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Karnal News: सेहत की चादर पर कुष्ठ रोग के दाग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 May 2023 02:40 AM IST
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The stains of leprosy growing on the sheet of health
- पिछले पांच साल में जिले में मिले 83 कुष्ठ रोगी, जिसमें 21 महिलाएं और 62 पुरुष शामिल, लोग बरत रहे लापरवाही
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अनुज शर्मा

करनाल। लापरवाही के कारण जिले में कुष्ठ रोगियों की संख्या बढ़ रही है। जिससे स्वास्थ्य विभाग भी चिंतित है। जिले में पिछले पांच सालों में कुल 83 कुष्ठ रोगी मिले हैं। इनमें 70 सबसे अधिक एमबी (मल्टीबैसीलरी) से पीड़ित हैं और पीबी (पॉसीबैसीलरी) के 13 मरीज हैं। वहीं इनमें भी सबसे अधिक 62 पुरुष और 21 महिलाएं कुष्ठ रोग की चपेट में आए हैं। फिलहाल सिविल अस्पताल से 17 मरीजों का इलाज चल रहा है।

कुष्ठ रोग विभाग से पैरामेडिकल वर्कर वंदना आर्य ने बताया कि कुष्ठ बहुत ही कम संक्रामक रोग है जो माइक्रोबैक्टीरियम लेप्रा नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह मुख्य रूप से त्वचा और तंत्रिकाओं यानी नसों को प्रभावित करता है। यह रोग धीरे-धीरे बढ़ता है। परंतु समय पर इलाज न करवाने से व्यक्ति विकलांग हो जाता है।
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उन्होंने बताया कि चमड़ी पर ऐसे लाल तामियां दाग, तैलीय चमक जिनमें खुजली, चुभन या जलन न हो बल्कि सुन्नपन हो और गर्म-ठंडे का अहसास न हो। ये धब्बे या निशान शरीर के किसी भी भाग में हो सकते हैं। हाथ-पांवों में नमी का अनुभव, कोहनी के नीचे, कान के पीछे या घुटने के नीचे नस का सूजना। हाथों या पांवों की उंगलियों का मुड़ जाना या विकृत होना मुख्य लक्षणों में शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर इसका उपचार न किया जाए तो यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग छूने से नहीं फैलता बल्कि सांस के माध्यम से जैसे कोरोना या अन्य बीमारियां फैलती है। उसी प्रकार से यह भी फैलता है।
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क्या होता है पीबी और एमबी

पीबी यानी पॉसीबैसीलरी, जिसमें मरीज के शरीर पर पांच या पांच से कम धब्बे या एक नस प्रभावित होती है। इसमें मरीज को छह माह तक दवाइयों का सेवन नियमित रूप से करना पड़ता है। वहीं एमबी यानी मल्टीबैसीलरी, जिसमें मरीज के शरीर पर पांच से अधिक दाग या धब्बे होते हैं अथवा एक से अधिक तंत्रिका तंत्र कुष्ठ रोग से प्रभावित होती हैं, इसमें मरीज को 12 माह तक दवाइयों का सेवन नियमित करना पड़ता है।


कुष्ठ रोगियों पर एक नजर (अप्रैल से मार्च तक)
वर्ष कुल मरीज एमबी पीबी महिला पुरुष
2018-19 15 13 02 02 13
2019-20 24 19 05 03 21
2020-21 10 06 04 04 06
2021-22 17 16 01 07 10
2022-23 13 12 01 04 09
2023-24 04 04 00 01 03 (अप्रैल व मई)
कुल 83 70 13 21 62

शरीर पर किसी भी प्रकार का दाग या धब्बा होने पर तुरंत चर्म रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। जिससे कुष्ठ रोग का समय पर पता लगाया जा सके। कोई भी व्यक्ति लक्षण दिखने पर सिविल अस्पताल में अपना चेकअप करा रोग का निशुल्क इलाज करवा सकता है।
डाॅ. सिम्मी कपूर, डिप्टी सिविल सर्जन, करनाल
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