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फिर आंदोलन की रणनीति बनाने की राह पर चले किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 02:12 AM IST
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Then the farmers went on the path of making the strategy of the movement
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि बुधवार को सौकड़ा गांव में आयोजित भाकियू के राष्ट्रीय अधिवेशन में एक बार फिर किसान आंदोलन शुरू करने के संकेत दे दिए हैं। जिसकी रूपरेखा और तिथि जून में हरिद्वार में होने वाले किसान सम्मेलन में तय की जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा गेहूं के निर्यात पर पाबंदी लगाने पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि ये किसानों के साथ अन्याय है। बंदरगाहों पर गेहूं पड़ा है, देश में खाद्यान्न की कमी नहीं है, किसान और अधिक खाद्यान्न पैदा करने को तैयार हैं।
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टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण आज देश में हर वर्ग कर्जदार है। सरकार की वादाखिलाफी के चलते किसान फिर से बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। वह बुधवार को नीलोखेड़ी हलके के सौकड़ा गांव में आयोजित किसानों के राष्ट्रीय अधिवेशन में बोल रहे थे। अधिवेशन में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल व उत्तराखंड सहित कई राज्यों के किसानों ने हिस्सा लिया।
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बोनस पर पंजाब सरकार को घेरा
पंजाब में किसानों के बोनस को लेकर चल रहे प्रदर्शन पर टिकैत ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले किसानों से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं कर रही है। किसानों के मुताबिक उन्होंने गेहूं की फसल पर प्रति क्विंटल 500 रुपये का बोनस मांगा था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पर सहमति जताई थी, लेकिन इसको लेकर अब तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। अधिवेशन में एक किसान ने मांग उठाई कि बासमती धान व मूंग का एमएसपी का नोटिफिकेशन जारी किया जाए। बिजली के प्रीपेड मीटर नहीं लगने चाहिए।
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किसानों को कर्ज मुक्त करने वाला ही राज करेगा: रतन मान
भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि आज के समय में प्रत्येक किसान सरकार की नीतियों का खमियाजा भुगत रहा है। जो किसानों को कर्जमुक्त करेगा, वही देश पर राज करेगा। कर्जमुक्त करने की सरकार को पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाकियू प्रदेश कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है, नई कार्यकारिणी का गठन एक माह के भीतर कर दिया जाएगा। राष्ट्रीय अधिवेशन में भाकियू प्रदेश महासचिव भूपेंद्र सिंह लाडी, संरक्षक जोगिंद्र सिंह झींडा, खंड प्रधान नरवैर सिंह रत्तक, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रधान सराजुद्दीन, उपप्रधान गुलजार सिंह अच्छनपुर, युवा अध्यक्ष वचित्र सिंह, शहरी प्रधान मग्गर सिंह, उपप्रधान संदीप सिंह ठरी, किसान नेता रणजीत सिंह जलमाना, हरविंद्र सिंह लाड़ी, मलकीत सिंह रत्तक, अमरजीत सिंह बसी, कश्मीर सिंह दनौली, सतनाम सिंह चट्ठा, परमजीत सिंह असंध, फतेह सिंह झींडा व अन्य किसान मौजूद रहे।
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