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गरीब के उदय से ही होगा पंचायतों का उदय : मनोहर लाल
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Mon, 25 Apr 2016 12:50 AM IST
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मुख्यमंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि सरकार ग्रामीण विकास पर पूरा ध्यान देगी। इसके लिए सरकार द्वारा कई महत्वकांक्षी योजनाओं की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार से अधिक की आबादी वाले गांवों को शहरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा तथा उन गांवों को महाग्राम के नाम से जाना जाएगा। प्रदेश में ऐसे 120 को चिन्हित कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि गरीबों के उदय से ही पंचायतों का उदय होगा।
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मुख्यमंत्री रविवार को गांव काछवा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के समापन अवसर पर कार्यक्रम सुनने के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 2500 गांवों में अगले साल तक ब्राडबैंड नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी जबकि आगामी तीन वर्षों में प्रदेश के सभी गांवों में स्थापित होने वाले ग्राम सचिवालयों में ब्राडबैंड नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध करवाने का लक्ष्य है। ग्राम उदय से भारत उदय अभियान ग्रामीण अंचल के विकास में एक नई गौरवगाथा लिखने का काम करेगा।
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इस अभियान के तहत देहात के विकास पर जोर देने की रणनीति तैयार कर ली गई है। भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रदेश के हर गांव में एक सोशल ऑडिट टीम का गठन किया जाएगा, जिसमें अवकाश प्राप्त कर्मचारी, पूर्व सरपंच, एक्स सर्विसमैन तथा जिला प्रशासन की ओर से शामिल किये जाने वाले कर्मचारी शामिल होंगे। इस प्रकार 11 लोगों की एक टीम हर गांव में गठित होगी। इस टीम द्वारा एनओसी दिये जाने के उपरांत ही विकास का संबंधित कार्य संपन्न माना जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गांव के विकास के लिए तीन महीने में कम से कम एक बार ग्राम सभा की मीटिंग आयोजित की जाएगी, जिसमें जिला प्रशासन के अधिकारी भी भाग लेंगे।
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निर्मल गांवों के विकास के लिए मिलेगी एक लाख की राशि
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि करनाल ब्लॉक में पूरी तरह से निर्मल हो चुके गांवों को सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए एक लाख रुपये की धनराशि इनाम के रूप में दी जाएगी। संबंधित पंचायत समिति को विकास कार्यों के लिए 5 लाख रूपये जबकि जिला परिषद को 20 लाख रुपये की धनराशि विकास कार्यों के लिए दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा शौचालय बनाने के लिए 12 हजार रुपये की धनराशि संबंधित लोगों को देने का प्रावधान है। देश का समुचित विकास करने के लिए गांव का समुचित विकास करना लाजमी है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में प्रदेश को पूरी तरह कैरोसिन मुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। गांव काछवा में संबंधित विषय को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गांव में 2800 परिवारों में से 2700 के पास गैस की व्यवस्था है, लेकिन आगामी तीन महीने में शेष बचे 100 लोगों के पास भी गैस सिलेंडर की व्यवस्था होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में ग्रामीण आंचल समाज और राष्ट्र की प्रगति में उल्लेखनीय भूमिका अदा करने वाला है। समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए ग्रामीण अंचल का विकास अति अनिवार्य है। इस दिशा में केन्द्र और राज्य सरकार बहुत ही जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गांव में अस्पताल, आंगनबाड़ी तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो, हम ऐसी व्यवस्था करने जा रहे है। इस मौके पर ओएसडी अमरेन्द्र सिंह, नगर निगम की मेयर रेनू बाला गुप्ता, गांव के सरपंच अजय कुमार, मेहर सिंह कलामपुरा, अमर ठक्कर, पूर्व सरपंच सुरेश घई, समाज सेवी बृज गुप्ता मौजूद रहे।
गांव में कच्चे मकानों की स्थिति के बारे में जाना
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों और गांव के सरपंच से गांव काछवा में कच्चे मकानों की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली। इस संदर्भ में सरपंच ने बताया कि गांव में कच्चे मकानों की संख्या लगभग 25 है। मुख्यमंत्री ने सरपंच से पूछा कि ऐसे कच्चे घरों को पक्का बनाने के लिए ग्राम पंचायत कितना सहयोग करेगी? सरपंच अजय कुमार ने कहा कि ग्राम पंचायत की ओर से 50 हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी, जिस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दरियादिली दिखाते हुए कहा कि डेढ़ लाख रुपये सरकार अपनी तरफ से उपलब्ध करवाएगी और इस प्रकार 2 लाख रुपये की लागत से संबंधित लोगों के कच्चे मकान पक्के बन जाएगे।