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Karnal News: घट रहा लिंगानुपात, नहीं लग पा रहा है अवैध भ्रूण लिंग जांच केंद्रों पर अंकुश

Sat, 20 Sep 2025 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sat, 20 Sep 2025 01:52 AM IST
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The sex ratio is declining, illegal fetal sex determination centres are not being controlled.
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिले का लिंगानुपात घटा है। यह 926 से घटकर 920 पर आ गया है। स्वास्थ्य विभाग की सख्ती के बावजूद भ्रूण लिंग जांच के अवैध केंद्रों पर अंकुश नहीं लग सका है। ऐसा विभाग के आंकड़े ही कहते हैं। विभाग की ओर से भ्रूण लिंग जांच और अवैध गर्भपात पर रोक लगाने के लिए आठ माह में 5 छापे मारे गए। सभी छापों में भ्रूण लिंग जांच के मामले सही पाए गए। करनाल में ही नहीं अन्य जिलों और राज्यों में भी कार्रवाई की गई।
अगस्त महीने में ही दो बड़ी कार्रवाई की गईं। शिव कॉलोनी, पिंगली रोड और नरु खेड़ी के साथ-साथ शामली व जलालाबाद (उत्तर प्रदेश) में भी अवैध गतिविधियों का भंडाफोड़ किया गया। पहली कार्रवाई 28 फरवरी को शिव कॉलोनी करनाल में की गई, जहां अवैध गर्भपात और भ्रूण लिंग जांच से जुड़ी गतिविधि की जा रही थीं। 26 मार्च को विभाग ने अंतरराज्यीय टीम के साथ मिलकर शामली व जलालाबाद (उत्तर प्रदेश) में छापा मारा। इसे जिले की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, क्योंकि यह नेटवर्क हरियाणा और यूपी दोनों जगह सक्रिय था। तीसरी कार्रवाई 4 अगस्त को पिंगली रोड स्थित कृष्णा फार्मेसी पर हुई। यहां से भी भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आईं। 14 अगस्त को नरुखेड़ी गांव के एक क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। यहां भी अवैध गतिविधियों का खुलासा हुआ।
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असंध में स्थिति अधिक खराब
लिंगानुपात में निसिंग ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पिछले साल के 778 से बढ़कर यहां अनुपात 2600 हो गया है। तरावड़ी में 928 से बढ़कर छलांग लगाकर 4333 लिंगानुपात हो गया है। भादसों, जुंडला और बल्ला में भी 100 से अधिक अंकों का सुधार हुआ है। वहीं असंध, निगदू, करनाल नगर निगम और जिला अस्पताल जैसे क्षेत्रों में गिरावट आई है। असंध का आंकड़ा 905 से घटकर 797 पर आ गया, जो जिले की सबसे खराब स्थिति है।
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दस साल में डाले गए 50 छापे
भ्रूण लिंग जांच की सूचना पर पिछले 10 वर्षों में 50 छापे डाले गए। 30 मामले पीएनडीटी एक्ट और 20 मामले एमटीपी एक्ट के तहत दर्ज किए गए। इन छापों में से 80 फीसदी मामलों भ्रूण लिंग जांच के मामले पकड़े गए। सबसे ज्यादा 14 छापे करनाल शहर में डाले गए। असंध में 8-9 छापे डाले गए। तरावड़ी, निसिंग, इंद्री, घरौंडा और बल्ला में भी कार्रवाई हुई। हाल में यूपी के सहारनपुर और शामली तक कार्रवाई की गई।



-ऐसा रहा लिंगानुपातक्षेत्र 2024 2025
तरावड़ी : 928 4333
निसिंग : 778 2600
भादसों : 904 1104
जुंडला : 924 1075
बल्ला : 943 1085
निगदू : 864 828
असंध : 905 797
करनाल नगर निगम : 933 918
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जिले का औसत : 926 920
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सूचना देने वाले को एक लाख रुपये
लिंगानुपात सुधारना विभाग की प्राथमिकता है। भ्रूण लिंग जांच करने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं। सूचना देने वालों को एक लाख रुपये इनाम दिए जाते हैं। उनकी जानकारी गुप्त रखी जाती है। आशा वर्करों के जत्थे गांव-गांव निकालकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। -डॉ. शीनू चौधरी, उप सिविल सर्जन
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