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उपमुख्यमंत्री के साथ भी वार्ता रही विफल, समर्थन में आए कर्मचारी संगठन
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55: सेक्टर 12 स्थित फव्वारा पार्क में आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन के महापड़ाव में प्रदर्शन करती वर्कर?
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आंगनबाड़ी वर्कर्स की बुधवार को चंडीगढ़ में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के साथ हुई वार्ता भी विफल रही। मांगों पर सहमति नहीं बन पाई। ऐसे में उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं महापड़ाव के समर्थन में कई कर्मचारी संगठनों और किसानों ने भी सहयोग दिया। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने जिले के सभी खंडों में प्रदर्शन करते हुए हाथ में डिब्बे लेकर आर्थिक सहयोग भी मांगा। वहीं कर्मचारी नेता सुभाष लांबा की गिरफ्तारी के विरोध में लघु सचिवालय तक जुलूस भी निकाला।
आंगनबाड़ी के आंदोलन को कंडेला खाप के प्रधान टेक चंद और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राजेंद्र आर्य ने समर्थन दिया। दोनों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगों को तुरंत लागू नहीं किया गया तो वे भी सीधे रूप से आंदोलन का हिस्सा बनेंगे। जनवादी महिला समिति की सचिव जरासो देवी की अध्यक्षता में अन्य महिलाओं ने एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल की। तालमेल कमेटी की नेताओं बिजनेश राणा, सगीता, नीलम, कृष्णा, सतपाल सैनी, ओपी माटा और जगपाल राणा ने कहा कि सरकार जिस ढंग से महिलाओं के साथ व्यवहार कर रही है, वह काफी निंदनीय है। जो आंदोलन के मांग मुद्दे हैं, उसे हल करने में सरकार को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। जब तक मांगे पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ब्यूरो
रोजाना वर्कर्स और हेल्पर्स को बर्खास्त करने की धमकी दी जा रही है। 200 से ज्यादा वर्कर्स की सेवाएं बर्खास्त कर दी गई है फिर भी आंदोलन जारी रहेगा। - धर्मवती
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अधिकारियों ने आंदोलन वापस लेने की अपील जरूर की लेकिन बिना मांग हल किए आंदोलन वापस नहीं होगा। सरकार को मांगे माननी ही पड़ेंगी। - सुनीता
रोजगार देने की बजाय लोगों को नौकरी से हटाया जा रहा है। सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। हम आंगनबाड़ी केंद्रों का निजीकरण नहीं होने देंगे। - नीरज
सरकार हठधर्मिता पर अड़ी है। घोषणाओं को भी पूरा नहीं किया जा रहा। सात बार मांगों के संबंध में वार्ता हो चुकी है, हर बार बातचीत विफल रहती है। -अनिता
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आंगनबाड़ी के आंदोलन को कंडेला खाप के प्रधान टेक चंद और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राजेंद्र आर्य ने समर्थन दिया। दोनों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगों को तुरंत लागू नहीं किया गया तो वे भी सीधे रूप से आंदोलन का हिस्सा बनेंगे। जनवादी महिला समिति की सचिव जरासो देवी की अध्यक्षता में अन्य महिलाओं ने एक दिन की सांकेतिक भूख हड़ताल की। तालमेल कमेटी की नेताओं बिजनेश राणा, सगीता, नीलम, कृष्णा, सतपाल सैनी, ओपी माटा और जगपाल राणा ने कहा कि सरकार जिस ढंग से महिलाओं के साथ व्यवहार कर रही है, वह काफी निंदनीय है। जो आंदोलन के मांग मुद्दे हैं, उसे हल करने में सरकार को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। जब तक मांगे पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ब्यूरो
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रोजाना वर्कर्स और हेल्पर्स को बर्खास्त करने की धमकी दी जा रही है। 200 से ज्यादा वर्कर्स की सेवाएं बर्खास्त कर दी गई है फिर भी आंदोलन जारी रहेगा। - धर्मवती
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अधिकारियों ने आंदोलन वापस लेने की अपील जरूर की लेकिन बिना मांग हल किए आंदोलन वापस नहीं होगा। सरकार को मांगे माननी ही पड़ेंगी। - सुनीता
रोजगार देने की बजाय लोगों को नौकरी से हटाया जा रहा है। सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। हम आंगनबाड़ी केंद्रों का निजीकरण नहीं होने देंगे। - नीरज
सरकार हठधर्मिता पर अड़ी है। घोषणाओं को भी पूरा नहीं किया जा रहा। सात बार मांगों के संबंध में वार्ता हो चुकी है, हर बार बातचीत विफल रहती है। -अनिता
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