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अवैध कॉलोनी की सीवरेज निगम की मुख्य लाइन से जोड़ने की होगी जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। घोघड़ीपुर फ्लाईओवर के समीप गिरड़े वाला पीर के नाम से काटी गई अवैध कॉलोनी की सीवरेज लाइन नगर निगम की मुख्य सीवरेज लाइन में जोड़ने के मामले में डीसी अनीश यादव ने जांच के आदेश दे दिए हैं। टीम सोमवार को मौके पर जाकर जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। कॉलोनाइजर से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम ने डीटीपी विक्रम को गिरफ्तार किया था। इसके बाद विजिलेंस ने तहसीलदार राजबख्श को गिरफ्तार किया था। दोनों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि कॉलोनाइजर, डीड राइटर्स से उनके पास रिश्वत के रुपये आते थे। कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनी में पीला पंजा न चलाने के लिए डीटीपी विक्रम को रिश्वत देते थे। वहीं, डीड राइटर उन अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री करने के रुपये लेता था। जब विजिलेंस की जांच में कुछ कॉलोनाइजर्स के नाम सामने आए तो उनमें हड़कंप मच गया था। इसके बाद विजिलेंस ने आरोपी डीटीपी विक्रम व तहसीलदार राजबख्श को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विजिलेंस ने किसी अन्य की गिरफ्तारी का खुलासा नहीं किया तो कॉलोनाइजर्स के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने नगर निगम की सीवरेज लाइन में अवैध कॉलोनी का सीवरेज जोड़ लिया।
अवैध कॉलोनियों के सीवरेज लाइन की होनी चाहिए जांच
जिले में कई अवैध कॉलोनियों कटी हैं। जिन्हें डीटीपी विक्रम द्वारा रिश्वत लेकर कटवाने और विकसित होने देने का आरोप है। इन अवैध कॉलोनियाें के सीवरेज लाइन नगर पालिका व नगर निगम के मेन सीवरेज में जोड़ा गया है। लोगों का कहना है कि ऐसे सभी अवैध कॉलोनियों के सीवरेज लाइन की जांच होनी चाहिए।
आखिर कैसे जुड़ी मुख्य सीवरेज में लाइन
अभी तक अवैध कॉलोनियों को काटने का मामला चल रहा था लेकिन यह बड़ा सवाल है कि इन अवैध कॉलोनियों के सीवरेज किसकी अनुमति से कॉलोनाइजर्स ने नगर निगम के मुख्य सीवरेज से जोड़े हैं। ऐसे में जिला प्रशासन को इसकी भी जांच करानी चाहिए।
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अवैध कॉलोनी का सीवरेज नगर निगम के मुख्य सीवरेज लाइन में जोड़ने का मामला संज्ञान में है। इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। टीम मौके पर जाकर मामले की जांच करेगी उसकी रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- अनीश यादव, उपायुक्त, करनाल
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करनाल। घोघड़ीपुर फ्लाईओवर के समीप गिरड़े वाला पीर के नाम से काटी गई अवैध कॉलोनी की सीवरेज लाइन नगर निगम की मुख्य सीवरेज लाइन में जोड़ने के मामले में डीसी अनीश यादव ने जांच के आदेश दे दिए हैं। टीम सोमवार को मौके पर जाकर जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। कॉलोनाइजर से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए हरियाणा स्टेट विजिलेंस की टीम ने डीटीपी विक्रम को गिरफ्तार किया था। इसके बाद विजिलेंस ने तहसीलदार राजबख्श को गिरफ्तार किया था। दोनों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि कॉलोनाइजर, डीड राइटर्स से उनके पास रिश्वत के रुपये आते थे। कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनी में पीला पंजा न चलाने के लिए डीटीपी विक्रम को रिश्वत देते थे। वहीं, डीड राइटर उन अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री करने के रुपये लेता था। जब विजिलेंस की जांच में कुछ कॉलोनाइजर्स के नाम सामने आए तो उनमें हड़कंप मच गया था। इसके बाद विजिलेंस ने आरोपी डीटीपी विक्रम व तहसीलदार राजबख्श को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विजिलेंस ने किसी अन्य की गिरफ्तारी का खुलासा नहीं किया तो कॉलोनाइजर्स के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने नगर निगम की सीवरेज लाइन में अवैध कॉलोनी का सीवरेज जोड़ लिया।
अवैध कॉलोनियों के सीवरेज लाइन की होनी चाहिए जांच
जिले में कई अवैध कॉलोनियों कटी हैं। जिन्हें डीटीपी विक्रम द्वारा रिश्वत लेकर कटवाने और विकसित होने देने का आरोप है। इन अवैध कॉलोनियाें के सीवरेज लाइन नगर पालिका व नगर निगम के मेन सीवरेज में जोड़ा गया है। लोगों का कहना है कि ऐसे सभी अवैध कॉलोनियों के सीवरेज लाइन की जांच होनी चाहिए।
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आखिर कैसे जुड़ी मुख्य सीवरेज में लाइन
अभी तक अवैध कॉलोनियों को काटने का मामला चल रहा था लेकिन यह बड़ा सवाल है कि इन अवैध कॉलोनियों के सीवरेज किसकी अनुमति से कॉलोनाइजर्स ने नगर निगम के मुख्य सीवरेज से जोड़े हैं। ऐसे में जिला प्रशासन को इसकी भी जांच करानी चाहिए।
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अवैध कॉलोनी का सीवरेज नगर निगम के मुख्य सीवरेज लाइन में जोड़ने का मामला संज्ञान में है। इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। टीम मौके पर जाकर मामले की जांच करेगी उसकी रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- अनीश यादव, उपायुक्त, करनाल