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Karnal News: पांच बजते ही बजा सायरन, जान बचाने के लिए दौड़े लोग
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शनिवार की शाम ठीक पांच बजे जैसे ही सायरन की आवाज गूंजी, लघु सचिवालय में हर कोई दौड़ता नजर आया, दो मिनट के अंदर करीब 36 लोग प्रथम, द्वितीय व तृतीय तल से भू तल पर पहुंचे और भवन से दूर चले गए।
तीसरे मिनट में फायरब्रिगेड कर्मियों, एसडीआरएफ, एनसीसी, वाईआरसी, पुलिस कर्मियों ने छह लोगों को जो ऊपरी मंजिल में फंस गए थे, उन्हें कंधों पर लादकर नीचे उतारा। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
अग्निशमन दल ने भवन के ऊपर पानी से बौछारें कर आग बुझाने की भी प्रयास किया। ये सब आपरेशन शील्ड के तहत मॉक ड्रिल के दौरान हुआ। करीब 15 मिनट के बाद सब कुछ सामान्य हो गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन एवं उपायुक्त उत्तम सिंह की देखरेख में शनिवार को योजनाबद्ध तरीके से नागरिक सुरक्षा अभ्यास किया गया। एसडीएम अनुभव मेहता ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय व हरियाणा सरकार ने नागरिक सुरक्षा अभ्यास-दो के तहत जिले में नागरिक सुरक्षा तंत्र और आपातकालीन प्रतिक्रिया का परीक्षण करने के लिए मॉक ड्रिल कराई। एसडीएम अनुभव मेहता ने बताया कि शाम 5 बजे सायरन बजाकर सरकारी विभागों और स्वयंसेवकों सहित विभिन्न लोगों को शामिल करते हुए लघु सचिवालय में मॉक ड्रिल ऑपरेशन शुरू किया गया।
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आपदा के दौरान आंतरिक कमरे या तहखाने में जाने की दी सीख : मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया कि ऐसी स्थिति आने पर आश्रय के रूप में एक सुरक्षित आंतरिक कमरे या तहखाने की पहचान कर वहां जाने को कहा गया। फेमिली ड्रिल्स का अभ्यास करने को भी कहा गया है। जिसमें लाइट बंद कर एक दो दिन मिनट के भीतर सुरक्षित क्षेत्र में एकत्र होना सिखाया गया। यह मॉक ड्रिल आपातकालीन स्थिति में क्या करें और क्या न करें और क्या-क्या सावधानियां बरतने के उद्देश्य से करवाई गई है।
उन्होंने आह्वान किया कि लोग अपने क्षेत्र में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट तुरंत पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को दें। इस दौरान डीएसपी नायब सिंह मौजूद रहे।
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करनाल। शनिवार की शाम ठीक पांच बजे जैसे ही सायरन की आवाज गूंजी, लघु सचिवालय में हर कोई दौड़ता नजर आया, दो मिनट के अंदर करीब 36 लोग प्रथम, द्वितीय व तृतीय तल से भू तल पर पहुंचे और भवन से दूर चले गए।
तीसरे मिनट में फायरब्रिगेड कर्मियों, एसडीआरएफ, एनसीसी, वाईआरसी, पुलिस कर्मियों ने छह लोगों को जो ऊपरी मंजिल में फंस गए थे, उन्हें कंधों पर लादकर नीचे उतारा। घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
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अग्निशमन दल ने भवन के ऊपर पानी से बौछारें कर आग बुझाने की भी प्रयास किया। ये सब आपरेशन शील्ड के तहत मॉक ड्रिल के दौरान हुआ। करीब 15 मिनट के बाद सब कुछ सामान्य हो गया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के चेयरमैन एवं उपायुक्त उत्तम सिंह की देखरेख में शनिवार को योजनाबद्ध तरीके से नागरिक सुरक्षा अभ्यास किया गया। एसडीएम अनुभव मेहता ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय व हरियाणा सरकार ने नागरिक सुरक्षा अभ्यास-दो के तहत जिले में नागरिक सुरक्षा तंत्र और आपातकालीन प्रतिक्रिया का परीक्षण करने के लिए मॉक ड्रिल कराई। एसडीएम अनुभव मेहता ने बताया कि शाम 5 बजे सायरन बजाकर सरकारी विभागों और स्वयंसेवकों सहित विभिन्न लोगों को शामिल करते हुए लघु सचिवालय में मॉक ड्रिल ऑपरेशन शुरू किया गया।
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आपदा के दौरान आंतरिक कमरे या तहखाने में जाने की दी सीख : मॉक ड्रिल के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया कि ऐसी स्थिति आने पर आश्रय के रूप में एक सुरक्षित आंतरिक कमरे या तहखाने की पहचान कर वहां जाने को कहा गया। फेमिली ड्रिल्स का अभ्यास करने को भी कहा गया है। जिसमें लाइट बंद कर एक दो दिन मिनट के भीतर सुरक्षित क्षेत्र में एकत्र होना सिखाया गया। यह मॉक ड्रिल आपातकालीन स्थिति में क्या करें और क्या न करें और क्या-क्या सावधानियां बरतने के उद्देश्य से करवाई गई है।
उन्होंने आह्वान किया कि लोग अपने क्षेत्र में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट तुरंत पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को दें। इस दौरान डीएसपी नायब सिंह मौजूद रहे।