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Karnal News: बच्चों के सीख के स्तर से आंका जाएगा प्राथमिक कक्षाओं का परिणाम

Mon, 16 Feb 2026 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Mon, 16 Feb 2026 01:47 AM IST
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The results of primary classes will be judged by the learning level of the children.
करनाल। इस बार प्राथमिक कक्षाओं की वार्षिक परीक्षा का केंद्र केवल परिणाम नहीं, बल्कि बच्चों की वास्तविक सीख होगी। शिक्षा विभाग ने मार्च में होने वाली परीक्षा को आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक दक्षताओं से जोड़ते हुए इसे सीख की गुणवत्ता जांचने का माध्यम बनाया है। 16 से 25 मार्च के बीच आयोजित होने वाली बाल वाटिका से कक्षा 5वीं तक की परीक्षाओं में यह देखा जाएगा कि विद्यार्थी पढ़ने, समझने और गणना करने में कितने सक्षम हुए हैं। स्कूलों को निर्देश दिए कि नियमित कक्षाओं के अतिरिक्त जीरो पीरियड लगाकर कमजोर विद्यार्थियों को केंद्रित अभ्यास कराया जाए।
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जिले के 483 सरकारी विद्यालयों में इन दिनों उपचारात्मक शिक्षण, अतिरिक्त अभ्यास सत्र और सतत मूल्यांकन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की स्थिति को समझते हुए उसे आवश्यक सहयोग दें। विद्यार्थियों को विशेष अभ्यास सामग्री जारी की गई है।
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- सैंपल पेपर किए जारी
तैयारी को और सुदृढ़ करने के लिए विभाग ने सैंपल पेपर भी जारी किए हैं। शिक्षक इन नमूना प्रश्नपत्रों के आधार पर बच्चों को नियमित अभ्यास करा रहे हैं, जिससे वे प्रश्नों को समझकर हल करने की आदत विकसित करें।
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- शुरुआती कक्षाओं का जांचा जाएगा बुनियादी सीख का स्तर
मार्च में कक्षा तीसरी के लिए प्रस्तावित लर्निंग स्टडी में यह आकलन किया जाएगा कि शुरुआती कक्षाओं में बुनियादी सीख का स्तर कितना मजबूत हुआ है। इससे यह देखा जाएगा कि बच्चे कक्षा स्तर के अनुरूप पढ़ने, लिखने और गणना करने में कितने सक्षम हैं।

प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की नींव मजबूत हो जाती है, तो आगे की पढ़ाई अपने आप सरल हो जाती है। इसी सोच के साथ इस बार वार्षिक परीक्षा को परिणाम नहीं, बल्कि वास्तविक सीख की कसौटी के रूप में देखा जा रहा है। -अंशुल, जिला समन्वयक
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