{"_id":"69baf18ac1dcc595cb01bc34","slug":"the-weather-may-change-from-march-19-to-21-due-to-the-western-disturbance-karnal-news-c-18-knl1018-867668-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: पश्चिमी विक्षोभ का असर, 19 से 21 मार्च तक बदल सकता है मौसम का मिजाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: पश्चिमी विक्षोभ का असर, 19 से 21 मार्च तक बदल सकता है मौसम का मिजाज
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) हिसार के कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खिचड़ ने बताया कि 18 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका प्रभाव आगामी दिनों में देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि 17 मार्च को दिन का तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम रहा।
डॉ. खिचड़ के अनुसार, इस पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के चलते 19 से 21 मार्च के बीच प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है। कई स्थानों पर बूंदाबांदी और हल्की बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की भी संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने संभावित बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। गेहूं की फसल में फिलहाल सिंचाई रोकने की सलाह दी गई है, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने सरसों की कटाई कर ली है, वे फसल के बंडल बांधकर सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि बारिश से नुकसान न हो। तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) हिसार के कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खिचड़ ने बताया कि 18 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका प्रभाव आगामी दिनों में देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि 17 मार्च को दिन का तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम रहा।
डॉ. खिचड़ के अनुसार, इस पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के चलते 19 से 21 मार्च के बीच प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है। कई स्थानों पर बूंदाबांदी और हल्की बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की भी संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।
विज्ञापन
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने संभावित बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। गेहूं की फसल में फिलहाल सिंचाई रोकने की सलाह दी गई है, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने सरसों की कटाई कर ली है, वे फसल के बंडल बांधकर सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि बारिश से नुकसान न हो। तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
विज्ञापन