{"_id":"642897cee72d1a44c60a1d86","slug":"the-purchase-could-not-be-done-on-the-first-day-the-agencies-did-not-reach-the-farmers-karnal-news-c-18-knl1008-79483-2023-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: पहले दिन नहीं हो सकी खरीद, एजेंसियां तो कहीं किसान नहीं पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: पहले दिन नहीं हो सकी खरीद, एजेंसियां तो कहीं किसान नहीं पहुंचे
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। खराब मौसम के बीच शनिवार को जिले की सभी अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद अव्यवस्था का शिकार रही। कहीं खरीद एजेंसियां नहीं पहुंची तो कहीं किसान गेहूं लेकर नहीं आए। जिन मंडियों में किसान गेहूं लेकर पहुंचे उनका गेहूं नमी अधिक बताकर नहीं खरीदा जा सका। किसान गेहूं को दिनभर सुखाते नजर आए, लेकिन शाम को फिर मौसम के बदले मिजाज ने गेहूं को भिगो दिया। कुल मिलाकर जिले की 23 अनाज मंडियों, उप मंडियों व खरीद केंद्रों में से किसी पर भी एक क्विंटल भी सरकारी खरीद नहीं हो सकी। हालांकि कुछ मंडियों में प्राइवेट खरीद जरूर हुई है, क्योंकि इन दिनों गेहूं एमएसपी से अधिक पर बिक रहा है।
तीन दिनों से रुक रुक कर हो रही बारिश से अनाज मंडियों में कीचड़ जैसी स्थिति है। हालांकि सरकारी खरीद शनिवार से की जानी थी। जिसे लेकर करनाल सहित कई अनाज मंडियों में गेहूं लेकर किसान पहुंचे। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल के प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि शनिवार को मंडी में करीब 12 ट्रालियां लेकर किसान पहुंचे थे लेकिन सरकारी खरीद एजेंसियों के निरीक्षक या कर्मचारी नहीं पहुंचे। बताते हैं कि गेहूं में नमी अधिक थी। दिन में धूप निकली तो किसान गेहूं में धूप में सुखाते रहे लेकिन शाम को फिर बारिश हो जाने के कारण गेहूं भीग गया। हालांकि बारिश शुरू होने पर किसानों ने किसी तरह गेहूं को एकत्र करके बोरियां में भरा लेकिन तब तक नमी तो बढ़ ही गई। सरकारी खरीद नहीं हो सकी। अभी पूरी तरह कटाई शुरू नहीं हुई है, गेहूं भीगा हुआ है। कटाई शुरू होने में सप्ताहभर का समय लग सकता है। घरौंडा अनाज मंडी में दो ढेरी गेहूं की लगी लेकिन कोई सरकारी एजेंसी खरीदने के लिए ही नही पहुंची। जुंडला और इंद्री अनाज मंडी में एक भी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। असंध मंडी में भी यही स्थिति रही। यहां भी सिर्फ दो किसान की गेहूं लेकर पहुंचे लेकिन गेहूं बिक नहीं सका।
सभी अनाज मंडियों में निरीक्षकों व अन्य स्टाफ की मौजूदगी में खरीद की तैयारी है, लेकिन अभी मंडियों में गेहूं की आवक अपेक्षाकृत शुरू नहीं हुई है। जो किसान गेहूं लाएं हैं, उनमें नमी की अधिकता है, इसलिए आज किसी भी मंडी या खरीद केंद्र पर गेहूं की खरीद नहीं की जा सकी है।
विज्ञापन
- उधम सिंह, जिला प्रबंधक हैफेड करनाल
- सभी अनाज मंडियों में खरीद के लिए स्टाफ मौजूद रहा, लेकिन गेहूं की खरीद नमी की अधिकता के कारण नहीं हो सकी है। 12 से 14 प्रतिशत नमी तक ही गेहूं की खरीद की जाएगी। कुछ मंडियों में जो गेहूं आया है, उसमें नमी काफी अधिक है। दो चार दिनों में स्थिति ठीक हो जाएगी।
- अनिल कालरा, डीएफएससी करनाल
किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचे, आढ़ती करते रहे इंतजार
निसिंग। अनाज मंडी में शनिवार शाम तक कोई भी किसान अपना गेहूं लेकर नही पहुंचा। दिनभर आढ़ती और खरीद एजेंसियों के कर्मचारी अपने नमी मापक मशीनों के साथ किसानों का इंतजार करते रहे। मंडी सचिव बलवान सिंह ने बताया कि बेमौसमी बारिश होने की वजह से अनाज मंडी में गेहूं लेकर कोई भी किसान नहीं पहुंचा। मंडी में गेहूं खरीद के लिए सभी व्यवस्थाएं हो चुकी है। किसानों को मंडी में आने पर फसल को लेकर कोई भी परेशानी नहीं होगी। हैफेड और डीएफएससी दोनों एजेंसियां गेहूं की खरीद करेगी। खरीद के चलते बारदाने व लेबर की व्यवस्था पूरी हो चुकी हैं। संवाद
मंडी में सौ क्विंटल पहुंचा गेहूं
तरावड़ी। अनाज मंडी तरावड़ी में खरीद एजेंसी और मंडी प्रशासन तो तैयार रहा, लेकिन यहां भी जो किसान गेहूं लेकर पहुंचे, उनके गेहूं में नमी की अधिकता थी। दो किसान 100 क्विंटल गेहूं लेकर दुकान संख्या 49 पर पहुंचे। जिनकी ढेरियों से खरीद की शुरूआत की गई। वैसे तो खरीद की कार्रवाई पूरी कर ली गई, लेकिन एजेंसियों ने अभी उसकी विधिवत खरीद नहीं की है।
मंडी सचिव राजेन्द्र कुमार ने बताया कि अनाज मंडी के सभी खरीद केंद्रों किसानों की फसल को खरीदने के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता प्रबंध किए जाएं। अनाज मंडी के अध्यक्ष शीशपाल गुप्ता ने बताया कि खरीद की शुरूआत कर दी गई है। आढ़तियों में मिष्ठान भी वितरण किया गया। सफाई और पानी की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्वयं निरीक्षण भी किया है। स्थानीय प्रशासन ने वारदाने की व्यवस्था कर दी है, जिसे आढ़तियों में वितरण किया जा चुका है। इस मौके पर मंडी आढ़ती एसोसिएशन के सचिव यशपाल शर्मा, सुशील कुमार, राकेश हंस, पार्षद अमित बंसल, अजय जांगड़ा, पूर्व पार्षद सुशील कुमार , नारायण बंसल, बृजेश राणा, मोहनलाल गर्ग, विनोद कुमार ,कमलेश गुप्ता, शेखर चौधरी ,विकास गुप्ता, गुरबचन सिंह, सोम प्रकाश गर्ग तथा ओमप्रकाश शर्मा और विशु गर्ग समेत कई आढ़ती मौजूद थे।
कल से फिर बिगड़ सकता मौसम
करनाल। शनिवार सुबह से मौसम खुश्क रहा। दिनभर धूप खिली, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली। कुछ किसानों ने कटाई भी शुरू कराई। अनाज मंडियों में गेहूं लेकर पहुंचे किसानों ने आढ़तों के आगे गेहूं को फैला कर सुखाना भी शुरू किया, लेकिन शाम को फिर रिमझिम बारिश ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दीं। रविवार को मौसम खुश्क यानि साफ रह सकता है लेकिन इसके बाद तीन अप्रैल की शाम से फिर मौसम खराब हो सकता है, चार अप्रैल को गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
अभी किसानों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। पिछले तीन दिनों से रुक रुक कर हुई बारिश से गेहूं की फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। खेतों में फसल बिछ गई है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने भी 30 से 32 प्रतिशत नुकसान की आशंका जताई है। किसानों का कहना है कि फसलों में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान की जिला कृषि मौसम सेवा के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.योगेश कुमार ने बताया कि दो अप्रैल को मौसम खुश्क रहने की संभावना है। तीन अप्रैल को भी मौसम साफ रह सकता है लेकिन शाम को मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। चार अप्रैल को फिर गरज चमक के साथ हल्की बारिश की आशंका है। जहां भी फसल गिरी है या खड़ी है, दोनों ही स्थिति में किसान ध्यान रखें कि फसलों में यदि पानी भरा है तो उसकी निकासी का उचित प्रबंध करें। ब्यूरो
विज्ञापन
करनाल। खराब मौसम के बीच शनिवार को जिले की सभी अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद अव्यवस्था का शिकार रही। कहीं खरीद एजेंसियां नहीं पहुंची तो कहीं किसान गेहूं लेकर नहीं आए। जिन मंडियों में किसान गेहूं लेकर पहुंचे उनका गेहूं नमी अधिक बताकर नहीं खरीदा जा सका। किसान गेहूं को दिनभर सुखाते नजर आए, लेकिन शाम को फिर मौसम के बदले मिजाज ने गेहूं को भिगो दिया। कुल मिलाकर जिले की 23 अनाज मंडियों, उप मंडियों व खरीद केंद्रों में से किसी पर भी एक क्विंटल भी सरकारी खरीद नहीं हो सकी। हालांकि कुछ मंडियों में प्राइवेट खरीद जरूर हुई है, क्योंकि इन दिनों गेहूं एमएसपी से अधिक पर बिक रहा है।
तीन दिनों से रुक रुक कर हो रही बारिश से अनाज मंडियों में कीचड़ जैसी स्थिति है। हालांकि सरकारी खरीद शनिवार से की जानी थी। जिसे लेकर करनाल सहित कई अनाज मंडियों में गेहूं लेकर किसान पहुंचे। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल के प्रधान रजनीश चौधरी ने बताया कि शनिवार को मंडी में करीब 12 ट्रालियां लेकर किसान पहुंचे थे लेकिन सरकारी खरीद एजेंसियों के निरीक्षक या कर्मचारी नहीं पहुंचे। बताते हैं कि गेहूं में नमी अधिक थी। दिन में धूप निकली तो किसान गेहूं में धूप में सुखाते रहे लेकिन शाम को फिर बारिश हो जाने के कारण गेहूं भीग गया। हालांकि बारिश शुरू होने पर किसानों ने किसी तरह गेहूं को एकत्र करके बोरियां में भरा लेकिन तब तक नमी तो बढ़ ही गई। सरकारी खरीद नहीं हो सकी। अभी पूरी तरह कटाई शुरू नहीं हुई है, गेहूं भीगा हुआ है। कटाई शुरू होने में सप्ताहभर का समय लग सकता है। घरौंडा अनाज मंडी में दो ढेरी गेहूं की लगी लेकिन कोई सरकारी एजेंसी खरीदने के लिए ही नही पहुंची। जुंडला और इंद्री अनाज मंडी में एक भी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। असंध मंडी में भी यही स्थिति रही। यहां भी सिर्फ दो किसान की गेहूं लेकर पहुंचे लेकिन गेहूं बिक नहीं सका।
विज्ञापन
सभी अनाज मंडियों में निरीक्षकों व अन्य स्टाफ की मौजूदगी में खरीद की तैयारी है, लेकिन अभी मंडियों में गेहूं की आवक अपेक्षाकृत शुरू नहीं हुई है। जो किसान गेहूं लाएं हैं, उनमें नमी की अधिकता है, इसलिए आज किसी भी मंडी या खरीद केंद्र पर गेहूं की खरीद नहीं की जा सकी है।
विज्ञापन
- उधम सिंह, जिला प्रबंधक हैफेड करनाल
- सभी अनाज मंडियों में खरीद के लिए स्टाफ मौजूद रहा, लेकिन गेहूं की खरीद नमी की अधिकता के कारण नहीं हो सकी है। 12 से 14 प्रतिशत नमी तक ही गेहूं की खरीद की जाएगी। कुछ मंडियों में जो गेहूं आया है, उसमें नमी काफी अधिक है। दो चार दिनों में स्थिति ठीक हो जाएगी।
- अनिल कालरा, डीएफएससी करनाल
किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचे, आढ़ती करते रहे इंतजार
निसिंग। अनाज मंडी में शनिवार शाम तक कोई भी किसान अपना गेहूं लेकर नही पहुंचा। दिनभर आढ़ती और खरीद एजेंसियों के कर्मचारी अपने नमी मापक मशीनों के साथ किसानों का इंतजार करते रहे। मंडी सचिव बलवान सिंह ने बताया कि बेमौसमी बारिश होने की वजह से अनाज मंडी में गेहूं लेकर कोई भी किसान नहीं पहुंचा। मंडी में गेहूं खरीद के लिए सभी व्यवस्थाएं हो चुकी है। किसानों को मंडी में आने पर फसल को लेकर कोई भी परेशानी नहीं होगी। हैफेड और डीएफएससी दोनों एजेंसियां गेहूं की खरीद करेगी। खरीद के चलते बारदाने व लेबर की व्यवस्था पूरी हो चुकी हैं। संवाद
मंडी में सौ क्विंटल पहुंचा गेहूं
तरावड़ी। अनाज मंडी तरावड़ी में खरीद एजेंसी और मंडी प्रशासन तो तैयार रहा, लेकिन यहां भी जो किसान गेहूं लेकर पहुंचे, उनके गेहूं में नमी की अधिकता थी। दो किसान 100 क्विंटल गेहूं लेकर दुकान संख्या 49 पर पहुंचे। जिनकी ढेरियों से खरीद की शुरूआत की गई। वैसे तो खरीद की कार्रवाई पूरी कर ली गई, लेकिन एजेंसियों ने अभी उसकी विधिवत खरीद नहीं की है।
मंडी सचिव राजेन्द्र कुमार ने बताया कि अनाज मंडी के सभी खरीद केंद्रों किसानों की फसल को खरीदने के लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता प्रबंध किए जाएं। अनाज मंडी के अध्यक्ष शीशपाल गुप्ता ने बताया कि खरीद की शुरूआत कर दी गई है। आढ़तियों में मिष्ठान भी वितरण किया गया। सफाई और पानी की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्वयं निरीक्षण भी किया है। स्थानीय प्रशासन ने वारदाने की व्यवस्था कर दी है, जिसे आढ़तियों में वितरण किया जा चुका है। इस मौके पर मंडी आढ़ती एसोसिएशन के सचिव यशपाल शर्मा, सुशील कुमार, राकेश हंस, पार्षद अमित बंसल, अजय जांगड़ा, पूर्व पार्षद सुशील कुमार , नारायण बंसल, बृजेश राणा, मोहनलाल गर्ग, विनोद कुमार ,कमलेश गुप्ता, शेखर चौधरी ,विकास गुप्ता, गुरबचन सिंह, सोम प्रकाश गर्ग तथा ओमप्रकाश शर्मा और विशु गर्ग समेत कई आढ़ती मौजूद थे।
कल से फिर बिगड़ सकता मौसम
करनाल। शनिवार सुबह से मौसम खुश्क रहा। दिनभर धूप खिली, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली। कुछ किसानों ने कटाई भी शुरू कराई। अनाज मंडियों में गेहूं लेकर पहुंचे किसानों ने आढ़तों के आगे गेहूं को फैला कर सुखाना भी शुरू किया, लेकिन शाम को फिर रिमझिम बारिश ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दीं। रविवार को मौसम खुश्क यानि साफ रह सकता है लेकिन इसके बाद तीन अप्रैल की शाम से फिर मौसम खराब हो सकता है, चार अप्रैल को गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
अभी किसानों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। पिछले तीन दिनों से रुक रुक कर हुई बारिश से गेहूं की फसलों को भारी नुकसान की आशंका है। खेतों में फसल बिछ गई है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने भी 30 से 32 प्रतिशत नुकसान की आशंका जताई है। किसानों का कहना है कि फसलों में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान की जिला कृषि मौसम सेवा के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.योगेश कुमार ने बताया कि दो अप्रैल को मौसम खुश्क रहने की संभावना है। तीन अप्रैल को भी मौसम साफ रह सकता है लेकिन शाम को मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। चार अप्रैल को फिर गरज चमक के साथ हल्की बारिश की आशंका है। जहां भी फसल गिरी है या खड़ी है, दोनों ही स्थिति में किसान ध्यान रखें कि फसलों में यदि पानी भरा है तो उसकी निकासी का उचित प्रबंध करें। ब्यूरो