एकजुट होकर अपनी सामूहिक शिकायत सीएम विंडो में दर्ज कराई थी। अल्फा सिटी में करीब 1300 परिवार रहते हैं। सभी सुविधाओं के अभाव से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कॉलोनी में लगभग 70 फीसदी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।
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अल्फा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले एकत्रित हुए लोगों ने करीब पांच लाख रुपये एकत्र कर गड्ढे भरने के लिए मलबा मंगवाया। इस दौरान लोगों ने बिल्डर और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
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एसोसिएशन के प्रधान प्रभजोत सिंह और सचिव कुलदीप ने बताया कि 10 माह से वे सड़क निर्माण के लिए चक्कर काट रहे हैं। सीएम, केंद्रीय मंत्री, विधायक, डीसी और निगम आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों को मिल चुके हैं, हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अब वे तंग होकर खुद चंदा जुटाकर सड़क की मरम्मत के लिए मजबूर हुए हैं।
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लोगों का आरोप है कि काम शुरू करते समय बिल्डर प्रबंधन के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। अभद्र व्यवहार किया लेकिन निवासियों के एकजुट होने पर काम नहीं रोक पाए।
गड्ढों के कारण हादसे का डर, कई लोग हुए चोटिल
अल्फा इंटरनेशनल सिटी की आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने बताया कि कॉलोनी की मुख्य सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं। बारिश के दिनों में सड़कों पर बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाता है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई स्थानों पर तो सड़क के नाम पर पत्थरों और कीचड़ के ढेर रह गए हैं।
प्रदर्शन में शामिल कुलदीप वडैच, राजेश नरूला, बलराज बोले कि उन्होंने स्वच्छ वातावरण और बेहतर सुविधाओं की उम्मीद में करोड़ों रुपये खर्च कर यहां आशियाने बनाए थे। वे नगर निगम और संबंधित विभागों को हाउस टैक्स समेत अन्य सभी कर समय पर चुका रहे हैं। इसके बावजूद न तो नियमित सफाई होती है, न ही कूड़ा समय पर उठाया जाता है और न ही सड़कों की मरम्मत की जा रही है।
बोले, 1300 से ज्यादा परिवार परेशान
एसोसिएशन के प्रधान प्रभजोत सिंह ने बताया कि जनवरी माह में अल्फा सिटी के 251 लोग एकजुट होकर अपनी सामूहिक शिकायत सीएम विंडो में दर्ज कराई थी। अल्फा सिटी में करीब 1300 परिवार रहते हैं। सभी सुविधाओं के अभाव से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कॉलोनी में लगभग 70 फीसदी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।