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Karnal News: नौ साल में बने तीन पिंक शौचालय… इनमें भी सेनेटरी पैड की सुविधा नहीं
Sun, 15 Feb 2026 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 15 Feb 2026 02:06 AM IST
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नेहरू पैलेस बाजार में स्थित शीरोरुम
करनाल।
नौ साल में करनाल शहर में महज तीन ही पिंक शौचालय यानी शीरो रूम बनाए गए। इनमें भी सेनेटरी पैड की सुविधा नहीं है। कहीं मशीन खराब है तो कहीं लग ही नहीं पाई। हालात यह हैं कि जरूरत के समय में लाखों रुपये खर्च से बने से शीरो रूम मददगार साबित नहीं हो पाते।
भोपाल की तर्ज करनाल के रेलवे रोड पर प्रदेश का पहला शीरो रूम स्थापित किया गया था। उद्घाटन तत्कालीन महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने किया था। इसके बाद नगर निगम केवल दो और शीरो रूम बना पाया। शहर के प्रमुख बाजारों में यह सुविधा देने का दावा था लेकिन अधिकारी इनका भी ठीक से रखरखाव नहीं कर पाए।
हालात ये हैं कि रेलवे रोड स्थित पिंक शौचालय में पिछले कई साल से पैड वेंडिंग मशीन उपयोग में नहीं है। नेहरू पैलेस शीरो रूम में भी मशीन संचालित नहीं है। आईटीआई चौक के शीरो रूम की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। डिस्पोज करने की मशीन भी काफी समस्से खराब पड़ी है।
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शहर में 12 बड़े बाजार हैं। महिलाओं का कहना है कि बाजारों में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। बाजारों में एक-एक पिंक शाैचालय जरूर होना चाहिए।
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बढ़ाई जाए शीरो रूम की संख्या
अनुराधा का कहना है तो शीरो रूम में सबसे जरूरी पैड वेंडिंग मशीन है जो पिछले काफी समय से उपयोग में नहींं है। न तो पैड मिलता है न ही डिस्पोज करने की सुविधा। इन्हें दुरुस्त करने के साथ ही प्रमुख बाजारों में शीरो रूम स्थापित किए जाएं।
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नाम के लिए लगाईं वेंडिंग मशीनें
योगिता का कहना है कि शीरो रूम बाजार से काफी दूर हैं, ऐसे में पिंक शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाए। मशीनों में पैड की सुविधा दी जाए। सुविधा तो बेहतर दी गई लेकिन मशीनों को केवल नाम के लिए लगा दिया गया। इनकी समय-समय पर मरम्मत करवाई जाए।
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रेलवे रोड : नौ साल हो चुके, मशीन बदहाल
रेलवे रोड पर स्थित पिंक शौचालय वर्ष 2017 में बना था। शाैचालय की साफ-सफाई तो बेहतर है लेकिन इनमें पिछले काफी समय से पैड वेंडिंग मशीन उपयोग में लाने योग्य नहीं है। युवतियों ने बताया कि जरूरत पर इनमें न तो पैड होते हैं न ही डिस्पोज करने की मशीन चलती है।
आईटीआई चौक : लगाई ही नहीं डिस्पोज मशीन
आईटीआई चौक का शीरो रूम वर्ष 2018 में बना था। इस पिंक शौचालय में पैड वेंडिंग मशीन है लेकिन डिस्पोज करने वाली मशीन नहीं है। आईटीआई छात्राओं ने बताया कि मशीन तो लगी है लेकिन इसमें कभी भी पैड उपलब्ध नहीं होते। सुधार की जरूरत है।
नेहरू पैलेस : सफाई तो की जाती है लेकिन...
नेहरू पैलेस में स्थित वर्ष 2018 में बने शीरो रूम में रोजाना सैकड़ों महिलाएं आती हैं लेकिन इसमें पिछले काफी समय से मशीनें खराब पड़ी है। दुकानों की महिलाओं का कहना है कि साफ-सफाई तो पूरी रहती है लेकिन जरूरत पड़ने पर पैड नहीं मिलते।
- जांच कराएंगे। शीरो रूम में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन खराब है तो उसे ठीक कराएंगे, यदि खाली है तो उसकी व्यवस्था की जाएगी। - सुरेंद्र चौपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम
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नौ साल में करनाल शहर में महज तीन ही पिंक शौचालय यानी शीरो रूम बनाए गए। इनमें भी सेनेटरी पैड की सुविधा नहीं है। कहीं मशीन खराब है तो कहीं लग ही नहीं पाई। हालात यह हैं कि जरूरत के समय में लाखों रुपये खर्च से बने से शीरो रूम मददगार साबित नहीं हो पाते।
भोपाल की तर्ज करनाल के रेलवे रोड पर प्रदेश का पहला शीरो रूम स्थापित किया गया था। उद्घाटन तत्कालीन महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने किया था। इसके बाद नगर निगम केवल दो और शीरो रूम बना पाया। शहर के प्रमुख बाजारों में यह सुविधा देने का दावा था लेकिन अधिकारी इनका भी ठीक से रखरखाव नहीं कर पाए।
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हालात ये हैं कि रेलवे रोड स्थित पिंक शौचालय में पिछले कई साल से पैड वेंडिंग मशीन उपयोग में नहीं है। नेहरू पैलेस शीरो रूम में भी मशीन संचालित नहीं है। आईटीआई चौक के शीरो रूम की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। डिस्पोज करने की मशीन भी काफी समस्से खराब पड़ी है।
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शहर में 12 बड़े बाजार हैं। महिलाओं का कहना है कि बाजारों में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। बाजारों में एक-एक पिंक शाैचालय जरूर होना चाहिए।
बढ़ाई जाए शीरो रूम की संख्या
अनुराधा का कहना है तो शीरो रूम में सबसे जरूरी पैड वेंडिंग मशीन है जो पिछले काफी समय से उपयोग में नहींं है। न तो पैड मिलता है न ही डिस्पोज करने की सुविधा। इन्हें दुरुस्त करने के साथ ही प्रमुख बाजारों में शीरो रूम स्थापित किए जाएं।
नाम के लिए लगाईं वेंडिंग मशीनें
योगिता का कहना है कि शीरो रूम बाजार से काफी दूर हैं, ऐसे में पिंक शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाए। मशीनों में पैड की सुविधा दी जाए। सुविधा तो बेहतर दी गई लेकिन मशीनों को केवल नाम के लिए लगा दिया गया। इनकी समय-समय पर मरम्मत करवाई जाए।
रेलवे रोड : नौ साल हो चुके, मशीन बदहाल
रेलवे रोड पर स्थित पिंक शौचालय वर्ष 2017 में बना था। शाैचालय की साफ-सफाई तो बेहतर है लेकिन इनमें पिछले काफी समय से पैड वेंडिंग मशीन उपयोग में लाने योग्य नहीं है। युवतियों ने बताया कि जरूरत पर इनमें न तो पैड होते हैं न ही डिस्पोज करने की मशीन चलती है।
आईटीआई चौक : लगाई ही नहीं डिस्पोज मशीन
आईटीआई चौक का शीरो रूम वर्ष 2018 में बना था। इस पिंक शौचालय में पैड वेंडिंग मशीन है लेकिन डिस्पोज करने वाली मशीन नहीं है। आईटीआई छात्राओं ने बताया कि मशीन तो लगी है लेकिन इसमें कभी भी पैड उपलब्ध नहीं होते। सुधार की जरूरत है।
नेहरू पैलेस : सफाई तो की जाती है लेकिन...
नेहरू पैलेस में स्थित वर्ष 2018 में बने शीरो रूम में रोजाना सैकड़ों महिलाएं आती हैं लेकिन इसमें पिछले काफी समय से मशीनें खराब पड़ी है। दुकानों की महिलाओं का कहना है कि साफ-सफाई तो पूरी रहती है लेकिन जरूरत पड़ने पर पैड नहीं मिलते।
- जांच कराएंगे। शीरो रूम में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन खराब है तो उसे ठीक कराएंगे, यदि खाली है तो उसकी व्यवस्था की जाएगी। - सुरेंद्र चौपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम