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Karnal News: दावों में कटौती करना पड़ा भारी, इलाज पर खर्च राशि और देना होगा हर्जाना

Sun, 28 Dec 2025 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sun, 28 Dec 2025 12:41 AM IST
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The reduction in claims was costly, including the cost of treatment and compensation.
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को सेवा में कोताही बरतने का दोषी पाया है। बीमा कंपनी ने उपभोक्ता के इलाज पर आए खर्च के दावों में कटौती की थी। आयोग ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह बीमा दावों से काटी गई राशि को ब्याज सहित उपभोक्ता को लौटाए और मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजा भी दें। करनाल के बड़ागांव निवासी शिकायतकर्ता गुलशन शर्मा ने अपने और परिवार के लिए एक्टिव हेल्थ इंश्योरेंस प्लान खरीदा था।
अगस्त 2023 में उनके नाबालिग बेटे दैविक को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के चलते करनाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके बेटे के इलाज पर 36539 रुपये का खर्च आया। उन्होंने इसके लिए आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से इलाज के खर्च क्लेम की फाइल जमा करवाई। कंपनी ने कैशलेस सुविधा के तहत केवल 32 हजार रुपये का ही भुगतान किया।
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कंपनी ने बिना किसी ठोस कारण के 4,539 रुपये काट लिए। आयोग के समक्ष शिकायतकर्ता गुलशन शर्मा का तर्क था कि चूंकि उनके पास 5 लाख रुपये तक का कवर था, इसलिए कंपनी को पूरी राशि का भुगतान करना चाहिए था। जबकि कंपनी ने उनके बेटे के इलाज पर खर्च हुई राशि में भी कटौती की है। आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्य नीरू अग्रवाल की पीठ ने मामले की समीक्षा करते हुए पाया कि बीमा कंपनी यह साबित करने में विफल रही कि कटौती किन नियमों या शर्तों के तहत की गई थी। आयोग ने ऐसे वैध दावों में इस तरह की कटौती करना सेवा में कमी माना।
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45 दिन के अंदर करना होगा भुगतान
आयोग ने फैसले में बीमा कंपनी को बकाया राशि का भुगतान यानी काटी गई राशि 4,539 रुपये को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ (दावा कटौती की तारीख से भुगतान तक) वापस किए जाने के आदेश जारी किए। साथ ही उपभोक्ता को हुई मानसिक पीड़ा और मुकदमेबाजी के खर्च के रूप में शिकायतकर्ता को 5 हजार रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए। इस आदेश का पालन आदेश की प्रति प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर करना होगा।
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