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Karnal News: खेल परिसर में पानी न शौचालय, ट्रैक भी ऊबड़खाबड़
Sat, 29 Nov 2025 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 29 Nov 2025 02:38 AM IST
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करनाल।
पुंडरक गांव के राजीव गांधी खेल परिसर बदहाल है। न पीने के पानी की सुविधा है न शौचालय की। दौड़ने के लिए ट्रैक ऊबड़खाबड़ है। खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए पूरे उपकरण तक नहीं हैं।
तत्कालीन विधायक सुमिता सिंह ने 21 अगस्त, 2019 में खेल परिसर का शुभारंभ किया था। देखरेख के अभाव में परिसर के हालात खराब है। 14 अगस्त, 2023 में छह लाख 88 हजार 174 रुपये से मैदान में चहारदीवारी और ट्रैक का कायाकल्प कराया गया था। अब ट्रैक इस हालत में नहीं है कि उस पर दौड़ लगाई जा सके। खेल परिसर में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। खिलाड़ियों को अपने घर से ही पानी की बोतल लानी पड़ती है। शौचालय की स्थिति इतनी खराब है कि लघुशंका होने पर खिलाड़ियों को परिसर के पास बने खेतों में जाना पड़ता है। बॉस्केटबॉल कोर्ट का पोल जंग लगा हुआ है।
इन सभी गड़बड़ियों के बीच एक बात अच्छी भी है। खेल विभाग की ओर से हरियाणा काैशल रोजगार निगम से सुरक्षाकर्मी की नियुक्ति की गई है। सुरक्षाकर्मी सुबह 9 से 5 बजे तक तैनात रहता है। इस बार खेल विभाग की ओर से एथलेटिक्स कोच की नियुक्ति की गई है। संवाद
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भवन के खिड़की, दरवाजे भी टूटे
खेल परिसर में बने भवन के खिड़की, दरवाजे व रोशनदान टूटे हैं। भवन के अंदर एक दरवाजा टूटा हुआ कोने में रखा हुआ है। भवन के प्रवेश द्वार पर लिखा राजीव गांधी खेल परिसर भी मिट चुका है। जिम की आधुनिक मशीन है लेकिन इसका कनेक्शन नहीं किया गया है। ऐसे में खिलाड़ी इसका उपयोग नहीं कर पा रहे। मशीन धूल खा रही है।
मैदान में नहीं कर सकते अभ्यास
यहां का खेल मैदान देखरेख के अभाव में ऊबडखाबड़ हो गया है। यहां न तो क्रिकेट खेल सकते हैं और न ही फुटबॉल। सुविधाओं के अभाव में मजबूरी में अभ्यास करने के लिए कर्ण स्टेडियम जाना पड़ता है। - सन्नी, क्रिकेटर
बिजली के उपकरण खुले पड़े
बिजली तारों का बॉक्स हर समय खुला रहता है। खेल भवन में जिम का सामान पंचायत की ओर से रखवाया गया है लेकिन प्रशिक्षण कराने के लिए कोच की व्यवस्था नहीं है। कबड्डी व कुश्ती के लिए अखाड़ा नहीं है। -तुषार, कबड्डी खिलाड़ी
-- -- -- -- -- जिला खेल अधिकारी रणबीर सिंह रंगा ने बताया कि जिला के सात राजीव गांधी खेल परिसरों के खेल विभाग की ओर से बजट जारी हो गया है। पुंडरक खेल परिसर के लिए 14 लाख 76 हजार 125 रुपए का बजट पास हुआ है। यह बजट लोक निर्माण विभाग को जारी कर दिया गया है जल्द ही भवन के कायाकल्प का कार्य शुरु करा दिया जाएगा।
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पुंडरक गांव के राजीव गांधी खेल परिसर बदहाल है। न पीने के पानी की सुविधा है न शौचालय की। दौड़ने के लिए ट्रैक ऊबड़खाबड़ है। खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए पूरे उपकरण तक नहीं हैं।
तत्कालीन विधायक सुमिता सिंह ने 21 अगस्त, 2019 में खेल परिसर का शुभारंभ किया था। देखरेख के अभाव में परिसर के हालात खराब है। 14 अगस्त, 2023 में छह लाख 88 हजार 174 रुपये से मैदान में चहारदीवारी और ट्रैक का कायाकल्प कराया गया था। अब ट्रैक इस हालत में नहीं है कि उस पर दौड़ लगाई जा सके। खेल परिसर में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। खिलाड़ियों को अपने घर से ही पानी की बोतल लानी पड़ती है। शौचालय की स्थिति इतनी खराब है कि लघुशंका होने पर खिलाड़ियों को परिसर के पास बने खेतों में जाना पड़ता है। बॉस्केटबॉल कोर्ट का पोल जंग लगा हुआ है।
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इन सभी गड़बड़ियों के बीच एक बात अच्छी भी है। खेल विभाग की ओर से हरियाणा काैशल रोजगार निगम से सुरक्षाकर्मी की नियुक्ति की गई है। सुरक्षाकर्मी सुबह 9 से 5 बजे तक तैनात रहता है। इस बार खेल विभाग की ओर से एथलेटिक्स कोच की नियुक्ति की गई है। संवाद
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भवन के खिड़की, दरवाजे भी टूटे
खेल परिसर में बने भवन के खिड़की, दरवाजे व रोशनदान टूटे हैं। भवन के अंदर एक दरवाजा टूटा हुआ कोने में रखा हुआ है। भवन के प्रवेश द्वार पर लिखा राजीव गांधी खेल परिसर भी मिट चुका है। जिम की आधुनिक मशीन है लेकिन इसका कनेक्शन नहीं किया गया है। ऐसे में खिलाड़ी इसका उपयोग नहीं कर पा रहे। मशीन धूल खा रही है।
मैदान में नहीं कर सकते अभ्यास
यहां का खेल मैदान देखरेख के अभाव में ऊबडखाबड़ हो गया है। यहां न तो क्रिकेट खेल सकते हैं और न ही फुटबॉल। सुविधाओं के अभाव में मजबूरी में अभ्यास करने के लिए कर्ण स्टेडियम जाना पड़ता है। - सन्नी, क्रिकेटर
बिजली के उपकरण खुले पड़े
बिजली तारों का बॉक्स हर समय खुला रहता है। खेल भवन में जिम का सामान पंचायत की ओर से रखवाया गया है लेकिन प्रशिक्षण कराने के लिए कोच की व्यवस्था नहीं है। कबड्डी व कुश्ती के लिए अखाड़ा नहीं है। -तुषार, कबड्डी खिलाड़ी